
#ठेठईटांगर #सामाजिक_पहल : नशा उन्मूलन और बाल विवाह जागरूकता हेतु शपथ ग्रहण।
सिमडेगा जिला अंतर्गत ठेठईटांगर प्रखंड के आम्बा टोली गांव में 7 जनवरी 2026 को नशा उन्मूलन और बाल विवाह मुक्त ग्राम बनाने के उद्देश्य से शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन झालसा के निर्देश और जिला विधिक सेवा प्राधिकार सिमडेगा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पैरालीगल वॉलंटियर और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सामाजिक जागरूकता की दृष्टि से यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- कार्यक्रम का आयोजन 7 जनवरी 2026 को ठेठईटांगर प्रखंड के आम्बा टोली गांव में किया गया।
- शपथ ग्रहण का उद्देश्य गांव को नशा उन्मूलन एवं बाल विवाह मुक्त बनाना रहा।
- आयोजन झालसा, रांची के दिशा-निर्देशन में संपन्न हुआ।
- पीएलवी रेसमा कुमारी, सीला केरकेटा, विकास कुमार सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।
- ग्रामीणों ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक रहने का संकल्प लिया।
ठेठईटांगर प्रखंड के ठेठईटांगर पंचायत स्थित आम्बा टोली गांव के आम्बा टोली परिसर में बुधवार को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम के तहत सामूहिक रूप से शपथ ग्रहण कराया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गांव को नशा मुक्त बनाने तथा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प दिलाना था।
झालसा के निर्देश पर हुआ आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन माननीय झालसा, नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं माननीय जिला विधिक सेवा प्राधिकार सिमडेगा के मार्गदर्शन में किया गया। डालसा सिमडेगा द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न जागरूकता अभियानों के अंतर्गत DAWN कार्यक्रम के तहत यह शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया, ताकि समाज के हर वर्ग तक इसका सकारात्मक संदेश पहुंच सके।
ग्रामीणों की रही सक्रिय भागीदारी
शिविर का संचालन पैरालीगल वॉलंटियर रेसमा कुमारी द्वारा किया गया। इस मौके पर पीएलवी सीला केरकेटा एवं विकास कुमार भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में गांव के महिला-पुरुष, युवा एवं बुजुर्ग ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
शपथ ग्रहण के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को बताया गया कि नशा पान से व्यक्ति का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित होता है। वहीं बाल विवाह के कारण बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाता है। इसलिए आवश्यक है कि पूरा गांव मिलकर इन कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में कार्य करे।
शपथ के माध्यम से दिया गया मजबूत संदेश
कार्यक्रम में ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि वे नशा से दूर रहेंगे, अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे। साथ ही यह भी शपथ ली गई कि गांव में किसी भी स्थिति में बाल विवाह को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा और बच्चों की शिक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य को प्राथमिकता दी जाएगी।
निःशुल्क कानूनी सहायता की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार सिमडेगा के माध्यम से मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं की भी जानकारी ग्रामीणों को दी गई। पैरालीगल वॉलंटियरों ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर, असहाय एवं जरूरतमंद व्यक्ति डालसा से बिना किसी शुल्क के कानूनी परामर्श और सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
उपस्थित रहे ये लोग
कार्यक्रम में सभी प्रमुख सदस्यों और ग्रामीणों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। मौके पर मुख्य रूप से पीएलवी रेसमा कुमारी, सीला केरकेटा, विकास कुमार के अलावा गांव के अनेक ग्रामीणजन उपस्थित थे। सभी ने इस जागरूकता पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होते रहने चाहिए।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने भरोसा जताया कि शपथ ग्रहण के बाद गांव में नशा पान और बाल विवाह के मामलों में कमी आएगी तथा सामाजिक वातावरण में सुधार होगा।
न्यूज़ देखो: सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार
यह खबर दर्शाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नशा और बाल विवाह जैसी समस्याओं के समाधान के लिए जागरूकता कार्यक्रम प्रभावी माध्यम साबित हो रहे हैं। प्रशासन और डालसा की यह पहल सराहनीय है, जिसमें ग्रामीणों को सीधे तौर पर संकल्प से जोड़ा गया। क्या इस शपथ का दीर्घकालिक असर गांव में देखने को मिलेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वस्थ और सुरक्षित समाज का संकल्प
कड़ाके की ठंड हो या सामाजिक चुनौतियां – जागरूक नागरिक ही हर समस्या का समाधान होते हैं। नशा उन्मूलन और बाल विवाह मुक्त ग्राम का यह संकल्प पूरे सिमडेगा जिले के लिए प्रेरणास्रोत है। आप भी अपने गांव-मोहल्ले में इन कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाएं। इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें और अपनी महत्वपूर्ण राय कमेंट में जरूर दें, ताकि जागरूकता की यह मुहिम और मजबूत बन सके।





