
#मेदिनीनगर #सड़कसुरक्षाअभियान : राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह में छात्रों की भागीदारी से जागरूकता को मिला नया आयाम।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत मेदिनीनगर में जिला परिवहन विभाग और वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गिरिवर स्कूल में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने सड़क सुरक्षा संदेशों को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और शून्य मृत्यु के लक्ष्य की दिशा में जनभागीदारी बढ़ाना रहा। अधिकारियों और समाजसेवियों ने बच्चों की सहभागिता को भविष्य के लिए सकारात्मक पहल बताया।
- राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत गिरिवर स्कूल में आयोजन।
- जिला परिवहन विभाग और वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट की संयुक्त पहल।
- रंगोली प्रतियोगिता में छह टीमों की सहभागिता।
- सड़क सुरक्षा संदेशों को रचनात्मक माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
- अधिकारियों, समाजसेवियों और शिक्षकों की सक्रिय उपस्थिति।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अवसर पर पलामू जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिला परिवहन विभाग और वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संयुक्त रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनसे आमजन, विशेषकर युवा वर्ग, सड़क सुरक्षा नियमों के महत्व को समझ सके। इसी कड़ी में गुरुवार को मेदिनीनगर स्थित गिरिवर स्कूल में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसने छात्रों के साथ-साथ उपस्थित अतिथियों का भी ध्यान आकर्षित किया।
इस आयोजन का मूल उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और जिले में सड़क पर शून्य मृत्यु के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में ठोस पहल करना रहा। बच्चों ने रंगों और आकृतियों के माध्यम से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने और तेज रफ्तार से बचने जैसे महत्वपूर्ण संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
रचनात्मकता के जरिए सुरक्षा संदेश
रंगोली प्रतियोगिता में कुल छह टीमों ने हिस्सा लिया। प्रत्येक टीम ने सड़क सुरक्षा से जुड़े अलग-अलग विषयों को अपनी रंगोली में उकेरा। कहीं हेलमेट की अनिवार्यता दिखाई दी तो कहीं ज़ेब्रा क्रॉसिंग और ट्रैफिक लाइट का महत्व दर्शाया गया। बच्चों की कलात्मक सोच और सामाजिक संदेशों ने यह साबित कर दिया कि जागरूकता केवल भाषणों से ही नहीं, बल्कि रचनात्मक माध्यमों से भी प्रभावी ढंग से फैलायी जा सकती है।
सभी रंगोलियां न केवल आकर्षक थीं, बल्कि ज्ञानवर्धक भी रहीं। इन्हें देखकर यह स्पष्ट हुआ कि छात्र सड़क सुरक्षा नियमों को कितनी गंभीरता से समझ रहे हैं।
विजेताओं की घोषणा और निष्पक्ष मूल्यांकन
प्रतियोगिता के बाद सभी रंगोलियों का निरीक्षण जिला परिवहन विभाग, वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट और विद्यालय प्रबंधन से जुड़े अतिथियों द्वारा किया गया। निष्पक्ष और पारदर्शी मूल्यांकन के बाद परिणाम घोषित किए गए।
- प्रथम पुरस्कार : ग्रुप A
- द्वितीय पुरस्कार : ग्रुप C
- तृतीय पुरस्कार : ग्रुप B
विजेता टीमों को उपस्थित अतिथियों द्वारा प्रोत्साहित किया गया और सभी प्रतिभागियों की सराहना की गई।
अधिकारियों और समाजसेवियों की अहम भूमिका
इस अवसर पर जिला परिवहन विभाग से विनीत कुमार सिंह और ट्रैफिक प्रभारी सत्येंद्र कुमार दूबे उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि जीवन से जुड़ा प्रश्न है।
ट्रैफिक प्रभारी सत्येंद्र कुमार दूबे ने कहा: “यदि बच्चे आज से ही सड़क सुरक्षा के नियमों को अपनाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें, तो भविष्य में दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी।”
वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से विवेक वर्मा, मन्नत सिंह बग्गा, शर्मिला वर्मा, संध्या अग्रवाल, डॉ. अमितू सिंह, रानू सिन्हा, मंजू चंद्रा, चंदा देवी और अंकिता वर्मा की सक्रिय सहभागिता रही। टीम के सदस्यों ने बच्चों की रचनात्मकता की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज में बदलाव लाने की शुरुआत स्कूल स्तर से ही होती है।
विद्यालय परिवार की सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में गिरिवर स्कूल के प्राचार्य घनश्याम सर, आर्ट टीचर आकांक्षा मैम, राकेश कुमार, रंजीत कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। विद्यालय प्रबंधन ने इस पहल को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़कर देखा।
प्राचार्य घनश्याम सर ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों में न केवल रचनात्मकता बढ़ाती हैं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देती हैं।
लगातार चल रहे हैं जागरूकता कार्यक्रम
वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट और जिला परिवहन विभाग द्वारा इससे पहले भी स्पीच प्रतियोगिता, गीत, क्विज, पेंटिंग जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इन सभी आयोजनों का साझा उद्देश्य लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति संवेदनशील बनाना है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाई जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर भी इसी तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।



न्यूज़ देखो: बच्चों से शुरू हो रहा सुरक्षित भविष्य का सफर
मेदिनीनगर में आयोजित यह रंगोली प्रतियोगिता दिखाती है कि सड़क सुरक्षा जैसे गंभीर विषय को भी रचनात्मक और सकारात्मक तरीके से समाज तक पहुंचाया जा सकता है। बच्चों की भागीदारी यह संकेत देती है कि यदि जागरूकता बचपन से दी जाए, तो भविष्य में दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। अब जरूरत है कि ऐसे प्रयास निरंतर और व्यापक स्तर पर जारी रहें।
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सुरक्षित सड़कें, सुरक्षित भविष्य की ओर कदम
सड़क पर हर जीवन अनमोल है।
छोटे-छोटे नियमों का पालन बड़ी दुर्घटनाओं को रोक सकता है।
आप भी हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएं और ट्रैफिक नियमों का सम्मान करें।
इस सकारात्मक पहल को साझा करें, अपनी राय कमेंट में बताएं और सड़क सुरक्षा का संदेश आगे बढ़ाएं।





