#सलडेगा #अंबेडकर_जयंती : विद्यालय में आयोजन—चुनाव परिणाम और शपथ ग्रहण से सजे लोकतांत्रिक संस्कार।
सिमडेगा के सलडेगा स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में अंबेडकर जयंती पर विशेष कार्यक्रम हुआ। विद्यार्थियों के चुनाव परिणाम घोषित कर शपथ ग्रहण कराया गया। शिक्षकों ने लोकतांत्रिक मूल्यों और नेतृत्व क्षमता पर जोर दिया। कार्यक्रम में उत्साह और अनुशासन का माहौल रहा।
- विद्यालय में अंबेडकर जयंती और शपथ ग्रहण समारोह।
- जितेंद्र कुमार पाठक ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया।
- छात्र चुनाव के परिणाम घोषित किए गए।
- शिवाजी दल ने 12 पदों पर जीत दर्ज की।
- विद्यार्थियों में नेतृत्व और लोकतांत्रिक मूल्य विकसित।
सिमडेगा जिले के सलडेगा स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में अंबेडकर जयंती को एक अनूठे और प्रेरणादायक तरीके से मनाया गया। यहां इस दिन को केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के उत्सव के रूप में विद्यार्थियों के बीच शपथ ग्रहण समारोह आयोजित कर इसे खास बना दिया गया।
विद्यालय परिसर में दिनभर उत्साह, अनुशासन और प्रेरणा का वातावरण बना रहा, जहां विद्यार्थियों ने लोकतंत्र और नेतृत्व की वास्तविक सीख प्राप्त की।
दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार पाठक द्वारा डॉ. अंबेडकर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया।
जितेंद्र कुमार पाठक ने कहा: “यह आयोजन विद्यार्थियों में नेतृत्व और सामाजिक चेतना विकसित करने का सशक्त माध्यम है।”
अंबेडकर के विचारों पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान आचार्य-आचार्याओं और विद्यार्थियों ने बाबा साहेब के जीवन, उनके संघर्ष और समाज में उनके योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए।
एक शिक्षक ने कहा: “डॉ. अंबेडकर के विचार आज भी समाज को दिशा देने वाले हैं।”
चुनाव परिणाम और शपथ ग्रहण
इस अवसर पर विद्यालय में आयोजित छात्र चुनाव के परिणाम घोषित किए गए और नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ।
प्रधानाचार्य ने सभी पदाधिकारियों को ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ जिम्मेदारी निभाने की शपथ दिलाई।
विभिन्न दलों का प्रदर्शन
चुनाव में कुल 26 पदों में—
- शिवाजी दल ने 12 पद
- एकलव्य दल ने 9 पद
- आरूणि दल ने 3 पद
- भरत दल ने 2 पद
पर जीत दर्ज की।
प्रमुख पदों पर चयन
किशोर भारती के अध्यक्ष बने राहुल महतो, उपाध्यक्ष सोनल केशरी, मंत्री अंकित कश्यप, सह मंत्री जयकुँवर किसान।
सेनापति पद पर आशीष समर्पित लकड़ा और ललन नाग, सह सेनापति सुब्रत बड़ाईक और विवेकानंद बड़ाईक चुने गए।
कन्या भारती में अध्यक्ष नेहा कुमारी, उपाध्यक्ष पायल कुमारी, मंत्री नीलम कुमारी, सह मंत्री भूमिका कुमारी।
बाल भारती में अध्यक्ष लक्की कोटवार, उपाध्यक्ष तन्मय कच्छप, मंत्री दुर्गा सिंह, सह मंत्री चुनमुन सिंह, सेनापति विक्रम महतो, सह सेनापति शास्त्र बड़ाईक।
बाल कन्या भारती में अध्यक्ष निधि कुमारी, उपाध्यक्ष आकांक्षा कुमारी, मंत्री रूपा कुमारी, सह मंत्री खुशी कुमारी, सेनापति ममता कुमारी, सह सेनापति पूजा कुमारी निर्वाचित हुईं।
ऐतिहासिक संयोग बना विशेष
इस कार्यक्रम का सबसे खास पहलू यह रहा कि शपथ ग्रहण समारोह अंबेडकर जयंती के दिन आयोजित हुआ।
एक शिक्षक ने कहा: “यह दिन संविधान और लोकतंत्र की भावना को और मजबूत करता है।”
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और रूप-सज्जा
कार्यक्रम में डॉ. अंबेडकर की रूप-सज्जा ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया और माहौल को भावनात्मक बना दिया।
संचालन और समापन
कार्यक्रम का संचालन कीर्ति अग्रवाल ने किया और अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
प्रेरणादायक वातावरण
पूरा कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक और शिक्षाप्रद रहा, जिसने उनके भीतर नेतृत्व और जिम्मेदारी की भावना को जागृत किया।
न्यूज़ देखो: शिक्षा में लोकतंत्र की सीख
सलडेगा का यह आयोजन दिखाता है कि विद्यालय स्तर पर ही लोकतांत्रिक मूल्यों की शिक्षा दी जाए तो भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार हो सकते हैं। क्या ऐसे मॉडल को अन्य स्कूल भी अपनाएंगे? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सीखें नेतृत्व, बनें जिम्मेदार नागरिक
लोकतंत्र की शुरुआत स्कूल से होती है।
नेतृत्व और जिम्मेदारी का अभ्यास जरूरी है।
बच्चों को सही दिशा देना समाज का कर्तव्य है।
आइए, हम शिक्षा में ऐसे नवाचार को बढ़ावा दें।
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