बिहार कांग्रेस में टिकट वितरण विवाद गहराया — पार्टी के वफादार कार्यकर्ताओं की अनदेखी और भाजपा से आए नेताओं को प्राथमिकता देने के आरोप

बिहार कांग्रेस में टिकट वितरण विवाद गहराया — पार्टी के वफादार कार्यकर्ताओं की अनदेखी और भाजपा से आए नेताओं को प्राथमिकता देने के आरोप

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#बिहार #कांग्रेसटिकटविवाद : टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी में नाराजगी और महागठबंधन में सीट बंटवारे पर गतिरोध
  • अजीता पांडेय, बिहार कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष ने पार्टी के वफादार कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाया।
  • वरिष्ठ नेता अशोक गागन को टिकट न मिलने पर महिला अध्यक्ष ने नाराजगी जताई।
  • भाजपा से आए नेताओं को प्राथमिकता मिलने की शिकायत भी उठी।
  • महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर अभी भी गतिरोध बना हुआ है।
  • कांग्रेस ने अभी तक आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की

बिहार कांग्रेस में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर टिकट वितरण विवाद लगातार बढ़ रहा है। महिला जिला अध्यक्ष अजीता पांडेय ने आरोप लगाया कि पार्टी ने लंबे समय तक वफादारी निभाने वाले कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर भाजपा से आए नेताओं को प्राथमिकता दी। इसके साथ ही वरिष्ठ नेता अशोक गागन को टिकट न देने पर भी नाराजगी जताई गई। महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर चल रहे गतिरोध ने स्थिति को और जटिल बना दिया है, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष गहराता जा रहा है।

टिकट वितरण पर विवाद और पार्टी के भीतर नाराजगी

अजीता पांडेय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी में लंबे समय से काम कर रहे और हर कार्यक्रम में सक्रिय रहे कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

अजीता पांडेय ने कहा: “सोनिया जी, अगर ऐसे लोगों को टिकट दिए जाते हैं, तो कांग्रेस का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।”

उन्होंने आरोप लगाया कि वरिष्ठ नेता अशोक गागन, जो 35 वर्षों से पार्टी के साथ हैं, को टिकट देने का वादा करने के बावजूद उन्हें टिकट से वंचित कर दिया गया। पांडेय ने दावा किया कि राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह के दबाव में उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई।

अजीता पांडेय ने कहा: “लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे नेताओं को दरकिनार करना और हाल ही में भाजपा से आए नेताओं को प्राथमिकता देना कांग्रेस की आत्मा के साथ विश्वासघात है।”

कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्थन का अपमान

अजीता पांडेय ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने दिन-रात पार्टी के लिए काम किया, 12 घंटे की ड्यूटी निभाई और सभी निर्देशों का पालन किया।

उन्होंने कहा: “प्रियंका गांधी ने हमें महिलाओं तक पहुंचने और उनके साथ जुड़ने के लिए कहा था, और हमने ठीक वैसा ही किया। लेकिन अब हमारी मेहनत को नजरअंदाज किया जा रहा है।”

पांडेय का कहना है कि पार्टी के अंदर निर्णय प्रक्रिया को लेकर कई कार्यकर्ताओं में निराशा और असंतोष फैल रहा है।

महागठबंधन में सीट बंटवारे का गतिरोध

महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर भी स्थिति जटिल बनी हुई है। अजीता पांडेय ने चेतावनी दी कि यदि पार्टी कार्यकर्ताओं की निष्ठा और मेहनत को अनदेखा करती रही, तो इसका नकारात्मक असर चुनावी अभियान और पार्टी की साख पर पड़ेगा।

अजीता पांडेय ने कहा: “अगर पार्टी वफादार कार्यकर्ताओं की अनदेखी जारी रखती है, तो न केवल चुनाव प्रभावित होंगे बल्कि जनता के बीच हमारी विश्वसनीयता भी कम हो जाएगी।”

न्यूज़ देखो: कांग्रेस टिकट विवाद में कार्यकर्ताओं की नाराजगी उजागर

यह कहानी दर्शाती है कि चुनाव से पहले पार्टी के भीतर निर्णय प्रक्रिया और वफादार कार्यकर्ताओं के साथ किए गए व्यवहार पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। महिला नेताओं की नाराजगी और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी पार्टी की छवि और संगठनात्मक मजबूती पर प्रभाव डाल सकती है। इस प्रकार की घटनाएं राजनीतिक स्थिरता और पार्टी की चुनावी तैयारी पर असर डालती हैं।

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