कोलेबिरा प्रखंड में उद्यम पंजीकरण हेतु एक दिवसीय जागरूकता शिविर आयोजित, ग्रामीणों में दिखा उत्साह

कोलेबिरा प्रखंड में उद्यम पंजीकरण हेतु एक दिवसीय जागरूकता शिविर आयोजित, ग्रामीणों में दिखा उत्साह

author Birendra Tiwari
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#सिमडेगा #उद्यम_पंजीकरण : MSME इकाइयों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोलेबिरा प्रखंड सभागार में विशेष शिविर आयोजित किया गया।
  • महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र रघुवीर सिंह के निर्देशानुसार शिविर का आयोजन हुआ।
  • प्रखंड विकास पदाधिकारी वीरेंद्र किंडो ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
  • जिला उद्योग केंद्र के मैनेजर सलमान खुर्शीद ने MSME इकाइयों के लाभ पर विस्तार से जानकारी दी।
  • 20 ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन और 90 आवेदन रजिस्ट्रेशन हेतु लिए गए।
  • प्रखंड लघु कुटीर उद्योग पदाधिकारी रितु रानी ने ट्रेनिंग, लोन और सब्सिडी से संबंधित मार्गदर्शन दिया।
  • कार्यक्रम में जेके वर्मा, साजन फिरदौस और नंदकिशोर सेनापति सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कोलेबिरा प्रखंड सभागार में आयोजित यह शिविर स्थानीय उद्यमियों के लिए एक उपयोगी पहल साबित हुआ। इस जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देना तथा उद्यमियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ना था। कार्यक्रम में अधिकारियों ने भाग लेकर उद्यम पंजीकरण प्रक्रिया और उसके लाभों की जानकारी विस्तार से दी।

उद्यम पंजीकरण को लेकर जागरूकता का विस्तार

जिला उद्योग केंद्र सिमडेगा/गुमला के महाप्रबंधक रघुवीर सिंह के निर्देश पर यह एक दिवसीय शिविर आयोजित किया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी वीरेंद्र किंडो ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहन देने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में एक ठोस कदम है।

प्रखंड विकास पदाधिकारी वीरेंद्र किंडो ने कहा: “यह शिविर ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करने का माध्यम बनेगा। सरकार की नीतियों का लाभ गांव-गांव तक पहुंचे, यही हमारा उद्देश्य है।”

जिला उद्योग केंद्र की पहल

जिला उद्योग केंद्र के मैनेजर सलमान खुर्शीद ने बताया कि यह शिविर प्रबंध निदेशक, जिडको, रांची (उद्योग विभाग), झारखंड के निर्देशानुसार MSME इकाइयों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि इच्छुक उद्यमियों को निःशुल्क उद्यम पंजीकरण की सुविधा प्रदान की जा रही है ताकि वे सरकारी लाभों का लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम के दौरान 20 ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन किए गए और 90 आवेदन पंजीकरण हेतु प्राप्त हुए, जो इस पहल की सफलता को दर्शाता है।

सलमान खुर्शीद ने कहा: “उद्यम पंजीकरण से छोटे और मध्यम उद्यमों को सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सुविधा और सब्सिडी का सीधा लाभ मिलता है। हमारी कोशिश है कि कोलेबिरा के हर उद्यमी तक यह संदेश पहुंचे।”

प्रशिक्षण, ऋण और सरकारी योजनाओं पर जानकारी

प्रखंड लघु कुटीर उद्योग पदाधिकारी रितु रानी ने उपस्थित प्रतिभागियों को PMFME योजना, बैंक लोन, सरकारी सब्सिडी और ट्रेनिंग कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि प्रत्येक उद्यमी अपने दस्तावेजों को अद्यतन रखे और आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक एवं मोबाइल नंबर के साथ रजिस्ट्रेशन कराए। उन्होंने जिले के सभी व्यवसायियों और उद्यमियों से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने व्यवसाय को औपचारिक रूप से पंजीकृत करें।

रितु रानी ने कहा: “उद्यम पंजीकरण न सिर्फ सरकारी सहायता पाने का माध्यम है, बल्कि यह आपके व्यवसाय की पहचान को भी सशक्त करता है। हर युवा और महिला को इस पहल से जुड़ना चाहिए।”

स्थानीय भागीदारी और जनसहयोग

कार्यक्रम में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी हृदयनाथ पांडे, डीईसी आशीष कोनगाड़ी, जेके वर्मा (फाउंडर, डब्ल्यू सीएसएफ चैरिटी स्पिरिट फाउंडेशन), साजन फिरदौस (टेक्निकल हेड) तथा नंदकिशोर सेनापति (इन्फो मीडिया) सहित कई उद्यमी और दुकानदार शामिल हुए। प्रतिभागियों ने इस आयोजन की सराहना की और इसे एक प्रेरक कदम बताया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि उद्यमिता के विकास से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी।

प्रतिभागियों को आगे की जानकारी के लिए 9031971671 नंबर पर संपर्क करने का आग्रह किया गया।

न्यूज़ देखो: ग्रामीण उद्यमिता को नई दिशा

यह शिविर केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत है। कोलेबिरा जैसे प्रखंडों में ऐसे शिविरों से छोटे उद्यमी सशक्त होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। सरकार की यह पहल युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रेरक उदाहरण है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कोलेबिरा

यह समय है कि हम सब मिलकर अपने क्षेत्र में रोजगार सृजन और उद्यमिता को प्रोत्साहित करें। स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण, नवाचार और सहयोग से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। अगर आप किसी व्यवसाय की शुरुआत करना चाहते हैं, तो सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने सपनों को साकार करें।
अब कदम बढ़ाएं, जानकारी साझा करें और इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं ताकि हर कोई इस परिवर्तन की प्रक्रिया का हिस्सा बन सके।

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Written by

सिमडेगा

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