#खलारी #आगजनी_घटना : शॉर्ट सर्किट से लगी आग में डिजिटल दुकान का सारा सामान नष्ट हुआ।
रांची जिले के खलारी क्षेत्र के धमधमिया गांव में शनिवार तड़के एक डिजिटल दुकान में आग लगने की घटना सामने आई। प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। इस हादसे में दुकान में रखा करीब ढाई लाख रुपये का सामान जलकर नष्ट हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था।
👉 धमधमिया गांव में तड़के सुबह लगी भीषण आग।
👉 दिव्यांश डिजिटल शॉप पूरी तरह जलकर हुई नष्ट।
👉 करीब 2.5 लाख रुपये का सामान जलकर राख।
👉 स्थानीय लोगों के सहयोग से आग पर पाया गया काबू।
👉 भोला चौहान की आजीविका का मुख्य साधन हुआ समाप्त।
रांची जिले के खलारी प्रखंड अंतर्गत मैकलुस्कीगंज थाना क्षेत्र के तुमांग पंचायत के धमधमिया गांव में शनिवार की अहले सुबह एक दर्दनाक अग्निकांड ने एक परिवार की रोजी-रोटी छीन ली। शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने कुछ ही देर में दिव्यांश डिजिटल शॉप को अपनी चपेट में ले लिया और दुकान में रखा सारा कीमती सामान जलकर राख हो गया।
यह घटना सुबह करीब चार बजे की बताई जा रही है, जब अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। अचानक उठी आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।
कैसे लगी आग और कैसे फैली
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब चार बजे दुकान के सामने रहने वाले एक व्यक्ति ने दुकान से धुआं निकलते देखा। उन्होंने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझते हुए दुकान संचालक भोला चौहान और आसपास के लोगों को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही भोला चौहान मौके पर पहुंचे और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से दुकान का शटर खोला गया। जैसे ही शटर खोला गया, अंदर से तेज आग की लपटें और धुआं बाहर निकलने लगा, जिससे स्थिति और भयावह हो गई।
स्थानीय लोगों के प्रयास से आग पर काबू
गांव के लोगों ने बिना समय गंवाए बाल्टी और पानी के अन्य साधनों से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। सामूहिक प्रयास के चलते कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया गया, जिससे आसपास के घरों को भी सुरक्षित बचा लिया गया।
हालांकि, जब तक आग पूरी तरह बुझाई गई, तब तक दुकान के अंदर रखा लगभग सारा सामान जलकर नष्ट हो चुका था।
क्या-क्या सामान हुआ नष्ट
इस अग्निकांड में डिजिटल दुकान में मौजूद कई महंगे और जरूरी उपकरण पूरी तरह जल गए। इनमें फोटोस्टेट मशीन, कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, कैमरा, फर्नीचर सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल थे।
इन सभी सामानों की कुल कीमत लगभग ढाई लाख रुपये बताई जा रही है, जो अब पूरी तरह राख में बदल चुके हैं। यह नुकसान एक छोटे व्यवसायी के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
परिवार की आजीविका पर पड़ा असर
दुकान संचालक भोला चौहान के लिए यह डिजिटल शॉप ही आय का मुख्य स्रोत था। आग लगने के बाद उनका पूरा व्यवसाय ठप हो गया है, जिससे उनके परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने जताई संवेदना
घटना की सूचना मिलते ही मजदूर नेता वकील अहमद मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
वकील अहमद ने कहा: “यह दुकान ही भोला चौहान के परिवार की आजीविका का मुख्य साधन था, जो अब पूरी तरह समाप्त हो गया है। हम प्रशासन से मिलकर उन्हें मुआवजा दिलाने का प्रयास करेंगे।”
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि रांची जिला उपायुक्त से मिलकर सरकारी सहायता दिलाने की कोशिश की जाएगी, ताकि पीड़ित परिवार दोबारा अपनी दुकान शुरू कर सके।
इस मौके पर तुमांग पंचायत के मुखिया संतोष महली और पंचायत समिति सदस्य सहदेव महली सहित अन्य ग्रामीण भी उपस्थित रहे। सभी ने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
प्रशासनिक सहायता की उठी मांग
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता दी जाए। ताकि वे अपने व्यवसाय को फिर से शुरू कर सकें और परिवार की आजीविका बहाल हो सके।
इस घटना ने एक बार फिर से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था और सुरक्षा उपायों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
न्यूज़ देखो: छोटी चूक, बड़ा नुकसान
यह घटना दिखाती है कि शॉर्ट सर्किट जैसी छोटी लापरवाही भी कितना बड़ा नुकसान कर सकती है। ग्रामीण इलाकों में अग्नि सुरक्षा के उपायों की कमी और जागरूकता का अभाव ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देता है। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे मामलों में त्वरित राहत और मुआवजा सुनिश्चित करे। साथ ही, क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, यह भी महत्वपूर्ण है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सतर्कता ही सुरक्षा, जागरूकता से बच सकती है जिंदगी
इस घटना से हमें यह सीख मिलती है कि बिजली से जुड़े उपकरणों और वायरिंग की नियमित जांच बेहद जरूरी है। छोटी-छोटी सावधानियां बड़े हादसों को टाल सकती हैं।अपने घर और दुकान में सुरक्षा उपायों को अपनाएं और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें।अगर कहीं भी खतरा दिखे, तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें।
