
#मेदिनीनगर #सामाजिक_सेवा : मकरसंक्रांति के अवसर पर जरूरतमंदों के साथ खुशियां साझा करने का सराहनीय प्रयास।
पलामू जिले के मेदिनीनगर में मकरसंक्रांति के पावन अवसर पर नवनिर्माण शक्ति संघ द्वारा सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश की गई। रेलवे स्टेशन परिसर में आयोजित इस सेवा अभियान के तहत गरीब और जरूरतमंद लोगों के बीच चूड़ा, गुड़, तिलकुट, लाई और कपड़ों का वितरण किया गया। संघ के सभी सदस्यों ने इसमें सक्रिय भागीदारी निभाई। यह पहल त्योहारों पर सामाजिक समानता और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- नवनिर्माण शक्ति संघ पलामू के तत्वाधान में सेवा कार्यक्रम का आयोजन।
- रेलवे स्टेशन परिसर, मेदिनीनगर में गरीबों के बीच सामग्री वितरण।
- मकरसंक्रांति पर चूड़ा, गुड़, तिलकुट, तिल के लड्डू और कपड़े वितरित।
- अध्यक्ष स्नेहा ओझा के नेतृत्व में कार्यक्रम संपन्न।
- कई सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता।
मेदिनीनगर, पलामू में मकरसंक्रांति के अवसर पर जहां अधिकांश लोग अपने घरों में त्योहार की खुशियां मना रहे थे, वहीं नवनिर्माण शक्ति संघ ने समाज के उस वर्ग को याद किया जो अक्सर इन खुशियों से वंचित रह जाता है। रेलवे स्टेशन परिसर जैसे सार्वजनिक स्थान को चुनकर संघ ने यह संदेश दिया कि सेवा और संवेदना का कोई दायरा नहीं होता।
संघ के सदस्यों ने सुबह से ही स्टेशन परिसर में एकत्र होकर जरूरतमंद परिवारों को मकरसंक्रांति पर पारंपरिक रूप से खाए जाने वाले खाद्य पदार्थ और कपड़े वितरित किए। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सामग्री वितरण नहीं, बल्कि त्योहार की खुशी को समाज के हर तबके तक पहुंचाना रहा।
मकरसंक्रांति पर सेवा का संकल्प
मकरसंक्रांति झारखंड सहित पूरे देश में सामाजिक समरसता और दान-पुण्य का पर्व माना जाता है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए नवनिर्माण शक्ति संघ ने इस दिन को सेवा कार्य के लिए चुना। चूड़ा, गुड़, तिलकुट, तिल के लड्डू, लाई जैसे पारंपरिक व्यंजन और वस्त्र पाकर जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान देखने लायक थी।
संघ के सदस्यों ने कतारबद्ध तरीके से सामग्री वितरण किया ताकि किसी को असुविधा न हो और सभी को सम्मान के साथ सहायता मिल सके।
अध्यक्ष स्नेहा ओझा का संदेश
कार्यक्रम के दौरान संघ की अध्यक्ष स्नेहा ओझा ने कहा:
“हम सभी अपने घरों में त्योहार अच्छे से मनाते हैं, लेकिन जब त्योहारों की खुशियां गरीबों और जरूरतमंदों के साथ साझा की जाती हैं, तब उसका आनंद दुगना हो जाता है। इसी उद्देश्य से हमने मकरसंक्रांति पर यह सेवा कार्यक्रम आयोजित किया।”
उन्होंने यह भी कहा कि नवनिर्माण शक्ति संघ आगे भी ऐसे सामाजिक कार्यों को लगातार जारी रखेगा, ताकि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके।
सदस्यों की सक्रिय सहभागिता
इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में संघ के कई सदस्यों का अहम योगदान रहा। चंद्र प्रकाश ओझा, सोनी पाठक, वागीशा विश्वकर्मा, इंदु मेहता, अंजली गुप्ता, प्रिया सिंह और निक्की गुप्ता ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और वितरण व्यवस्था को संभाला।
सदस्यों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों से न सिर्फ जरूरतमंदों को सहायता मिलती है, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना भी मजबूत होती है।
रेलवे स्टेशन परिसर का चयन क्यों खास
रेलवे स्टेशन परिसर शहर का ऐसा स्थान है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में गरीब, मजदूर, यात्री और असहाय लोग पहुंचते हैं। संघ द्वारा इस स्थान का चयन करना इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे वास्तविक जरूरतमंदों तक सहायता सीधे पहुंच सकी। कई बुजुर्गों और बच्चों ने संघ के सदस्यों को आशीर्वाद भी दिया।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम को देखकर स्टेशन परिसर में मौजूद यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने भी संघ की सराहना की। लोगों का कहना था कि त्योहारों पर इस तरह के आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं।

न्यूज़ देखो: सेवा से मजबूत होता सामाजिक ताना-बाना
नवनिर्माण शक्ति संघ की यह पहल दिखाती है कि सामाजिक संगठन चाहें तो सीमित संसाधनों में भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं। त्योहारों को सिर्फ निजी उत्सव न मानकर सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना आज के समय की जरूरत है। सवाल यह है कि क्या अन्य संगठन और नागरिक भी इससे प्रेरणा लेंगे? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जब खुशियां बांटी जाती हैं, तभी त्योहार पूरे होते हैं
मकरसंक्रांति जैसे पर्व हमें दान, सहयोग और समानता का संदेश देते हैं। जरूरतमंदों के साथ खड़े होकर ही समाज मजबूत बनता है।
आप भी ऐसे सामाजिक प्रयासों से जुड़ें, इस खबर को साझा करें और बताएं कि आपके क्षेत्र में कौन से संगठन समाज के लिए अच्छा काम कर रहे हैं। आपकी एक पहल किसी के जीवन में खुशी ला सकती है।





