#लातेहार #नशामुक्ति_अभियान : जिलेभर में चौपाल, नुक्कड़ नाटक और प्रतियोगिताओं से चलेगा जनजागरूकता अभियान।
लातेहार जिला मुख्यालय में बुधवार को राज्यव्यापी नशा मुक्ति अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई। उपायुक्त संदीप कुमार और पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 10 जून से 25 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत जिलेभर में लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा। प्रशासन ने युवाओं और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कई जनजागरूकता कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है।
- उपायुक्त संदीप कुमार और पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी।
- 10 जून से 25 जून 2026 तक जिलेभर में चलेगा नशा विरोधी जनजागरूकता अभियान।
- ग्राम चौपाल, नुक्कड़ नाटक, चित्रांकन और क्विज प्रतियोगिताओं के जरिए लोगों को किया जाएगा जागरूक।
- जिला समाज कल्याण विभाग विभिन्न विभागों के सहयोग से चला रहा अभियान।
- नशे से मुक्ति के लिए प्रशासन ने टोल फ्री नंबर 112 पर संपर्क करने की अपील की।
- कार्यक्रम में कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और विभागीय पदाधिकारियों की रही मौजूदगी।
लातेहार जिला मुख्यालय में बुधवार को नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान की शुरुआत के साथ प्रशासन ने समाज को एक मजबूत संदेश देने का प्रयास किया। राज्य सरकार द्वारा 10 जून से 25 जून 2026 तक चलाए जा रहे निषिद्ध मादक पदार्थ विरोधी अभियान के तहत जिले में कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य खासकर युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में नशे के बढ़ते प्रभाव को रोकना और लोगों को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम का शुभारंभ समाहरणालय परिसर से किया गया, जहां प्रशासनिक अधिकारियों ने सामूहिक रूप से समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।
समाहरणालय परिसर से रवाना हुआ जागरूकता रथ
बुधवार को समाहरणालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उपायुक्त संदीप कुमार एवं पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेगा।
इस अवसर पर समाहरणालय सभाकक्ष में दीप प्रज्वलित कर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कर्मियों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। प्रशासन का मानना है कि केवल कानून के सहारे नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता और जनभागीदारी के माध्यम से ही नशे जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
युवाओं को नशे से बचाने पर रहेगा विशेष फोकस
अभियान के दौरान जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों में ग्राम चौपाल, नुक्कड़ नाटक, चित्रांकन प्रतियोगिता, कविता लेखन और क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं और छात्रों को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नशा केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक नुकसान का भी बड़ा कारण बनता जा रहा है। इसी वजह से इस अभियान में शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण और पुलिस विभाग सहित कई विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है।
उपायुक्त ने समाज से की सामूहिक भागीदारी की अपील
उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा:
“नशा केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि व्यक्ति के सपनों और उसके भविष्य को भी बर्बाद कर देता है। समाज को नशामुक्त बनाने में सभी लोगों की भागीदारी जरूरी है।”
उन्होंने कहा कि नशे की गिरफ्त में आने वाले बच्चों और युवाओं में मानसिक एवं शारीरिक दोनों प्रकार की गंभीर समस्याएं देखने को मिलती हैं। ऐसे में परिवार, समाज और प्रशासन को मिलकर इस समस्या के खिलाफ काम करना होगा।
उन्होंने आगे कहा:
“नशा व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से खोखला कर देता है। इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है, इसलिए इसे जड़ से खत्म करना हम सभी की जिम्मेदारी है।”
जिला प्रशासन ने जारी किए सहायता और परामर्श के विकल्प
नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों और उनके परिवारों के लिए जिला प्रशासन ने सहायता और उपचार की व्यवस्था की जानकारी भी साझा की। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि जरूरत पड़ने पर वे टोल फ्री नंबर 112 पर संपर्क कर सकते हैं।
इसके अलावा इलाज और मानसिक परामर्श के लिए सिनपास रांची, केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान रांची और एम्स देवघर जैसे संस्थानों का सहयोग लेने की बात कही गई। अधिकारियों ने कहा कि नशे से बाहर निकलने के लिए समय पर परामर्श और उपचार बेहद जरूरी है।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद, अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी, सिविल सर्जन राजमोहन खलखो, अनुमंडल पदाधिकारी दिनेश कुमार, उपनिर्वाचन पदाधिकारी मेरी मड़की, समाज कल्याण पदाधिकारी सविता कुमारी, गोपनीय पदाधिकारी श्रेयांस, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. चंदन, कार्यपालक दंडाधिकारी अजय कच्छप, कार्यपालक अभियंता दीपक महतो सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने अभियान को सफल बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया और कहा कि जागरूक समाज ही नशे जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त कर सकता है।
न्यूज़ देखो: नशे के खिलाफ जागरूक समाज ही सबसे बड़ी ताकत
लातेहार में शुरू हुआ यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज को सुरक्षित भविष्य देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। जिस तरह प्रशासन ने जागरूकता, परामर्श और जनभागीदारी को एक साथ जोड़ने की कोशिश की है, वह सकारात्मक संकेत देता है। खासकर युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए गांव-गांव तक अभियान पहुंचाना बेहद जरूरी कदम माना जा रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि आम लोग और सामाजिक संगठन इस अभियान में कितनी सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक युवा ही बनाएंगे नशामुक्त समाज
नशा किसी एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। ऐसे में हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने आसपास के लोगों को जागरूक करे और युवाओं को सकारात्मक दिशा दिखाए। गांव, स्कूल, मोहल्ला और परिवार — हर स्तर पर जागरूकता की जरूरत है। यदि समाज एकजुट होकर आगे आए तो नशे जैसी बुराई को काफी हद तक रोका जा सकता है।
अपने बच्चों और युवाओं के साथ संवाद बढ़ाइए, उन्हें सही मार्गदर्शन दीजिए और सामाजिक अभियानों से जोड़िए। अगर आपके आसपास कोई व्यक्ति नशे की समस्या से जूझ रहा है तो उसकी मदद के लिए आगे बढ़िए। अपनी राय कमेंट में साझा करें, इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं और नशामुक्त समाज बनाने की मुहिम में सहभागी बनें।

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