
#हुसैनाबाद #पलामू #सीमा_सुरक्षा : सोन नदी डीला में झारखंड और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई।
बिहार–झारखंड सीमा पर अपराध और अवैध शराब कारोबार के खिलाफ पुलिस ने रविवार को संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया। सोन नदी के डीला क्षेत्र में बिहार और झारखंड पुलिस की टीमों ने सघन तलाशी ली। यह कार्रवाई सीमा क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और शराब माफियाओं की सक्रियता को देखते हुए की गई। अभियान से भले ही तत्काल बरामदगी न हुई हो, लेकिन अपराधियों में स्पष्ट भय का माहौल बना है।
- झारखंड पुलिस और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने सोन नदी डीला में छापेमारी की।
- अभियान का नेतृत्व नौहट्टा थानाध्यक्ष दीवाकर कुमार ने किया।
- हुसैनाबाद देवरी ओपी प्रभारी बबलू कुमार की सक्रिय भूमिका रही।
- जंगल और टापू क्षेत्र में करीब दो घंटे तक सघन तलाशी ली गई।
- कार्रवाई से सीमा क्षेत्र में शराब माफियाओं और अपराधियों में दहशत का माहौल।
बिहार–झारखंड की सीमा पर स्थित सोन नदी का डीला क्षेत्र लंबे समय से अवैध शराब कारोबार, अपराधियों की आवाजाही और मादक पदार्थों की खेती को लेकर संवेदनशील माना जाता रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए रविवार को झारखंड और बिहार पुलिस ने एक बार फिर संयुक्त रूप से अभियान चलाया। पुलिस को लगातार यह सूचना मिल रही थी कि सीमा के इस दुर्गम और जंगलनुमा क्षेत्र में शराब माफिया और असामाजिक तत्व सक्रिय हैं, जो नदी और जंगल की आड़ लेकर अवैध गतिविधियों को अंजाम देते हैं।
कैसे चला संयुक्त छापेमारी अभियान
रविवार को बिहार के नौहट्टा थानाध्यक्ष दीवाकर कुमार के नेतृत्व में बिहार पुलिस की टीम, झारखंड के हुसैनाबाद देवरी ओपी प्रभारी बबलू कुमार के सहयोग से सोन नदी डीला के जंगल और टापू क्षेत्र में दाखिल हुई। दोनों राज्यों की पुलिस ने आपसी समन्वय के साथ क्षेत्र को चारों ओर से घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया।
सूत्रों के अनुसार, जैसे ही पुलिस की मौजूदगी की भनक असामाजिक तत्वों को लगी, वे जंगल और नदी किनारे की आड़ लेकर मौके से फरार हो गए। इसके बावजूद पुलिस ने करीब दो घंटे तक इलाके की गहन तलाशी ली, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध सामग्री या संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके।
बरामदगी नहीं, लेकिन असर साफ
हालांकि इस अभियान के दौरान कोई ठोस बरामदगी नहीं हो सकी, लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसी कार्रवाइयों का मनोवैज्ञानिक असर बेहद महत्वपूर्ण होता है। लगातार पुलिस दबाव के कारण सीमा क्षेत्र में सक्रिय शराब माफिया और अपराधी अब सतर्क हो गए हैं।
नौहट्टा थानाध्यक्ष दीवाकर कुमार ने कहा: “सीमा क्षेत्र में अपराध और अवैध शराब कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संयुक्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।”
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब सोन नदी डीला क्षेत्र पुलिस कार्रवाई का केंद्र बना हो। पिछले वर्ष इसी इलाके में रोहतास एसपी और हुसैनाबाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एस. मोहम्मद याकूब के नेतृत्व में छापेमारी कर अवैध पोस्ते की खेती को नष्ट किया गया था। इस वर्ष भी दोनों राज्यों के आला अधिकारियों के निर्देश पर डीला क्षेत्र का निरीक्षण किया गया और संभावित अवैध गतिविधियों का जायजा लिया गया।
सीमा क्षेत्र क्यों है संवेदनशील
सोन नदी का डीला इलाका भौगोलिक दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण है। नदी, टापू और घने जंगल अपराधियों को छिपने और एक राज्य से दूसरे राज्य में आसानी से आवाजाही का मौका देते हैं। यही वजह है कि शराब माफिया और अन्य अपराधी इस क्षेत्र को सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश करते रहे हैं।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि जब तक दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर साझा रणनीति के तहत कार्रवाई नहीं करेगी, तब तक सीमा क्षेत्र में अपराध पर पूरी तरह अंकुश लगाना मुश्किल है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
पुलिस अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है। सीमा क्षेत्र में निगरानी और छापेमारी को और तेज किया जाएगा। शराब तस्करी, मादक पदार्थों की खेती और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
देवरी ओपी प्रभारी बबलू कुमार ने कहा: “संयुक्त कार्रवाई से अपराधियों का मनोबल टूटेगा। पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है।”
न्यूज़ देखो: सीमा सुरक्षा में सख्ती, अपराधियों के लिए बंद हो रहे रास्ते
सोन नदी डीला में हुई यह संयुक्त छापेमारी बताती है कि बिहार और झारखंड पुलिस अब सीमा अपराधों को लेकर गंभीर है। भले ही तत्काल बरामदगी न हुई हो, लेकिन लगातार दबाव से अवैध कारोबारियों की कमर टूटना तय है। सवाल यह है कि क्या इस अभियान को नियमित और स्थायी रूप दिया जाएगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सजग सीमा, सुरक्षित समाज की ओर एक कदम
सीमा क्षेत्रों में होने वाले अपराध केवल एक जिले या राज्य की समस्या नहीं होते, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करते हैं। पुलिस की इस पहल से यह संदेश जाता है कि कानून से बचना आसान नहीं है। अगर आप अपने आसपास अवैध गतिविधियों की जानकारी रखते हैं, तो प्रशासन को सूचित करें। खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट में दें और समाज को सुरक्षित बनाने की इस मुहिम में भागीदार बनें।





