#गिरिडीह #मजदूरदिवसआंदोलन : चतरो मोड़ से गादी श्रीरामपुर तक रैली—हजारों मजदूरों ने सभा में लिया हिस्सा।
गिरिडीह में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर असंगठित मजदूर मोर्चा और भाकपा माले के बैनर तले विशाल रैली और आम सभा आयोजित की गई। चतरो मोड़ से शुरू होकर गादी श्रीरामपुर तक निकली रैली में हजारों मजदूरों, किसानों और बेरोजगारों ने भाग लिया। सभा में पूर्व विधायकों और नेताओं ने मजदूरों के अधिकारों, न्यूनतम मजदूरी और श्रम कानूनों पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में मजदूरों को एकजुट होकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया गया।
- चतरो मोड़ से गादी श्रीरामपुर तक लगभग 2 किमी रैली निकाली गई।
- हजारों की संख्या में मजदूर, किसान और महिलाएं शामिल हुए।
- कार्यक्रम में विनोद सिंह, राजकुमार यादव, निताय महतो समेत कई नेता पहुंचे।
- शहीद बेदी पर माल्यार्पण और झंडोत्तोलन कर श्रद्धांजलि दी गई।
- मजदूरों के हक, न्यूनतम मजदूरी और लेबर कोड पर उठे सवाल।
- मजदूरों को एकजुट होकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया गया।
गिरिडीह जिले में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर असंगठित मजदूर मोर्चा और भाकपा माले के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल रैली और आम सभा का आयोजन किया गया। रैली औद्योगिक क्षेत्र चतरो मोड़ से शुरू होकर लगभग दो किलोमीटर पैदल चलते हुए गादी श्रीरामपुर के गोविंद राज सभा स्थल तक पहुंची। इस दौरान हजारों की संख्या में मजदूर, किसान, महिलाएं और युवा शामिल हुए। कार्यक्रम में शहीद बेदी पर माल्यार्पण कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और झंडोत्तोलन किया गया।
रैली और सभा का आयोजन
कार्यक्रम की शुरुआत भव्य रैली से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। रैली के दौरान मजदूरों के अधिकारों से जुड़े नारे लगाए गए और एकजुटता का संदेश दिया गया। सभा स्थल पर पहुंचने के बाद आम सभा का आयोजन किया गया, जहां नेताओं ने मजदूरों की समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की।
विनोद सिंह का संबोधन
बगोदर के पूर्व विधायक विनोद सिंह ने मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि गिरिडीह में मजदूरों के साथ किसी भी तरह की नाइंसाफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विनोद सिंह ने कहा: “मजदूरों के अधिकारों पर हमला किया जा रहा है और हमें इसके खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़नी होगी।”
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मजदूर विरोधी नीतियां लागू की जा रही हैं और चार लेबर कोड के माध्यम से मजदूरों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने मजदूरों के कार्य घंटे बढ़ाए जाने और न्यूनतम मजदूरी की समस्या को भी प्रमुख मुद्दा बताया।
राजकुमार यादव का बयान
राजधनवार के पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने सभा को संबोधित करते हुए मजदूरों, किसानों और बेरोजगारों से एकजुट होने का आह्वान किया।
राजकुमार यादव ने कहा: “जिला भर के तमाम मजदूर, किसान और बेरोजगार एक होकर अपनी लड़ाई को तेज करें।”
उन्होंने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि आम जनता के हितों की अनदेखी की जा रही है और उद्योगपतियों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।
निताय महतो का आह्वान
असंगठित मजदूर मोर्चा के महामंत्री नीताय महतो ने मजदूर दिवस के महत्व को बताते हुए सभी दबे-कुचले वर्गों को एकजुट होने की अपील की।
निताय महतो ने कहा: “मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी को एक मंच पर आना होगा और संघर्ष को मजबूत करना होगा।”
उन्होंने मजदूर आंदोलन के इतिहास को याद करते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
अन्य नेताओं के विचार
सभा में कई अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखे। पूरन महतो ने कहा कि गिरिडीह में फिर से लाल झंडा मजबूत होगा और मजदूरों को इसके साथ जुड़ना चाहिए।
अशोक पासवान ने कहा कि गिरिडीह और गांडेय विधानसभा में मजदूर आंदोलन तेजी से मजबूत हो रहा है और संगठन का विस्तार हो रहा है।
माले नेता राजेश सिन्हा और मोर्चा के सचिव कन्हाई पांडेय ने कहा कि मजदूरों, किसानों, छात्रों और महिलाओं को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। वहीं अजीत राय, रामलाल मुर्मू, सलामत अंसारी ने भी संगठन के कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख लोग
इस कार्यक्रम में कई केंद्रीय, राज्य और जिला स्तर के नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से राजकुमार यादव, विनोद सिंह, निताय महतो, कन्हाई पांडेय, पूरन महतो, अशोक पासवान, उस्मान अंसारी, राजेश सिन्हा, किशोर राय, मसूदन कोल, अजीत राय, हुबलाल राय, दीपक गोस्वामी, अखिलेश राज, नवीन पाण्डेय, लखन कोल, भीम कोल, रामबाबू मुर्मू, पवन यादव, सलामत अंसारी सहित अन्य लोग शामिल थे। मंच संचालन दीपक गोस्वामी और राजेश सिन्हा ने संयुक्त रूप से किया।
मजदूरों की समस्याएं और मांगें
सभा में मजदूरों की विभिन्न समस्याओं को उठाया गया, जिनमें न्यूनतम मजदूरी, कार्य के घंटे, प्रदूषण, प्रवासी मजदूरों की स्थिति और सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलना शामिल था। नेताओं ने इन मुद्दों को लेकर संघर्ष तेज करने और संगठित होने की जरूरत पर बल दिया।
न्यूज़ देखो: मजदूरों की एकता से ही मजबूत होगा संघर्ष
गिरिडीह में आयोजित यह रैली और सभा यह संकेत देती है कि मजदूर वर्ग अपनी समस्याओं को लेकर अब अधिक जागरूक और संगठित हो रहा है। नेताओं द्वारा उठाए गए मुद्दे जमीनी हकीकत को दर्शाते हैं, लेकिन इन समस्याओं का समाधान तभी संभव है जब आंदोलन संगठित और निरंतर हो। प्रशासन और सरकार के लिए यह जरूरी है कि वे मजदूरों की मांगों को गंभीरता से लें और ठोस कदम उठाएं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
एकजुटता से ही मिलेगा अधिकारों का सम्मान
मजदूर दिवस हमें यह याद दिलाता है कि अधिकार कभी भी आसानी से नहीं मिलते, बल्कि संघर्ष और एकता से हासिल होते हैं। जब मजदूर, किसान और युवा एक साथ खड़े होते हैं, तब बदलाव की राह बनती है।
अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है।
अपनी आवाज उठाएं, अपनी राय कमेंट में साझा करें और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाकर जागरूकता फैलाएं।

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