#घाघरा #स्वच्छता_अभियान : प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त पहल कर प्रखंड मुख्यालय में वृहद सफाई अभियान की शुरुआत की।
गुमला जिले के घाघरा प्रखंड मुख्यालय में स्वच्छता को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से वृहद अभियान की शुरुआत की। अधिकारियों ने स्वयं झाड़ू थामकर सफाई कार्य में हिस्सा लिया। मशीनों की मदद से सड़कों पर जमा कूड़ा हटाया गया और दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए गए।
- अंचलाधिकारी खाखा सुशील कुमार, बीडीओ दिनेश कुमार और थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह के नेतृत्व में अभियान।
- जेसीबी व चार ट्रैक्टरों की मदद से शहर के विभिन्न हिस्सों में साफ-सफाई।
- सड़कों किनारे जमा कूड़े-कचरे का युद्ध स्तर पर निष्पादन।
- दुकानदारों को कचरा सड़क पर न फेंकने की कड़ी चेतावनी।
- घाघरा को स्वच्छता मॉडल प्रखंड के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य।
गुमला जिले के घाघरा प्रखंड मुख्यालय को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से प्रशासन एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से वृहद स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। इस पहल में प्रशासनिक अधिकारियों ने खुद झाड़ू उठाकर सफाई कार्य में भाग लिया, जिससे आम नागरिकों के बीच सकारात्मक संदेश गया।
मशीनों के साथ युद्ध स्तर पर सफाई
अभियान के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में लंबे समय से जमा कूड़े-कर्कट और गंदगी को हटाने के लिए जेसीबी मशीन और चार ट्रैक्टरों का उपयोग किया गया। सड़कों के किनारे जमा कचरे के अंबार को हटाकर ट्रैक्टरों के माध्यम से निष्पादित किया गया।
प्रशासन की सक्रियता से बाजार क्षेत्र और मुख्य सड़कों का दृश्य पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। कई स्थानों पर नालियों की भी सफाई कर जलजमाव की समस्या को दूर करने की कोशिश की गई।
दुकानदारों को सख्त निर्देश
अंचलाधिकारी खाखा सुशील कुमार ने स्थानीय दुकानदारों से स्वच्छता अभियान में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पहले से दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
“दुकानदार सड़कों पर कचरा न फेंकें। यदि निर्देशों की अनदेखी की गई तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। हमारा लक्ष्य घाघरा को एक स्वच्छता मॉडल प्रखंड के रूप में स्थापित करना है। यह अभियान केवल एक दिन का नहीं, बल्कि निरंतर जारी रहेगा।”
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी समझें और सार्वजनिक स्थलों को गंदा न करें।
जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी
इस अभियान में घाघरा पंचायत के मुखिया योगेंद्र भगत सहित कई जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अनिरुद्ध चौबे, विपिन बिहारी सिंह, अमित ठाकुर, कृष्णा लोहारा और गोपाल साहू समेत अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों ने श्रमदान कर अभियान को सफल बनाने में सहयोग किया।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यदि सभी मिलकर प्रयास करें, तो घाघरा को एक आदर्श प्रखंड के रूप में विकसित किया जा सकता है।
सतत अभियान की तैयारी
प्रशासन ने संकेत दिया है कि यह अभियान एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। नियमित अंतराल पर साफ-सफाई की निगरानी की जाएगी और जरूरत पड़ने पर विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे।
साथ ही, बाजार क्षेत्र में कचरा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने और जागरूकता अभियान चलाने की भी योजना बनाई जा रही है, ताकि लोग स्वयं आगे आकर स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
न्यूज़ देखो: स्वच्छता से ही विकास की राह
घाघरा में शुरू हुआ यह अभियान प्रशासन और समाज की साझी जिम्मेदारी का उदाहरण है। यदि इस तरह की पहल लगातार जारी रहे और नागरिक सक्रिय सहयोग करें, तो छोटे कस्बे भी स्वच्छता के मामले में मिसाल बन सकते हैं।
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आइए, स्वच्छ घाघरा के निर्माण में हम भी बनें सहभागी
सड़क, बाजार और सार्वजनिक स्थल हमारी साझा संपत्ति हैं।
कचरा निर्धारित स्थान पर डालें और दूसरों को भी प्रेरित करें।
स्वच्छता को आदत बनाएं, मजबूरी नहीं।
अपने प्रखंड को मॉडल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
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