
#पाकरटांड #हिंदू_सम्मेलन : सिकरियाटांड इंद मैदान में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक संरक्षण पर जोर दिया गया।
सिमडेगा जिले के पाकरटांड प्रखंड स्थित सिकरियाटांड इंद मैदान में मंगलवार को विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक डॉ. सुमन कुमार, रामरेखा धाम के प्रधान संरक्षक दुर्गविजय सिंह देव और विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष कौशल राज सिंह देव सहित कई वक्ताओं ने समाजिक एकजुटता पर जोर दिया। सम्मेलन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए लोगों से संगठित रहने और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
- सिकरियाटांड इंद मैदान, पाकरटांड में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन।
- कार्यक्रम में डॉ. सुमन कुमार, दुर्गविजय सिंह देव, कौशल राज सिंह देव प्रमुख वक्ता रहे।
- वक्ताओं ने समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक संरक्षण पर जोर दिया।
- विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों सहित हजारों महिला-पुरुषों की भागीदारी।
- कार्यक्रम का संचालन संदीप नाग और धन्यवाद ज्ञापन राधेश्याम प्रसाद ने किया।
सिमडेगा जिले के पाकरटांड प्रखंड स्थित सिकरियाटांड इंद मैदान में मंगलवार को विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में समाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक संरक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता को लेकर कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे। सम्मेलन में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में महिला और पुरुष उपस्थित रहे।
सम्मेलन में कई प्रमुख अतिथियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक डॉ. सुमन कुमार, रामरेखा धाम के प्रधान संरक्षक दुर्गविजय सिंह देव तथा विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष कौशल राज सिंह देव उपस्थित रहे।
इसके अलावा कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष किरण चौधरी, श्याम सुंदर मिश्रा, हिंदू जागरण मंच के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम शर्मा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के देवी सिंह और संत उमाकांत जी भी मौजूद रहे। सम्मेलन में क्षेत्र के कई सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
सामाजिक चेतना और संगठन की आवश्यकता पर दिया गया जोर
कार्यक्रम की शुरुआत रामरेखा धाम के प्रधान संरक्षक दुर्गविजय सिंह देव के संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मेलन समाज में जागरूकता और संगठन की भावना को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
दुर्गविजय सिंह देव ने कहा: “रामरेखा धाम के क्षेत्र में इस तरह का सम्मेलन हिंदू चेतना को जगाने का काम कर रहा है और सभी लोगों को संगठित रहने की आवश्यकता है।”
उन्होंने लोगों से समाज और संस्कृति के संरक्षण के लिए एकजुट होकर कार्य करने की अपील की।
संघ की यात्रा और सामाजिक मूल्यों पर बोले डॉ. सुमन कुमार
सम्मेलन के मुख्य वक्ता डॉ. सुमन कुमार ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यात्रा और उसके सामाजिक उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की।
डॉ. सुमन कुमार ने कहा: “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यात्रा तमाम चुनौतियों और परेशानियों के बीच रही है, लेकिन संघ ने हमेशा अपने मूल्य और लक्ष्यों को कायम रखा है।”
उन्होंने बताया कि संघ अपनी 100 वर्षों की यात्रा में समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और समरसता को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर कर राष्ट्रप्रथम की भावना को मजबूत करना आवश्यक है।
डॉ. सुमन कुमार ने कहा: “समाज में विभिन्न प्रकार की चुनौतियां सामने आ रही हैं, ऐसे में सभी लोगों को संगठित होकर अपने संस्कार और मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए।”
उन्होंने लोगों से अपने घरों में संस्कारयुक्त शिक्षा देने और समाज में एकता बनाए रखने का आह्वान किया।
सनातन संस्कृति और परंपराओं की रक्षा पर चर्चा
सम्मेलन को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष कौशल राज सिंह देव ने सनातन परंपराओं और प्रकृति पूजा की परंपरा पर प्रकाश डाला।
कौशल राज सिंह देव ने कहा: “सनातन समाज शुरू से ही प्रकृति की पूजा करता रहा है। सरना स्थल से लेकर नदी, पर्वत, पेड़-पौधे और पशु-पक्षियों में ईश्वरीय रूप मानकर पूजा की परंपरा आज भी जारी है।”
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को अपनी संस्कृति और विरासत के संरक्षण के लिए जागरूक रहने की आवश्यकता है।
अन्य वक्ताओं ने भी रखे विचार
कार्यक्रम को हिंदू जागरण मंच के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम शर्मा ने भी संबोधित किया। उन्होंने लोगों से सामाजिक एकजुटता और संगठन की ताकत को बनाए रखने की अपील की।
इसके अलावा किरण चौधरी, श्याम सुंदर मिश्रा और देवी सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखते हुए समाज में जागरूकता और संगठन की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम का संचालन संदीप नाग ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड अध्यक्ष राधेश्याम प्रसाद ने किया।
बड़ी संख्या में ग्रामीणों की रही भागीदारी
विराट हिंदू सम्मेलन में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से हजारों की संख्या में महिला और पुरुष शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर चर्चा होती रही।
आयोजकों ने बताया कि सम्मेलन को सफल बनाने में क्षेत्र के कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
न्यूज़ देखो: सामाजिक संवाद और जागरूकता का मंच
सिकरियाटांड में आयोजित यह सम्मेलन ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच बना। ऐसे आयोजनों में विभिन्न विचारों और मुद्दों पर चर्चा से समाज में जागरूकता बढ़ती है और लोगों को अपनी पहचान और विरासत के प्रति सजग रहने का संदेश मिलता है। यह भी महत्वपूर्ण है कि ऐसे कार्यक्रमों में संवाद और सकारात्मक सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा मिले।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संस्कृति और समाज की मजबूती के लिए जागरूकता जरूरी
किसी भी समाज की पहचान उसकी संस्कृति, परंपराओं और सामूहिक मूल्यों से होती है। जब लोग अपने इतिहास, परंपरा और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझते हैं, तभी समाज मजबूत बनता है।
ऐसे आयोजनों से लोगों को अपने समाज और संस्कृति के बारे में सोचने और उसे आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है। जरूरी है कि हर नागरिक समाज के सकारात्मक विकास में अपनी भूमिका निभाए।






