पालकोट के बाघिमा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान छात्राओं ने ली भेदभाव न करने की शपथ

पालकोट के बाघिमा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान छात्राओं ने ली भेदभाव न करने की शपथ

author Rohit Kumar Sahu
81 Views Download E-Paper (11)
#पालकोट #कुष्ठजागरूकताअभियान : बाघिमा स्थित विद्यालय में स्वास्थ्य कर्मियों ने दी लक्षण, बचाव और निःशुल्क उपचार की जानकारी।

गुमला जिले के पालकोट प्रखंड अंतर्गत बाघिमा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने छात्राओं को रोग के लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य भ्रांतियों को दूर कर जागरूकता फैलाना था। अंत में छात्राओं ने शपथ ली।

Join WhatsApp
  • कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, बाघिमा में जागरूकता अभियान आयोजित।
  • मनोज रोहित कुमार साहू एवं सुशीला देवी ने दी विस्तृत जानकारी।
  • छात्राओं को बताए गए त्वचा पर धब्बे, सुन्नपन, झनझनाहट जैसे लक्षण।
  • सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपचार की उपलब्धता पर जोर।
  • अंत में छात्राओं ने भेदभाव न करने और जागरूकता फैलाने की शपथ ली।

गुमला जिले के पालकोट प्रखंड के बाघिमा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कुष्ठ रोग को लेकर विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय की सभी छात्राओं ने भाग लिया। अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को बीमारी के प्रति जागरूक करना और समाज में फैली गलत धारणाओं को दूर करना था।

लक्षण और बचाव की दी गई जानकारी

कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, पालकोट से पहुंचे स्वास्थ्य कर्मियों ने छात्राओं को कुष्ठ रोग के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और नियमित उपचार से इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

स्वास्थ्य कर्मियों ने छात्राओं को बताया कि त्वचा पर सफेद या लाल धब्बे दिखाई देना, प्रभावित स्थान पर सुन्नपन होना, हाथ-पैरों में झनझनाहट महसूस होना इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। उन्होंने सलाह दी कि ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र में जांच करानी चाहिए।

“कुष्ठ रोग का इलाज सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध है और नियमित दवा लेने से रोगी पूर्ण रूप से स्वस्थ हो सकता है।”

मिथकों को दूर करने पर जोर

इस अवसर पर स्वास्थ्य कर्मी मनोज रोहित कुमार साहू एवं सुशीला देवी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने छात्राओं के सवालों का जवाब दिया और कुष्ठ रोग से जुड़े मिथकों को दूर करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इस बीमारी को लेकर समाज में कई भ्रांतियां फैली हुई हैं, जिन्हें जागरूकता के माध्यम से समाप्त किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी अपील की कि कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्तियों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। सही जानकारी और संवेदनशील व्यवहार से ही समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।

छात्राओं ने ली शपथ

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की सभी छात्राओं ने कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता फैलाने और रोगियों के साथ भेदभाव न करने की शपथ ली। विद्यालय की वार्डन एवं शिक्षिकाएं भी इस अवसर पर मौजूद रहीं। उन्होंने इस प्रकार के कार्यक्रमों को समाज के लिए आवश्यक बताया और छात्राओं को जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।

अभियान का समापन राष्ट्रगान “जन गण मन भारत भाग्य विधाता” गाकर किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में जागरूकता और सकारात्मक संदेश का वातावरण बना रहा।

न्यूज़ देखो: जागरूकता ही सबसे बड़ा उपचार

कुष्ठ रोग जैसी बीमारियों को लेकर आज भी कई ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रम और डर देखने को मिलता है। ऐसे में विद्यालय स्तर पर आयोजित जागरूकता अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। सही जानकारी, समय पर उपचार और भेदभाव मुक्त व्यवहार से ही इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक बनें, भेदभाव मिटाएं

स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही सुरक्षित समाज की नींव है।
बीमारी नहीं, अज्ञानता से लड़ने की जरूरत है।
अपने आसपास सही जानकारी साझा करें और जरूरतमंद को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में सहयोग करें।
खबर को साझा करें और जागरूकता फैलाने में भागीदार बनें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

पालकोट, गुमला

🔔

Notification Preferences

error: