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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने सिकामु विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ सौंपा 26 सूत्री मांग पत्र

#दुमका #शिक्षा_सुधार : अभाविप ने केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी को विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं के संबंध में सौंपा विस्तृत 26 सूत्री मांग पत्र
  • अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (अभाविप) ने सिकामु विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जांच की मांग की।
  • प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नगर मंत्री गणेश मुर्मू ने किया और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी से मुलाकात की।
  • प्रॉक्टर डॉ. राजीव कुमार और वित्त पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सिन्हा की नियुक्ति और वित्तीय लेनदेन की उच्चस्तरीय जांच की मांग।
  • विश्वविद्यालय के भवन निर्माण, मॉडल कॉलेज प्राचार्यों की नियुक्ति और छात्रों से ली गई राशि की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील।
  • अभाविप ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।

अभाविप दुमका इकाई ने सिकामु विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी को 26 सूत्री मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और कार्रवाई की मांग की। अभाविप के अनुसार विश्वविद्यालय में नियुक्तियों, वित्तीय लेनदेन, छात्रावास निर्माण और भवन निर्माण में अनियमितताएं शिक्षा व्यवस्था की गरिमा को ठेस पहुँचा रही हैं।

मांगों की विस्तृत जानकारी

प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से प्रॉक्टर डॉ. राजीव कुमार और वित्त पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सिन्हा की नियुक्ति प्रक्रिया और वित्तीय लेनदेन की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। साथ ही डॉ. राजीव कुमार को ओएसडी पद से हटाने की अपील की। विश्वविद्यालय में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच (बीएड गर्ल्स हॉस्टल, मल्टीपर्पस हॉल, जामा डिग्री कॉलेज) और मॉडल कॉलेजों में नियमित प्राचार्य की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग भी पत्र में शामिल रही।

छात्रों से ली गई खेल मद राशि और सिक्योरिटी गार्ड कंपनी की चयन प्रक्रिया की जांच करने का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा ओबीसी और सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए छात्रावास निर्माण की भी मांग की गई। अभाविप ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।

अभाविप ने कहा: “विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और मनमानी ने शिक्षा व्यवस्था की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। यदि 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।”

प्रतिनिधिमंडल और बैठक में शामिल सदस्य

मुलाकात में हिमांशु दुबे, अभिषेक गुप्ता, राजकिशोर, उपेंद्र दास, अभिनंदन कुमार, राज केसरी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। अभाविप ने स्पष्ट किया कि छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के हित में वे निरंतर संघर्षरत रहेंगे।

न्यूज़ देखो: अभाविप का कड़ा रुख शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में

यह घटना दर्शाती है कि छात्र संगठनों द्वारा शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय प्रयास किए जा रहे हैं। समयबद्ध कार्रवाई और जिम्मेदार प्रशासन ही छात्रों के अधिकारों और शिक्षा की गरिमा की रक्षा कर सकता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शिक्षा में पारदर्शिता और सक्रिय नागरिकता का संकल्प

छात्रों और समाज के हर सदस्य से अपील है कि वे शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। अपनी आवाज उठाएं, समस्या साझा करें और जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई की मांग करें। इस दिशा में आपकी भागीदारी ही सुधार और न्याय सुनिश्चित कर सकती है।

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Saroj Verma

दुमका/देवघर

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