
#पांकी #पलामू #नशामुक्त_अभियान : पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में वन भूमि पर उगाई गई अफीम की फसल पूरी तरह नष्ट।
पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती के खिलाफ पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार 13 जनवरी 2026 को ग्राम जांजो के जंगली इलाके में वन भूमि पर करीब पांच एकड़ में उगाई गई अफीम की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई नशामुक्त समाज की दिशा में प्रशासन के सख्त रुख को दर्शाती है। अधिकारियों ने इस अवैध खेती में शामिल लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
- पांकी थाना क्षेत्र के जांजो गांव के जंगली इलाके में कार्रवाई।
- वन भूमि पर करीब 05 एकड़ में अवैध अफीम की खेती नष्ट।
- पुलिस और वन विभाग की संयुक्त छापेमारी।
- अफीम की खड़ी फसल को उखाड़कर पूरी तरह विनष्ट किया गया।
- वन अधिनियम के तहत आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी।
पलामू जिले में नशे के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पांकी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जांजो के घने जंगली इलाके में पुलिस और वन विभाग ने मिलकर अवैध अफीम की खेती पर बड़ी कार्रवाई की। मंगलवार 13 जनवरी 2026 को की गई इस कार्रवाई में वन भूमि पर अवैध रूप से उगाई गई करीब पांच एकड़ अफीम की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
जंगल का फायदा उठाकर की जा रही थी अवैध खेती
जानकारी के अनुसार, जांजो गांव के आसपास के जंगलों में लंबे समय से अफीम की खेती किए जाने की गुप्त सूचना पुलिस को मिल रही थी। तस्कर और खेती करने वाले लोग घने जंगल और वन भूमि का फायदा उठाकर चोरी-छिपे नशीली फसलों की खेती कर रहे थे। यह इलाका दुर्गम होने के कारण सामान्य निगरानी से बचा रहता था।
संयुक्त छापेमारी से मिली सफलता
सूचना की पुष्टि के बाद पांकी थाना के पदाधिकारियों ने ताल पिकेट की पुलिस टीम और वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर संयुक्त अभियान की योजना बनाई। टीम ने जंगली इलाके में पैदल और रणनीतिक तरीके से प्रवेश कर अवैध खेती वाले क्षेत्र की घेराबंदी की। मौके पर पहुंचते ही पुलिस और वन विभाग की टीम ने अफीम की खड़ी फसल को उखाड़ना शुरू किया।
पांच एकड़ में फैली थी अफीम की खेती
कार्रवाई के दौरान पाया गया कि वन भूमि पर करीब 05 एकड़ क्षेत्रफल में अफीम की फसल लगी हुई थी। पूरी फसल को मौके पर ही उखाड़कर नष्ट कर दिया गया, ताकि उसका किसी भी प्रकार से अवैध उपयोग न हो सके। अधिकारियों ने बताया कि यह खेती पूरी तरह गैरकानूनी थी और वन संपदा को भी नुकसान पहुंचा रही थी।
वन अधिनियम के तहत होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह मामला केवल अवैध खेती का ही नहीं, बल्कि सरकारी वन भूमि के दुरुपयोग का भी है। पुलिस और वन विभाग अब संयुक्त रूप से इस अवैध खेती में शामिल लोगों की पहचान कर रहे हैं। पहचान होते ही संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वन अधिनियम (Forest Act) के तहत वन वाद दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नशामुक्त समाज की दिशा में सख्त संदेश
इस कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन ने स्थानीय ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों के लोगों से अपील की है कि वे अवैध और नशीली फसलों की खेती से दूर रहें। अधिकारियों ने कहा कि अफीम की खेती न केवल कानूनन गंभीर अपराध है, बल्कि यह समाज, विशेषकर युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए भी घातक है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
पुलिस ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे। किसी भी तरह की नशीली खेती, तस्करी या अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने ग्रामीणों से सहयोग की भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी अफीम या अन्य नशीली फसलों की खेती की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचित करें।
स्थानीय स्तर पर मिला समर्थन
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के कई सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन की पहल का समर्थन किया है। लोगों का कहना है कि नशे के कारण कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं और ऐसे में अफीम जैसी फसलों पर रोक बेहद जरूरी है। प्रशासन की यह कार्रवाई नशामुक्त समाज की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।
न्यूज़ देखो: नशे के खिलाफ निर्णायक कदम
पांकी के जांजो इलाके में की गई यह कार्रवाई दिखाती है कि पुलिस और वन विभाग अब अवैध नशीली खेती को लेकर किसी तरह की ढिलाई नहीं बरत रहे हैं। वन भूमि पर हो रही अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना पर्यावरण और समाज दोनों के लिए जरूरी है। अब चुनौती यह है कि इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नशामुक्त समाज की जिम्मेदारी हम सबकी
नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है। अगर हम समय रहते आवाज उठाएं और अवैध गतिविधियों की जानकारी साझा करें, तो अपने क्षेत्र को सुरक्षित बना सकते हैं।
आप इस कार्रवाई को कैसे देखते हैं? अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और नशामुक्त समाज के संकल्प को मजबूत करें।





