
#गुमला #बोर्ड_परीक्षा : इंटरमीडिएट और मैट्रिक परीक्षा के निष्पक्ष संचालन को लेकर प्रशासन-पुलिस का संयुक्त एक्शन प्लान तैयार।
गुमला जिले में आगामी इंटरमीडिएट एवं मैट्रिक बोर्ड परीक्षा के सुचारु, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त संचालन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसे लेकर उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित और पुलिस अधीक्षक हारिस बिन ज़मा की संयुक्त अध्यक्षता में पुलिस पदाधिकारियों एवं जिला दंडाधिकारियों की ज्वाइंट ब्रीफिंग आयोजित की गई। बैठक में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और कदाचार पर कठोर कार्रवाई को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशासन ने परीक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही को अस्वीकार्य बताया।
- उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित व एसपी हारिस बिन ज़मा की संयुक्त ब्रीफिंग।
- प्रश्नपत्रों के मूवमेंट पर GPS और वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य।
- सभी 57 परीक्षा केंद्रों पर CCTV और फ्लाइंग स्क्वायड की तैनाती।
- कदाचार या प्रश्नपत्र लीक पर प्राथमिकी व सख्त कार्रवाई।
- 8014 इंटर और 13852 मैट्रिक परीक्षार्थी होंगे शामिल।
गुमला जिले में आयोजित होने वाली इंटरमीडिएट एवं मैट्रिक बोर्ड परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसी क्रम में आयोजित ज्वाइंट ब्रीफिंग बैठक में परीक्षा से जुड़े प्रत्येक पहलू पर गहन चर्चा करते हुए सभी पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।
प्रश्नपत्र सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश
उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने बैठक में कहा कि प्रश्नपत्रों का मूवमेंट अत्यंत संवेदनशील विषय है।
उन्होंने निर्देश दिया कि प्रश्नपत्र बिना रुके सीधे परीक्षा केंद्र तक पहुंचाए जाएं। किसी भी आपात स्थिति में संबंधित थाना को तत्काल सूचना दी जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि:
- प्रश्नपत्र ले जाने वाले वाहनों में GPS सिस्टम सक्रिय रहना अनिवार्य होगा।
- कंट्रोल रूम के लॉग में यह दर्ज किया जाएगा कि प्रश्नपत्र बिना रुके केंद्र तक पहुंचे।
- प्रश्नपत्र परीक्षा प्रारंभ से आधा घंटा पूर्व ही खोले जाएंगे।
परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था
उपायुक्त ने सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरा, वीडियो रिकॉर्डिंग और COTPA अधिनियम के अनुपालन को अनिवार्य बताया।
साथ ही निर्देश दिया कि:
- झारखंड परीक्षा संचालन अधिनियम, 2001 से संबंधित पोस्टर केंद्रों पर लगाए जाएं।
- स्ट्रांग रूम की व्यवस्था तय दिशा-निर्देशों के अनुरूप हो, जिसकी निगरानी वरीय पदाधिकारी (डीडीसी) करेंगे।
- फायर फाइटिंग सिस्टम पूरी तरह क्रियाशील रहे।
- पुलिस बल की 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित की जाए।
कदाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति
उपायुक्त ने दो टूक कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही, कदाचार या प्रश्नपत्र लीक की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई के साथ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
उन्होंने फ्लाइंग स्क्वायड को वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य करने का निर्देश दिया और संवेदनशील बिंदुओं पर पुलिस पदाधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।
इसके अलावा सोशल मीडिया की सतत मॉनिटरिंग कर भ्रामक सूचनाओं का त्वरित खंडन करने और हर सूचना कंट्रोल रूम को देने का निर्देश भी दिया गया।
पुलिस अधीक्षक का फील्ड लेवल प्लान
पुलिस अधीक्षक हारिस बिन ज़मा ने बताया कि परीक्षा दिवस पर अधिकृत पदाधिकारी सभी दस्तावेजों की जांच करेंगे।
उन्होंने कहा:
हारिस बिन ज़मा ने कहा: “ट्रेजरी से परीक्षा केंद्र तक प्रश्नपत्र ले जाने के दौरान वीडियो साक्ष्य सुरक्षित रखा जाएगा और केंद्राधीक्षक को विधिवत सौंपा जाएगा।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- परीक्षार्थियों के लिए बैग, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट प्रतिबंधित रहेंगे।
- प्रवेश द्वार पर सघन जांच होगी।
- केंद्र के भीतर कार्यशील CCTV की लाइव फीड कंट्रोल रूम में उपलब्ध रहेगी।
- शौचालय और स्ट्रांग रूम जैसे स्थानों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
- परिवहन व्यवस्था की पूर्व जांच कर वाहन की फिटनेस सुनिश्चित की जाएगी।
परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खालको ने जानकारी दी कि इस वर्ष गुमला जिले में:
- कुल 57 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
- 8014 विद्यार्थी इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल होंगे।
- 13852 विद्यार्थी मैट्रिक परीक्षा देंगे।
- प्रथम पाली: सुबह 9:45 से 1:00 बजे तक।
- द्वितीय पाली: दोपहर 2:00 से 5:15 बजे तक।
बैठक में मौजूद रहे ये अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त गुमला, अनुमंडल पदाधिकारी (सदर/चैनपुर/बसिया), एसडीपीओ गुमला, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला नजारत उप समाहर्ता, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, प्रशासनिक दंडाधिकारी एवं अन्य कर्मी उपस्थित थे।
न्यूज़ देखो: परीक्षा व्यवस्था में सख्ती से बढ़ेगा भरोसा
गुमला प्रशासन की यह ज्वाइंट ब्रीफिंग स्पष्ट संकेत देती है कि इस बार बोर्ड परीक्षा में कदाचार के लिए कोई जगह नहीं होगी। प्रशासन और पुलिस के बीच मजबूत समन्वय से निष्पक्ष परीक्षा का माहौल बनेगा और मेहनती विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ेगा। अब देखना होगा कि फील्ड स्तर पर इन निर्देशों का कितना प्रभावी पालन होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
निष्पक्ष परीक्षा से उज्ज्वल भविष्य
परीक्षा सिर्फ अंक नहीं, बल्कि मेहनत और ईमानदारी की पहचान होती है।
निष्पक्ष माहौल में आयोजित परीक्षा ही छात्रों के भविष्य को मजबूत बनाती है।
इस खबर को साझा करें, अभिभावकों और छात्रों को जागरूक करें और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।







