चंदवा के भंडार टोला में जंगली हाथी का हमला, 52 वर्षीय ग्रामीण टीभरू गंझू की दर्दनाक मौत से गांव में दहशत

चंदवा के भंडार टोला में जंगली हाथी का हमला, 52 वर्षीय ग्रामीण टीभरू गंझू की दर्दनाक मौत से गांव में दहशत

author Ravikant Kumar Thakur
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#चंदवा #हाथी_हमला : भंडार टोला गांव में रात में घुसे जंगली हाथी ने ग्रामीण पर हमला कर दी जान।

लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र स्थित माल्हन पंचायत के भंडार टोला गांव में गुरुवार देर रात जंगली हाथी के हमले में 52 वर्षीय ग्रामीण टीभरू गंझू की मौके पर ही मौत हो गई। जंगल से निकलकर गांव में घुसे हाथी के कारण पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने मशाल और शोर के सहारे हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा। वन विभाग ने शुक्रवार सुबह पहुंचकर परिजनों को तत्काल राहत राशि प्रदान की।

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  • माल्हन पंचायत के भंडार टोला गांव में गुरुवार देर रात जंगली हाथी का हमला।
  • 52 वर्षीय टीभरू गंझू की मौके पर ही दर्दनाक मौत।
  • हाथी के गांव में घुसते ही ग्रामीणों में भगदड़ और दहशत का माहौल
  • सैकड़ों ग्रामीणों ने मशाल और शोर से हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा।
  • वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, परिजनों को तत्काल 40 हजार रुपये की सहायता राशि

लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र के माल्हन पंचायत अंतर्गत भंडार टोला गांव में गुरुवार देर रात जंगली हाथी के हमले से एक ग्रामीण की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव को शोक और दहशत में डाल दिया है। जंगल से निकलकर अचानक गांव में घुसे हाथी के कारण अफरा-तफरी मच गई और इसी दौरान 52 वर्षीय ग्रामीण टीभरू गंझू उसकी चपेट में आ गए। गंभीर हमले के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। ग्रामीणों ने हाथियों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर प्रशासन और वन विभाग से ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

देर रात गांव में घुस आया जंगली हाथी

ग्रामीणों के अनुसार गुरुवार देर रात जंगल से निकलकर एक अकेला जंगली हाथी भंडार टोला गांव में घुस आया। अचानक हाथी को गांव में देख ग्रामीणों में अफरा-तफरी और भगदड़ की स्थिति बन गई।

लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान गांव के ही निवासी टीभरू गंझू (पिता – नंदा गंझू) अचानक हाथी के सामने आ गए। हाथी ने गुस्से में आकर उन पर हमला कर दिया।

हमले के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। यह घटना इतनी अचानक हुई कि ग्रामीण कुछ समझ ही नहीं पाए और देखते ही देखते एक परिवार की खुशियां उजड़ गईं।

ग्रामीणों ने एकजुट होकर हाथी को भगाया

घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल फैल गया। बताया जा रहा है कि हाथी काफी आक्रामक था और देर रात तक गांव के आसपास घूमता रहा।

इसके बाद भंडार टोला सहित आसपास के चार–पांच गांवों के सैकड़ों ग्रामीण एकजुट हो गए। ग्रामीणों ने मशाल, ढोल और शोर-शराबे के सहारे हाथी को भगाने का प्रयास किया।

काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को सफलता मिली और देर रात हाथी को जंगल की ओर खदेड़ दिया गया। हालांकि हाथी की गतिविधियों को लेकर ग्रामीण अभी भी सतर्क हैं।

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम पहुंची

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को अवगत कराया गया। शुक्रवार सुबह वन विभाग की टीम गांव पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली।

वन विभाग के अधिकारियों ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही तत्काल राहत के रूप में 40 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।

अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

हाथियों की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में भय

चंदवा और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से जंगली हाथियों की गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। अक्सर हाथी जंगल से निकलकर गांवों और खेतों की ओर आ जाते हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना रहता है।

ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के कारण फसल नुकसान, संपत्ति क्षति और जनहानि जैसी घटनाएं भी सामने आ रही हैं। ऐसे में वन विभाग को स्थायी समाधान की दिशा में काम करने की जरूरत है।

कई ग्रामीणों ने सुझाव दिया है कि प्रभावित गांवों में सतर्कता टीम बनाई जाए और हाथियों की गतिविधियों की सूचना समय पर लोगों तक पहुंचाई जाए।

गांव में पसरा मातम, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

टीभरू गंझू की मौत के बाद उनके घर में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और हाथियों के हमलों को रोकने के लिए ठोस योजना बनाई जाए।

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भी इस तरह की घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।

न्यूज़ देखो: मानव और वन्यजीव संघर्ष का बढ़ता खतरा

चंदवा की यह घटना मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर करती है। जंगल सिमटने और आबादी बढ़ने के कारण हाथियों का गांवों की ओर आना लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में वन विभाग को दीर्घकालिक योजना बनाकर ग्रामीणों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण दोनों पर समान ध्यान देना होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूकता और सामूहिक प्रयास से ही टलेंगी ऐसी घटनाएं

ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों की गतिविधियों के प्रति सतर्क रहना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही कभी-कभी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

समुदाय की एकजुटता और समय पर सूचना साझा करना कई जिंदगियों को बचा सकता है।

यदि आपके क्षेत्र में भी जंगली हाथियों की गतिविधि बढ़ रही है तो प्रशासन और वन विभाग को तुरंत सूचना दें और सावधानी बरतें।

इस खबर पर अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें और इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं ताकि जागरूकता बढ़े और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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Written by

चंदवा, लातेहार

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