#रांची #विधिक_जागरूकता : मैकलुस्कीगंज में ग्रामीणों को कानून, नशा मुक्ति और योजनाओं की जानकारी दी गई।
रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा खलारी प्रखंड के मैकलुस्कीगंज स्थित हेसालॉंग गांव में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। 90 दिवसीय गहन अभियान के तहत ग्रामीणों को नशा मुक्ति, बाल संरक्षण, नि:शुल्क कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में नालसा की नई “डॉन-2025” योजना पर विशेष चर्चा करते हुए युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने का संदेश दिया गया।
- मैकलुस्कीगंज के हेसालॉंग गांव में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ।
- कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार रांची द्वारा 90 दिवसीय अभियान के तहत किया गया।
- ग्रामीणों को नशा मुक्ति, बाल विवाह, बाल श्रम और कानूनी सहायता की जानकारी दी गई।
- “नालसा डॉन-2025” योजना के तहत युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक किया गया।
- कार्यक्रम में टोल फ्री नंबर 15100 की जानकारी भी साझा की गई।
- कई सरकारी योजनाओं और पीड़ित मुआवजा योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में खलारी प्रखंड अंतर्गत मैकलुस्कीगंज के हेसालॉंग गांव में एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करना था।
यह कार्यक्रम न्यायमूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष झालसा सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश, सदस्य सचिव झालसा कुमारी रंजना अस्थाना एवं न्यायायुक्त रांची अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डालसा सचिव राकेश रौशन की उपस्थिति भी रही।
नशा मुक्ति अभियान पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान पीएलवी मुन्नु शर्मा ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा संचालित “डॉन-2025” योजना की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को दी। उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं और समाज को मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव से बचाना तथा नशे से प्रभावित लोगों को कानूनी और सामाजिक सहायता उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि नालसा ने वर्ष 2015 की पुरानी योजना को अपडेट करते हुए जून 2025 में “नालसा डॉन-ड्रग जागरूकता एवं कल्याण मार्गदर्शन योजना 2025” लागू की है। इस योजना के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ पीड़ितों को इलाज, काउंसलिंग और समाज में पुनर्स्थापन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
पीएलवी मुन्नु शर्मा ने कहा: “नशा केवल व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। युवाओं को जागरूक कर ही इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।”
उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है तो उसे छिपाने के बजाय मदद दिलाने का प्रयास करें।
बाल विवाह और बाल श्रम पर दी गई जानकारी
कार्यक्रम में पीएलवी रंजना गिरी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली नि:शुल्क कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोग बिना किसी शुल्क के कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
वहीं रंजना गिरी और विकास भुईंया ने बाल विवाह, बाल श्रम और पीड़ित मुआवजा योजना के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि बाल विवाह और बाल श्रम कानूनन अपराध हैं और समाज को मिलकर इन कुरीतियों के खिलाफ जागरूक होना होगा।
रंजना गिरी ने कहा: “बच्चों का अधिकार शिक्षा और सुरक्षित बचपन है। समाज को बाल विवाह और बाल श्रम जैसी कुरीतियों के खिलाफ खुलकर आवाज उठानी चाहिए।”
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या अपराध से पीड़ित लोगों को सरकार द्वारा मुआवजा और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
टोल फ्री नंबर 15100 की दी जानकारी
पीएलवी विकास भुईंया और राम उरांव ने लोगों को नालसा के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी कानूनी समस्या या सहायता की आवश्यकता होने पर लोग इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
ग्रामीणों को बताया गया कि विधिक सेवा प्राधिकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना है। इसके लिए गांव-गांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
सरकारी योजनाओं पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, मईंया सम्मान योजना सहित केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। उपस्थित लोगों को योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया समझाई गई ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोग सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
ग्रामीणों ने कार्यक्रम में रुचि दिखाते हुए कई सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों और पीएलवी सदस्यों ने सरल भाषा में जवाब दिया।
ग्रामीणों ने बताया उपयोगी पहल
कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम गांवों के लिए बेहद जरूरी हैं। कई लोगों को पहली बार कानूनी सहायता, मुआवजा योजना और नशा मुक्ति अभियान की विस्तृत जानकारी मिली।
मौके पर पीएलवी मुन्नु शर्मा, रंजना गिरी, विकास कुमार, राम उरांव, जलेश्वर महतो एवं संतोष कुमार सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।
न्यूज़ देखो: जागरूक समाज ही मजबूत न्याय व्यवस्था की पहचान
ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी जानकारी की कमी अक्सर लोगों को उनके अधिकारों से दूर कर देती है। ऐसे में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान समाज को जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। नशा मुक्ति, बाल संरक्षण और कानूनी सहायता जैसे मुद्दों पर लगातार संवाद समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। अब जरूरत है कि ऐसे कार्यक्रम अधिक से अधिक गांवों तक पहुंचें और लोग अपने अधिकारों के प्रति सजग बनें।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक नागरिक बनें, समाज को सुरक्षित और मजबूत बनाएं
कानून की जानकारी हर व्यक्ति का अधिकार है और जागरूकता ही सामाजिक बदलाव की पहली सीढ़ी होती है।
नशा, बाल श्रम और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ मिलकर आवाज उठाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
अपने आसपास जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं और कानूनी सहायता की जानकारी जरूर दें।
सजग समाज ही सुरक्षित और मजबूत राष्ट्र की पहचान बनता है।
अपनी राय कमेंट करें, खबर को साझा करें और जागरूकता फैलाने में भागीदार बनें।

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