#कोलेबिरा #विराटहिंदूसम्मेलन : 24 फरवरी को स्टेडियम परिसर में होगा भव्य आयोजन।
सिमडेगा जिले के कोलेबिरा क्षेत्र में 24 फरवरी 2026 को विराट हिंदू सम्मेलन सह सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम कोलेबिरा स्टेडियम परिसर में सुबह 9 बजे से शुरू होगा। आयोजन समिति के अनुसार हजारों श्रद्धालु सामूहिक पाठ में शामिल होकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है।
- 24 फरवरी 2026, सुबह 9:00 बजे, कोलेबिरा स्टेडियम परिसर में आयोजन।
- मुख्य वक्ता के रूप में भैरो सिंह जी होंगे उपस्थित।
- संयोजक अभिषेक कुमार और सह-संयोजक अशोक इंदवार संभाल रहे व्यवस्थाएं।
- कोषाध्यक्ष चंदन कुमार, प्रचार प्रमुख सुमंत कुमार व अमित रंजन देख रहे प्रबंधन।
- युवा सौरभ बड़ाइक, प्रवीण कश्यप तथा महिला प्रमुख कुंती देवी सक्रिय।
- संरक्षक मानेश्वर सिंह, अमरनाथ सिंह, दिलेश्वर सिंह का मार्गदर्शन।
सिमडेगा जिले के कोलेबिरा क्षेत्र में आध्यात्मिक माहौल इन दिनों चरम पर है। 24 फरवरी 2026 को प्रस्तावित विराट हिंदू सम्मेलन सह सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ को लेकर गांव-गांव में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आयोजन समिति के सदस्य लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं और अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने में जुटे हैं। कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
24 फरवरी को कोलेबिरा स्टेडियम बनेगा आध्यात्मिक केंद्र
आयोजन समिति के अनुसार यह भव्य कार्यक्रम 24 फरवरी 2026 को कोलेबिरा स्टेडियम परिसर में आयोजित किया जाएगा। सुबह 9:00 बजे से कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ होगा। हजारों की संख्या में श्रद्धालु एक साथ बैठकर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे और क्षेत्र की शांति, समृद्धि एवं कल्याण की कामना करेंगे।
समिति का कहना है कि सामूहिक पाठ के माध्यम से सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्य वक्ता के रूप में भैरो सिंह जी का आगमन
इस सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण मुख्य वक्ता के रूप में भैरो सिंह जी की उपस्थिति को माना जा रहा है। उनके आगमन को लेकर कोलेबिरा समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में उत्सुकता देखी जा रही है। आयोजन समिति का मानना है कि उनके विचारों से क्षेत्र में सांस्कृतिक जागरूकता और सामाजिक एकता का संदेश मजबूत होगा।
आयोजन समिति के एक सदस्य ने बताया कि सम्मेलन में उनके संबोधन के माध्यम से समाज को एकजुट रहने और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया जाएगा।
गांव-गांव चल रहा जनसंपर्क अभियान
कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रचार टोली गठित की गई है। समिति के सदस्य ध्वज और पीले अक्षत के साथ घर-घर जाकर लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बैठकों का दौर चल रहा है और अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
आयोजन समिति की जिम्मेदारियां तय
कार्यक्रम संयोजक अभिषेक कुमार और सह-संयोजक अशोक इंदवार संपूर्ण व्यवस्था की कमान संभाले हुए हैं। वित्तीय और संसाधन प्रबंधन की जिम्मेदारी कोषाध्यक्ष चंदन कुमार को सौंपी गई है। प्रचार-प्रसार की कमान सुमंत कुमार के हाथों में है, जबकि व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में अमित रंजन सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
युवा और महिला शक्ति की सक्रिय भागीदारी
युवा वर्ग को जोड़ने की जिम्मेदारी सौरभ बड़ाइक और प्रवीण कश्यप निभा रहे हैं। दोनों युवा कार्यकर्ता विभिन्न गांवों में जाकर युवाओं को कार्यक्रम से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। वहीं महिला सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए महिला प्रमुख कुंती देवी के नेतृत्व में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। समिति का कहना है कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी इस आयोजन की विशेषता होगी।
संरक्षकों का मार्गदर्शन
कार्यक्रम के संरक्षक के रूप में मानेश्वर सिंह, अमरनाथ सिंह और दिलेश्वर सिंह मार्गदर्शन दे रहे हैं। उनके नेतृत्व में समस्त सनातनी हिंदू धर्म प्रेमी इस आयोजन को सफल बनाने के लिए लगातार बैठकें और समन्वय कर रहे हैं।
समिति का संदेश
आयोजन समिति ने अपने संदेश में कहा:
आयोजन समिति ने कहा: “यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी एकता और संस्कृति का प्रतीक है। हम हर घर से सनातनी भाई-बहनों के आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।”
समिति का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सामूहिकता और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाते हैं।
न्यूज़ देखो: सांस्कृतिक आयोजनों से सामाजिक एकजुटता का संदेश
कोलेबिरा में प्रस्तावित यह सम्मेलन क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक सक्रियता को दर्शाता है। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी की तैयारी यह संकेत देती है कि स्थानीय स्तर पर ऐसे आयोजनों के प्रति उत्साह है। अब प्रशासन और आयोजन समिति के लिए चुनौती यह होगी कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो। इस आयोजन के बाद क्षेत्र में सामाजिक समन्वय किस रूप में आगे बढ़ता है, इस पर भी नजर रहेगी।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
एकता का संदेश मजबूत करें, सकारात्मक सहभागिता निभाएं
सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का अवसर देते हैं। ऐसे अवसरों पर अनुशासन, शांति और आपसी सम्मान बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।