
#कोलेबिरा #सड़क_दुर्घटना : कोलेबिरा थाना क्षेत्र में अज्ञात वाहन की चपेट में आने से युवक की मौत।
कोलेबिरा क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में 38 वर्षीय युवक की मौत हो गई। पालकोट थाना क्षेत्र के बघिमा नवाडीह निवासी युवक घर लौटते समय अज्ञात वाहन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने पुलिस प्रशासन को सूचना दी, लेकिन समय पर सहायता नहीं पहुंच सकी। घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
- कोलेबिरा थाना क्षेत्र में हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना।
- बघिमा नवाडीह निवासी कमल साहू की हादसे में मौत।
- अज्ञात वाहन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हुआ युवक।
- राहगीरों ने टेंपो से सीएचसी पहुंचाया घायल को।
- डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, क्षेत्र में शोक का माहौल।
कोलेबिरा प्रखंड क्षेत्र में एक बार फिर सड़क दुर्घटना ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया। पालकोट थाना क्षेत्र अंतर्गत बघिमा नवाडीह गांव निवासी लगभग 38 वर्षीय कमल साहू अपने घर जाने के क्रम में हादसे का शिकार हो गए। यह घटना क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
हादसे की पूरी जानकारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार कमल साहू किसी निजी कार्य से बाहर गए हुए थे और वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उन्हें एक अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि कमल साहू सड़क पर गिर पड़े और उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया।
राहगीरों ने दिखाई मानवता
दुर्घटना के बाद वहां से गुजर रहे राहगीरों ने घायल अवस्था में पड़े युवक को देखा और तुरंत सहायता के लिए आगे आए। उन्होंने घटना की सूचना कोलेबिरा पुलिस प्रशासन को दी। राहगीरों ने उम्मीद की कि जल्द ही एंबुलेंस या पुलिस सहायता पहुंचेगी, लेकिन समय पर कोई सहायता मौके पर नहीं पहुंच सकी।
समय पर मदद न मिलने से बढ़ी परेशानी
सूचना देने के बावजूद जब काफी देर तक प्रशासनिक सहायता नहीं पहुंची, तो राहगीरों ने स्वयं पहल करते हुए घायल कमल साहू को एक टेंपो वाहन में बैठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यह कदम मानवीय दृष्टि से सराहनीय रहा, लेकिन तब तक घायल की स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी।
अस्पताल में मृत घोषित
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद कमल साहू को मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही परिजनों और ग्रामीणों में कोहराम मच गया। एक हंसते-खेलते युवक की अचानक मौत से पूरा गांव शोक में डूब गया।
परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
कमल साहू की मौत की सूचना मिलते ही बघिमा नवाडीह गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। परिजन गहरे सदमे में हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि कमल साहू एक शांत स्वभाव और मेहनती व्यक्ति थे, जिनकी असमय मृत्यु ने पूरे गांव को झकझोर दिया है।
अज्ञात वाहन की तलाश
घटना के बाद पुलिस द्वारा अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द वाहन चालक को चिन्हित कर कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
सड़क सुरक्षा और आपात सेवाओं पर सवाल
इस घटना ने क्षेत्र में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं, पुलिस रिस्पांस टाइम और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय पर एंबुलेंस या पुलिस सहायता पहुंच जाती, तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनती जा रही हैं।
प्रशासन से अपेक्षाएं
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में त्वरित कार्रवाई, गश्त और एंबुलेंस की उपलब्धता बेहद जरूरी है। साथ ही, अज्ञात वाहन दुर्घटनाओं पर प्रभावी निगरानी और कार्रवाई से ही ऐसे मामलों में कमी लाई जा सकती है।
न्यूज़ देखो: एक मौत, कई सवाल और सिस्टम की जिम्मेदारी
यह खबर केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की कई कमियों को उजागर करती है। समय पर सहायता का न पहुंचना एक बड़ी चूक के रूप में सामने आया है। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ऐसे मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो और दोषियों पर कार्रवाई हो। सवाल यह है कि क्या इस घटना से सबक लेकर सिस्टम में सुधार किया जाएगा।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सड़क पर सावधानी सिस्टम में तत्परता दोनों जरूरी
हर सड़क दुर्घटना हमें सतर्क रहने की चेतावनी देती है। सुरक्षित वाहन संचालन, तेज गति से बचाव और प्रशासनिक तत्परता से कई जानें बचाई जा सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आपात सेवाएं समय की मांग हैं।







