
#दुमका #पुलिस_शहादत : घायलों की जान बचाने के बाद सड़क हादसे में गई जांबाज एसआई की जान
- शिकारीपाड़ा थाना में पदस्थापित सब-इंस्पेक्टर हेमन्त भगत की सड़क हादसे में मौत।
- दो गिट्टी लदे ट्रकों की टक्कर के बाद घायलों को पहुंचाया था सीएचसी शिकारीपाड़ा।
- सड़क क्लीयर कराने के दौरान तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आए एसआई।
- मौके पर ही हुई मौत, पूरे पुलिस महकमे में शोक।
- कर्तव्य निभाते हुए ड्यूटी के दौरान शहादत, इलाके में शोक की लहर।
दुमका जिले से एक बेहद हृदयविदारक और दुखद खबर सामने आई है, जिसने न केवल पुलिस विभाग बल्कि पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया है। शिकारीपाड़ा थाना में पदस्थापित सब-इंस्पेक्टर हेमन्त भगत की ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ, जब वे पूरी निष्ठा और कर्तव्य भावना के साथ सड़क पर यातायात व्यवस्था बहाल कराने में जुटे हुए थे।
जानकारी के अनुसार, शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में दो गिट्टी लदे भारी ट्रकों की आपसी टक्कर हो गई थी। इस भीषण दुर्घटना में ट्रक के चालक और खलासी समेत कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल शिकारीपाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया।
घायलों को अस्पताल पहुंचाकर फिर लौटे ड्यूटी पर
सब-इंस्पेक्टर हेमन्त भगत ने मानवीय संवेदना और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए सबसे पहले घायलों की जान बचाने को प्राथमिकता दी। वे स्वयं घायलों को अस्पताल पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। घायलों को सीएचसी में भर्ती कराने के बाद, उन्होंने राहत की सांस लेने के बजाय फिर से दुर्घटनास्थल पर लौटने का निर्णय लिया, ताकि सड़क पर फैले मलबे को हटवाकर यातायात सामान्य किया जा सके।
यह वही क्षण था, जिसने इस जांबाज अधिकारी की जिंदगी छीन ली।
सड़क क्लीयर कराने के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
बताया जा रहा है कि जब एसआई हेमन्त भगत सड़क पर खड़े होकर यातायात को नियंत्रित कर रहे थे और सड़क क्लीयर कराने की प्रक्रिया में लगे थे, तभी एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। आसपास मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों के लिए यह दृश्य बेहद स्तब्ध कर देने वाला था।
घटना के तुरंत बाद उन्हें बचाने का कोई मौका नहीं मिल सका। ड्यूटी के दौरान एक जिम्मेदार और कर्मठ पुलिस अधिकारी की इस तरह की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया।
पुलिस विभाग में शोक की लहर
एसआई हेमन्त भगत की शहादत की खबर फैलते ही दुमका जिला पुलिस, शिकारीपाड़ा थाना और पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। उनके सहयोगी अधिकारी और जवान इस घटना से गहरे सदमे में हैं। हर कोई यही कहता नजर आया कि हेमन्त भगत एक कर्तव्यनिष्ठ, ईमानदार और साहसी अधिकारी थे, जो हमेशा जनता की सेवा के लिए तत्पर रहते थे।
थाना परिसर में शोक का माहौल रहा। कई पुलिसकर्मियों की आंखें नम थीं, जिन्होंने अपने साथी को खो दिया।
इलाके में भी गहरा दुख और आक्रोश
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी गहरा दुख देखा गया। ग्रामीणों और आम नागरिकों ने कहा कि एसआई हेमन्त भगत हमेशा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ लोगों की मदद के लिए आगे रहते थे। उनकी मौत को लोग सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि ड्यूटी के दौरान शहादत के रूप में देख रहे हैं।
कुछ लोगों ने सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि दुर्घटनास्थल पर यातायात नियमों का सख्ती से पालन होता, तो शायद यह अनहोनी टाली जा सकती थी।
शहीद अधिकारी को श्रद्धांजलि
पुलिस विभाग की ओर से दिवंगत एसआई हेमन्त भगत को श्रद्धांजलि देने की तैयारी की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, उन्हें पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी और उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
उनकी शहादत एक बार फिर यह याद दिलाती है कि पुलिसकर्मी किस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर समाज और जनता की सुरक्षा में जुटे रहते हैं।
न्यूज़ देखो: ड्यूटी के दौरान जान गंवाना नहीं, यह है शहादत
सब-इंस्पेक्टर हेमन्त भगत की मौत एक साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि कर्तव्य पथ पर दिया गया सर्वोच्च बलिदान है। घायलों की मदद करने के बाद भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारी नहीं छोड़ी और सड़क क्लीयर कराने लौटे। यही जज्बा उन्हें एक सच्चा पुलिसकर्मी बनाता है। उनकी शहादत को दुमका और झारखंड हमेशा याद रखेगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
कर्तव्य से बड़ा कुछ नहीं
एसआई हेमन्त भगत का बलिदान हमें यह सिखाता है कि वर्दी सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का प्रतीक है।
तेज रफ्तार और लापरवाही किसी की जान ले सकती है — यह हम सभी के लिए चेतावनी है।
आप भी सड़क पर जिम्मेदार नागरिक बनें, नियमों का पालन करें और इस खबर को साझा कर शहीद को सच्ची श्रद्धांजलि दें।





