गढ़वा में JSLPS की संवेदनशील पहल, मृतिका जुलेखा बीबी के पति को मिला 2 लाख का बीमा क्लेम

गढ़वा में JSLPS की संवेदनशील पहल, मृतिका जुलेखा बीबी के पति को मिला 2 लाख का बीमा क्लेम

author Shashi Bhushan Mehta
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#गढ़वा #सामाजिक_सहायता : JSLPS और बैंक समन्वय से PMJJBY के तहत पीड़ित परिवार को आर्थिक राहत मिली।

गढ़वा जिले में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी की सक्रियता से एक पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है। ग्राम जुटी की रहने वाली स्वयं सहायता समूह सदस्य जुलेखा बीबी के आकस्मिक निधन के बाद उनके पति इम्तियाज अंसारी को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 2 लाख रुपये का बीमा क्लेम प्रदान किया गया। यह सहायता JSLPS और बैंक के समन्वय से मात्र दो माह में संभव हो सकी, जिससे परिवार को कठिन समय में संबल मिला।

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  • गढ़वा थाना क्षेत्र के ग्राम जुटी की निवासी जुलेखा बीबी का हार्ट अटैक से निधन।
  • प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के तहत 2 लाख रुपये का क्लेम।
  • JSLPS BPM शिव कुमार उपाध्याय की पहल से तेज हुई प्रक्रिया।
  • झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक टंडवा शाखा का अहम सहयोग।
  • मृतिका के पति इम्तियाज अंसारी को सौंपा गया चेक।
  • ग्रामीणों से बीमा योजनाओं से जुड़ने की अपील

गढ़वा जिले में एक बार फिर यह साबित हुआ है कि यदि सरकारी योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन हो, तो वे संकट की घड़ी में गरीब परिवारों के लिए मजबूत सहारा बन सकती हैं। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की पहल से एक ऐसे परिवार को राहत मिली है, जो अचानक आई मौत के बाद गहरे आर्थिक संकट में फंस गया था।

आकस्मिक निधन से टूटा परिवार

गढ़वा थाना अंतर्गत ग्राम जुटी की रहने वाली जुलेखा बीबी, जो तिरंगा स्वयं सहायता समूह की सक्रिय सदस्य थीं, का करीब दो माह पूर्व हार्ट अटैक से आकस्मिक निधन हो गया था। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पति इम्तियाज अंसारी के सामने न केवल भावनात्मक संकट था, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी पूरी तरह डगमगा गई थी।

जुलेखा बीबी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर परिवार की आय में सहयोग कर रही थीं। अचानक उनके चले जाने से परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया था।

JSLPS की तत्परता बनी सहारा

जब इस दुखद घटना की जानकारी JSLPS गढ़वा सदर के BPM शिव कुमार उपाध्याय को मिली, तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत अपनी टीम को सक्रिय करते हुए मृतिका के घर जाकर परिजनों से मुलाकात की और बीमा क्लेम की प्रक्रिया शुरू करवाई।

BPM शिव कुमार उपाध्याय ने कहा:

“सरकारी योजनाओं का असली उद्देश्य जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाना है। हमने कोशिश की कि परिवार को जल्द से जल्द राहत मिले।”

फील्ड कर्मियों के साथ मिलकर सभी जरूरी दस्तावेजों की जांच की गई और Claim Documentation की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया गया।

बैंक और JSLPS के बेहतर समन्वय से मिली सफलता

इस पूरे मामले में झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक (JRGB) टंडवा शाखा की भूमिका भी काफी अहम रही। शाखा प्रबंधक रंजीत कुमार के सहयोग से बीमा क्लेम को तेजी से आगे बढ़ाया गया। बैंक और JSLPS के बीच बेहतर तालमेल के कारण मात्र दो महीनों के भीतर बीमा राशि स्वीकृत होकर पीड़ित परिवार तक पहुंच सकी।

BPM शिव कुमार उपाध्याय ने मीडिया को बताया:

“बैंक प्रबंधन के सहयोग से प्रक्रिया सुचारु रही, जिससे पीड़ित परिवार को अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी पड़ी।”

2 लाख रुपये का चेक सौंपा गया

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के तहत स्वीकृत 2 लाख रुपये की बीमित राशि का चेक मृतिका के पति इम्तियाज अंसारी को सौंपा गया। चेक मिलते ही परिवार ने राहत की सांस ली। इस सहायता से परिवार को आगे की जिंदगी संभालने में मदद मिलेगी।

इम्तियाज अंसारी ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी सहायता मिल पाएगी। उन्होंने JSLPS और बैंक के प्रति आभार व्यक्त किया।

चेक वितरण में ये रहे मौजूद

इस अवसर पर JSLPS और बैंक से जुड़े कई कर्मी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:

  • प्रमोद पांडेय (FTC)
  • ब्रजेश दुबे (CC)
  • प्रियंका देवी (बैंक सखी)
  • झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक टंडवा शाखा के अन्य कर्मचारी

सभी ने परिवार को ढांढस बंधाया और भविष्य में भी सहयोग का भरोसा दिलाया।

बीमा योजनाओं से जुड़ने की अपील

इस मौके पर BPM शिव कुमार उपाध्याय ने ग्रामीणों और स्वयं सहायता समूह की दीदियों से विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) जैसी योजनाएं बेहद कम प्रीमियम पर बड़ा सुरक्षा कवच देती हैं।

उन्होंने कहा:

“मामूली सालाना प्रीमियम के बदले मिलने वाला यह बीमा किसी भी अनहोनी की स्थिति में परिवार को आर्थिक रूप से टूटने से बचा सकता है।”

उन्होंने आग्रह किया कि सभी पात्र ग्रामीण इन योजनाओं से अनिवार्य रूप से जुड़ें और समय पर प्रीमियम जमा करें।

न्यूज़ देखो: संकट में योजनाओं की असली ताकत

गढ़वा में JSLPS की यह पहल दिखाती है कि जब प्रशासन, बैंक और फील्ड स्तर के कर्मी संवेदनशीलता से काम करें, तो सरकारी योजनाएं कागजों से निकलकर जमीन पर असर दिखाती हैं। यह मामला अन्य जिलों के लिए भी उदाहरण है कि बीमा जैसी योजनाएं गरीब परिवारों के लिए कितनी जरूरी हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सुरक्षित भविष्य की ओर एक कदम

जीवन अनिश्चित है, लेकिन तैयारी हमें मजबूत बना सकती है। बीमा योजनाओं से जुड़कर आप अपने परिवार को संकट के समय सुरक्षा दे सकते हैं। इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट में दें और दूसरों को भी सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करें, ताकि जरूरत के समय कोई भी परिवार अकेला न पड़े।

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Written by

डंडई, गढ़वा

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