
#सिमडेगा #पर्यटन_सुरक्षा : हेलमेट अनिवार्य और गति नियंत्रण के साथ पर्यटन स्थलों पर सख्ती।
सिमडेगा जिले के बानो क्षेत्र में पर्यटन स्थलों की सुरक्षा और पर्यटकों की सुविधा को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने अहम कदम उठाया है। तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया की अध्यक्षता में रनिया, तोरपा और तपकारा थाना प्रभारियों तथा स्थानीय पर्यटन मित्रों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोपहिया वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक और पर्यटन स्थलों पर बेहतर व्यवस्था को लेकर ठोस निर्णय लिए गए। इन फैसलों का उद्देश्य पर्यटन को सुरक्षित, व्यवस्थित और सौहार्दपूर्ण बनाना है।
- तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया की अध्यक्षता में सुरक्षा व सुविधा पर चर्चा।
- रनिया, तोरपा और तपकारा थाना प्रभारियों की संयुक्त भागीदारी।
- बिना हेलमेट दोपहिया वाहनों का प्रवेश वर्जित करने का निर्णय।
- मुख्य चौक-चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती से गति नियंत्रण।
- पर्यटन मित्रों को सौहार्दपूर्ण व्यवहार के निर्देश।
- फैसलों को ग्रामीणों और समाजसेवियों का समर्थन।
सिमडेगा जिले के बानो क्षेत्र अंतर्गत प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर लगातार बढ़ रही भीड़ और सड़क दुर्घटनाओं की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने समन्वित पहल की है। इसी क्रम में तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पर्यटन स्थलों की सुविधा, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में रनिया, तोरपा और तपकारा थाना क्षेत्रों के पर्यटन स्थलों जैसे पेरवा घाघ, चंचला घाघ, पंडा पुडिंग और सात धारा से जुड़े पर्यटन मित्रों को आमंत्रित किया गया, ताकि जमीनी स्तर की समस्याओं और समाधान पर साझा विचार किया जा सके।
दुर्घटनाओं की रोकथाम पर विशेष फोकस
बैठक का मुख्य एजेंडा दोपहिया वाहनों से हो रही दुर्घटनाओं पर नियंत्रण रहा। पिछले कुछ समय से हेलमेट न पहनने और तेज गति के कारण कई दुर्घटनाएं सामने आई थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन और पर्यटन मित्रों की सर्वसम्मति से कड़े निर्णय लिए गए।
बिना हेलमेट प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध
बैठक में निर्णय लिया गया कि अब बिना हेलमेट दोपहिया वाहनों का पर्यटन स्थलों में प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। इस नियम के पालन में स्थानीय पुलिस बल पर्यटन मित्रों को सहयोग करेगा, ताकि नियम प्रभावी ढंग से लागू हो सके।
गति नियंत्रण के लिए पुलिस तैनाती
तेज रफ्तार वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी मुख्य चौक-चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती का फैसला लिया गया। इससे न केवल गति पर नियंत्रण रहेगा, बल्कि पर्यटकों और स्थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी।
पर्यटन मित्रों की भूमिका होगी अहम
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पर्यटन स्थलों पर कार्यरत पर्यटन मित्र पर्यटकों के साथ सौहार्दपूर्ण और सहयोगात्मक व्यवहार करेंगे। उनका उद्देश्य केवल नियम लागू कराना नहीं, बल्कि पर्यटकों को सुरक्षित और सकारात्मक अनुभव देना होगा।
पर्यटन मित्रों को यह जिम्मेदारी दी गई कि वे आने वाले सैलानियों को स्थानीय नियमों, सुरक्षा उपायों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करें।
बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी और प्रतिनिधि
इस अहम बैठक में कई प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं:
- अशोक कुमार सिंह, तोरपा थाना इंस्पेक्टर
- मुकेश यादव, तोरपा थाना प्रभारी
- नितेश कुमार, तपकारा थाना प्रभारी
- श्यामल कुमार, रनिया थाना प्रभारी
- पर्यटन मित्र कृष्णा चिक बड़ाइक, हिंगूआ गुड़िया, सुखराम गुड़िया सहित अन्य
सभी ने अपने-अपने क्षेत्र के अनुभव साझा किए और व्यावहारिक समाधान सुझाए।
ग्रामीणों और समाजसेवियों ने बताया सराहनीय कदम
बैठक में लिए गए निर्णयों का ग्रामीणों, समाजसेवियों और स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। उनका मानना है कि यदि हेलमेट और गति नियंत्रण जैसे नियम सख्ती से लागू होते हैं, तो दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी और पर्यटन स्थलों की छवि भी बेहतर होगी।
स्थानीय समाजसेवियों ने कहा कि:
“पर्यटन तभी फलता-फूलता है जब सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित हों। यह फैसला क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी था।”
सुरक्षित पर्यटन की दिशा में ठोस पहल
तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने बैठक के दौरान कहा कि पर्यटन क्षेत्र का विकास तभी संभव है जब पर्यटक सुरक्षित महसूस करें। उन्होंने प्रशासन और पर्यटन मित्रों के समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि आगे भी ऐसी बैठकों के माध्यम से समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय और बुनियादी सुविधाओं पर भी विचार किया जाएगा।

न्यूज़ देखो: सुरक्षित पर्यटन की ओर मजबूत कदम
इस बैठक से यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन, जनप्रतिनिधि और स्थानीय समुदाय मिलकर पर्यटन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए गंभीर हैं। हेलमेट अनिवार्यता और गति नियंत्रण जैसे फैसले सिर्फ नियम नहीं, बल्कि जीवन सुरक्षा का माध्यम हैं। अब देखने वाली बात होगी कि इन निर्णयों का जमीनी क्रियान्वयन कितना प्रभावी होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षा से ही संवरता है पर्यटन का भविष्य
पर्यटन स्थलों पर नियमों का पालन केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
हेलमेट पहनें, गति नियंत्रित रखें और दूसरों को भी सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित करें।
यदि आपको यह पहल सही लगी, तो अपनी राय कमेंट करें, खबर साझा करें और जागरूकता फैलाने में भागीदार बनें।





