महुआडांड़ में एक साल से मुआवजे का इंतजार, छत गिरने के बाद भी बेघर परिवार को नहीं मिली राहत

महुआडांड़ में एक साल से मुआवजे का इंतजार, छत गिरने के बाद भी बेघर परिवार को नहीं मिली राहत

author News देखो Team
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#महुआडांड़ #मुआवजा_मामला : कुरो टोंगरी में घटना—घर ढहने के बाद भी पीड़ित परिवार सहायता से वंचित।

लातेहार के महुआडांड़ में एक परिवार एक साल से मुआवजे का इंतजार कर रहा है। बरसात में घर गिरने के बाद भी कोई राहत नहीं मिली। परिवार अस्थायी व्यवस्था में रह रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सहायता की मांग की है।

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  • रामासिस पांडे का घर बारिश में ध्वस्त
  • एक साल बाद भी मुआवजा नहीं मिला
  • परिवार अस्थायी व्यवस्था में रहने को मजबूर
  • कई बार आवेदन के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं
  • प्रशासन से तत्काल राहत की मांग

लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत परहाटोली पंचायत के कुरो टोंगरी गांव में एक परिवार पिछले एक वर्ष से सरकारी मदद का इंतजार कर रहा है। रामासिस पांडे का घर बीते वर्ष बरसात के दौरान पूरी तरह ध्वस्त हो गया था, लेकिन अब तक उन्हें न तो मुआवजा मिला है और न ही किसी प्रकार की राहत।

यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, जहां आपदा के बाद भी पीड़ित परिवार को समय पर सहायता नहीं मिल सकी।

बरसात में गिरा घर, बाल-बाल बचा परिवार

ग्रामीणों के अनुसार, पिछले वर्ष तेज बारिश के दौरान अचानक रामासिस पांडे के घर की छत गिर गई।

एक ग्रामीण ने कहा: “घटना के समय परिवार घर के अंदर था, लेकिन किसी तरह सभी की जान बच गई।”

हालांकि इस घटना में घर पूरी तरह रहने लायक नहीं रहा।

एक साल बाद भी नहीं मिली मदद

घटना के बाद पीड़ित परिवार ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को सूचना दी थी।

रामासिस पांडे ने कहा: “हमने कई बार आवेदन दिया, लेकिन अब तक कोई मदद नहीं मिली।”

इसके बावजूद अब तक किसी भी प्रकार का मुआवजा या सहायता नहीं दी गई है।

अस्थायी व्यवस्था में जीवन

पीड़ित परिवार वर्तमान में अस्थायी व्यवस्था में रह रहा है, जिससे उनकी स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है।

एक ग्रामीण ने कहा: “बरसात और ठंड के मौसम में परिवार को काफी परेशानी होती है।”

ग्रामीणों में नाराजगी

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को जानकारी देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

एक ग्रामीण ने कहा: “इतनी बड़ी घटना के बाद भी प्रशासन की चुप्पी समझ से परे है।”

आवास योजना की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को सरकारी आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराया जाए।

एक जनप्रतिनिधि ने कहा: “ऐसे मामलों में तुरंत सहायता मिलनी चाहिए।”

प्रशासन से जांच की मांग

लोगों ने जिला प्रशासन से इस मामले की जांच कर शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है।

पीड़ित की गुहार

रामासिस पांडे ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा—

“हमारा परिवार एक साल से कठिन परिस्थितियों में रह रहा है, जल्द मदद की जाए।”

मानवीय संवेदना का सवाल

यह मामला प्रशासनिक संवेदनशीलता और जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़ा करता है।

न्यूज़ देखो: मदद में देरी क्यों

महुआडांड़ का यह मामला दिखाता है कि आपदा के बाद राहत में देरी पीड़ित परिवार के लिए बड़ी समस्या बन जाती है। क्या प्रशासन अब इस पर त्वरित कार्रवाई करेगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जरूरतमंदों के साथ खड़े हों

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सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिलना जरूरी है।
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