#हुसैनाबाद #सालाना_उर्स : दाता पीर बख्श शाह के उर्स में उमड़ी आस्था और भाईचारे की भीड़।
पलामू के हुसैनाबाद में हजरत दाता पीर बख्श शाह रहमतुल्लाह अलैह का दो दिवसीय सालाना उर्स सोमवार को अकीदत और धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हो गया। उर्स में झारखंड और बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंचे हजारों जायरीनों ने मजार पर चादरपोशी कर अमन, शांति और खुशहाली की दुआ मांगी। रविवार रात आयोजित भव्य कव्वाली कार्यक्रम में मशहूर कव्वाल बाबू गुलाम साबरी और तनवीर इंडियन ने सूफियाना कलाम पेश कर पूरी रात महफिल सजाए रखी। कार्यक्रम के दौरान कौमी एकता, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का अद्भुत नजारा देखने को मिला।
- हजरत दाता पीर बख्श Shah के दो दिवसीय सालाना उर्स में उमड़ी हजारों श्रद्धालुओं की भीड़।
- मशहूर कव्वाल बाबू गुलाम साबरी और तनवीर इंडियन के बीच शानदार कव्वाली मुकाबला हुआ।
- झारखंड और बिहार के कई जिलों से पहुंचे जायरीनों ने मजार पर चादर चढ़ाकर मांगी मन्नतें।
- पूर्व विधानसभा प्रत्याशी शेर अली ने मजार को कौमी एकता की मिसाल बताया।
- नगर पंचायत अध्यक्ष अजय कुमार भारती ने मजार क्षेत्र के विकास का भरोसा दिलाया।
- उर्स को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी रात मुस्तैद रहा और सुरक्षा व्यवस्था संभाली।
पलामू जिले के हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र में स्थित हजरत दाता पीर बख्श शाह रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स इस वर्ष भी श्रद्धा, आस्था और भाईचारे के माहौल में संपन्न हुआ। हर वर्ष की तरह इस बार भी उर्स में बड़ी संख्या में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए। दो दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में जायरीनों ने मजार पर माथा टेककर सुख-समृद्धि और अमन-चैन की दुआ मांगी।
रविवार की रात आयोजित कव्वाली कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहा, जहां देश के प्रसिद्ध कव्वालों ने अपने सूफियाना कलाम से पूरी रात महफिल को रौशन रखा। देर रात तक चली कव्वाली में लोग झूमते नजर आए और पूरा माहौल आध्यात्मिक रंग में रंग गया।
कव्वाली की महफिल में गूंजे सूफियाना कलाम
उर्स के मौके पर इब्राहिम सेठ के सौजन्य से भव्य कव्वाली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व विधानसभा प्रत्याशी शेर अली, नगर पंचायत अध्यक्ष अजय कुमार भारती, उर्स कमिटी के संयोजक इब्राहिम सेठ की पत्नी शायरा इब्राहिम सेठ, सुहाना खान तथा सामाजिक कार्यकर्ता मुन्ना कुमार देव ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।
मंच की अध्यक्षता उर्स कमिटी के सचिव आरजू खान ने की, जबकि संचालन एम. रिज़वी ने किया। कव्वाली की शुरुआत मशहूर कव्वाल बाबू गुलाम साबरी और तनवीर इंडियन ने दाता पीर बख्श शाह रहमतुल्लाह अलैह की शान में हमद और नात पाक पेश कर की।
इसके बाद दोनों कलाकारों ने एक से बढ़कर एक सूफियाना कलाम और कव्वालियां प्रस्तुत कर पूरी रात श्रोताओं को बांधे रखा। अहले सुबह तक चली इस महफिल में लोगों ने तालियों और वाहवाही के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
कौमी एकता और भाईचारे का दिखा अद्भुत संगम
उर्स में बड़ी संख्या में विभिन्न समुदायों के लोगों की भागीदारी ने इसे सामाजिक सौहार्द और कौमी एकता का प्रतीक बना दिया। लोग अपने परिवार के साथ मजार पहुंचे और चादरपोशी कर मन्नतें मांगी।
शेर अली ने कहा: “हजरत दाता पीर बख्श शाह का मजार हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों की आस्था का केंद्र है। यहां सभी धर्मों के लोग अपनी फरियाद लेकर आते हैं, यही आपसी भाईचारे और सौहार्द की असली पहचान है।”
उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में प्रेम, भाईचारा और एकता का संदेश देते हैं।
मजार क्षेत्र के विकास का दिया भरोसा
कार्यक्रम में मौजूद नगर पंचायत अध्यक्ष अजय कुमार भारती ने कहा कि दाता पीर बख्श शाह की दरगाह की महिमा निराली है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं की मन्नतें पूरी होती हैं।
अजय कुमार भारती ने कहा: “मेरी भी कई मन्नतें बाबा ने पूरी की हैं। नगर पंचायत क्षेत्र के विकास के साथ-साथ इस मजार को भी बेहतर ढंग से सजाया और विकसित किया जाएगा।”
वहीं शायरा इब्राहिम सेठ ने कहा कि वह पिछले 26 वर्षों से लगातार बाबा के उर्स में शामिल हो रही हैं और बाबा की कृपा से आगे भी हाजिरी लगाती रहेंगी।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे सामाजिक और धार्मिक लोग
उर्स कार्यक्रम में उर्स कमिटी के अध्यक्ष एजाज हुसैन उर्फ छेदी खान, पूर्व मुखिया नवाजिश खान, मुखिया अभय कुमार सिंह उर्फ टुन्ना सिंह, मुमताज खान उर्फ बड़ा बाबू, नदीम खान, गुड्डू खान, असगर खान, मास्टर मंजूर आलम, दाऊद खान, आसिफ खान, सद्दाम खान, अफरोज आलम, प्यारे नबी, वारिस राइन, बाबर आलम, प्रणव सुमन, महताब खान, मो हसन, अशद हुसैन, मो मजहर समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन रहा सतर्क
उर्स कार्यक्रम को लेकर हुसैनाबाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी चंदन कुमार, एसआई मुन्ना यादव, धर्मेंद्र सिंह, एएसआई अजित सिंह समेत कई पुलिसकर्मी लगातार क्षेत्र में मुस्तैद रहे और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई।
न्यूज़ देखो: आस्था के साथ सामाजिक सौहार्द का भी संदेश देता है उर्स
हुसैनाबाद में आयोजित दाता पीर बख्श शाह का सालाना उर्स केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे की जीवंत मिसाल बनकर सामने आया। हजारों लोगों की मौजूदगी और विभिन्न समुदायों की सहभागिता ने यह साबित किया कि धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का माध्यम बन सकते हैं। प्रशासन और आयोजन समिति की बेहतर व्यवस्था भी सराहनीय रही। ऐसे आयोजनों से सामाजिक सद्भाव मजबूत होता है और आने वाली पीढ़ियों को भी एकता का सकारात्मक संदेश मिलता है।
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आस्था के साथ एकता का संदेश भी फैलाएं
धार्मिक आयोजन तभी सफल माने जाते हैं जब वे समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करें।
हमें अपनी सांस्कृतिक और सूफी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लेना चाहिए।
नफरत नहीं, मोहब्बत और इंसानियत ही समाज को मजबूत बनाती है।
ऐसे आयोजनों में सहभागिता सामाजिक सौहार्द को और मजबूती देती है।
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