
#हुसैनाबाद #बालविवाहमुक्त_झारखंड : सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता और सरकारी योजनाओं पर केंद्रित प्रशिक्षण।
पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड परिसर में बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान को लेकर अनुमंडल स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सामाजिक कुरीतियों, महिला सुरक्षा और राज्य सरकार की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और धर्मगुरुओं की सहभागिता से कार्यक्रम को व्यापक सामाजिक समर्थन मिला। यह पहल समाज में जागरूकता बढ़ाकर बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- हुसैनाबाद प्रखंड परिसर में अनुमंडल स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला।
- बाल विवाह, डायन प्रथा और महिला हिंसा पर केंद्रित जागरूकता।
- विधायक संजय कुमार सिंह यादव सहित प्रशासनिक अधिकारियों की भागीदारी।
- मिशन शक्ति, सखी सेंटर, कन्यादान योजना पर जानकारी साझा।
- नुक्कड़ नाटक और सामूहिक शपथ के साथ कार्यशाला का समापन।
सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन और महिलाओं-बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड में एक अहम पहल की गई। सामाजिक कुरीति निवारण योजना, बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान, मिशन शक्ति तथा राज्य सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं को लेकर आयोजित इस अनुमंडल स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का उद्देश्य समाज में व्याप्त बाल विवाह, डायन प्रथा और महिलाओं के विरुद्ध हिंसा के प्रति व्यापक जन-जागरूकता पैदा करना रहा।
कार्यशाला में प्रशासन, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, आंगनबाड़ी सेविकाएं और धर्मगुरुओं की एक साथ उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि बाल विवाह जैसे अपराध को रोकना केवल कानून का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन स्थानीय विधायक संजय कुमार सिंह यादव, जिला परिषद उपाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह, समाज कल्याण निदेशालय की सहायक निदेशक कृष्णा टोप्पो, प्रखंड प्रमुख राजकुमारी देवी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान, महिला थाना प्रभारी पार्वती कुमारी एवं विभिन्न धर्मगुरुओं द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
मंच संचालन शालिनी श्रीवास्तव ने किया। महिला पर्यवेक्षिकाओं एवं जेंडर सीआरपी द्वारा अतिथियों को पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया, जो पर्यावरण और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी संदेश था।
बाल विवाह को अपराध बताते हुए समाज से जिम्मेदारी निभाने की अपील
कार्यशाला को संबोधित करते हुए विधायक संजय कुमार सिंह यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
संजय कुमार सिंह यादव ने कहा: “बाल विवाह केवल सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ किया जाने वाला अपराध है। सरकार कानून और योजनाओं के माध्यम से इसे रोकने का हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन समाज की भागीदारी के बिना सफलता संभव नहीं।”
उन्होंने कहा कि बेटियों को बोझ समझने की मानसिकता को बदलना होगा और शिक्षा के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाना ही बाल विवाह रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।
सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी
समाज कल्याण निदेशालय की सहायक निदेशक कृष्णा टोप्पो ने प्रतिभागियों को मिशन शक्ति, सखी वन स्टॉप सेंटर, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य संकटग्रस्त महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और सामाजिक सम्मान प्रदान करना है।
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बाल विवाह उन्मूलन के लिए जिले में 100 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण, संवाद और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कानून की जानकारी और हेल्पलाइन का संदेश
हुसैनाबाद के बीडीओ-सह-सीडीपीओ सुनील वर्मा ने बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि:
सुनील वर्मा ने कहा: “बालिकाओं की न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष और बालकों की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में विवाह कराना कानूनन अपराध है, जिसमें एक लाख रुपये तक का जुर्माना और दो वर्ष तक का कारावास हो सकता है।”
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 या पुलिस हेल्पलाइन 112 पर तुरंत दें।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के विचार
कार्यशाला में जिप उपाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह, प्रखंड प्रमुख राजकुमारी देवी, मोहम्मदगंज बीडीओ रणवीर कुमार, हैदरनगर बीडीओ विश्व प्रताप मालवा एवं सीओ संतोष कुमार ने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, डायन प्रथा उन्मूलन और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार रखे।
नुक्कड़ नाटक से प्रभावी संदेश
कार्यक्रम के दौरान मासूम आर्ट केंद्र द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से यह दिखाया गया कि बाल विवाह कैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और पूरे जीवन को प्रभावित करता है।
शपथ के साथ कार्यशाला का समापन
कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों को बाल विवाह मुक्त झारखंड की शपथ दिलाई गई। धन्यवाद ज्ञापन हुसैनाबाद अंचल अधिकारी पंकज कुमार ने किया।
कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि कलामुद्दीन खान, सुदेश्वर राम, रामजन्म सिंह, महिला थाना के सहायक अवर निरीक्षक कामेश्वर राम, यूनिसेफ की रिसोर्स पर्सन सुमन कुमारी, महिला पर्यवेक्षिकाएं सीमा झा, कान्ती देवी, किरण कुमारी, प्रेमलता कुजूर, जेएसएलपीएस के बीपीएम, जेंडर सीआरपी सिंधु देवी, ममता देवी, प्रिया देवी, इंद्रावती चौधरी, आंगनबाड़ी सेविकाएं एवं विभिन्न धर्मगुरु संजय कुमार, विनय कुमार द्विवेदी, अब्दुल वकील अहमद सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

न्यूज़ देखो: सामाजिक बदलाव की जिम्मेदारी सामूहिक
हुसैनाबाद में आयोजित यह कार्यशाला दर्शाती है कि बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन का रूप ले रही है। जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयास से ही यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। अब जरूरी है कि यह जागरूकता गांव-गांव तक पहुंचे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जब समाज जागेगा, तभी रुकेगा बाल विवाह
बाल विवाह रोकना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। ऐसी पहलों को समर्थन दें, जानकारी साझा करें और जरूरत पड़ने पर आवाज उठाएं। अपनी राय कमेंट में दें, खबर को साझा करें और बाल विवाह मुक्त झारखंड की दिशा में कदम बढ़ाएं।





