
#गढ़वा #स्वास्थ्य_जांच : प्रसूता मौत मामले में दस्तावेजी गड़बड़ी और तथ्यों के छुपाने के आरोप, जांच तेज।
गढ़वा जिले में एक प्रसूता की मौत के मामले ने प्रशासन को गंभीर कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। इसी क्रम में गुरुवार को सदर एसडीएम संजय कुमार ने सदर अस्पताल और निजी मिलाप अस्पताल में औचक जांच की। प्रारंभिक जांच में दस्तावेजों से छेड़छाड़ और तथ्यों को छुपाने के संकेत मिलने से मामला प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाया गया। अब पूरे प्रकरण की गहन और निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
- एसडीएम संजय कुमार ने सदर व मिलाप अस्पताल में की औचक जांच।
- प्रसूता पुष्पा देवी की मौत से जुड़ा है पूरा मामला।
- दस्तावेजों से छेड़छाड़ और गुमराह करने के मिले संकेत।
- चिकित्सकीय एवं तकनीकी टीम गठित करने का निर्णय।
- सदर व निजी अस्पतालों के बीच कथित अनैतिक गठजोड़ की जांच।
- दोषियों पर विधिसम्मत कार्रवाई की तैयारी।
गढ़वा जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी सप्ताह खरौंधी प्रखंड की 26 वर्षीय गर्भवती महिला पुष्पा देवी की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया। उपायुक्त दिनेश कुमार के निर्देश पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने गुरुवार को सदर अस्पताल एवं मिलाप अस्पताल में औचक निरीक्षण कर मामले की प्राथमिक जांच की।
जांच के दौरान उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों, मरीज से संबंधित रिकॉर्ड और उपचार प्रक्रिया की जानकारी का मिलान किया गया। इस क्रम में कई बिंदुओं पर असंगतियां सामने आईं, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध
एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में दस्तावेजों से छेड़छाड़, कुछ तथ्यों को छुपाने और पूछे गए सवालों पर स्पष्ट जानकारी नहीं देने जैसी स्थितियां सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इन तथ्यों के आधार पर मामला प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, इसलिए अब इसे हल्के में नहीं लिया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल प्रारंभिक जांच है और पूरे मामले की तह तक जाने के लिए विस्तृत जांच कराई जाएगी।
विशेष चिकित्सकीय व तकनीकी टीम का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन द्वारा चिकित्सकीय एवं तकनीकी कर्मियों की एक विशेष जांच टीम गठित की जा रही है। यह टीम प्रसूता के इलाज से जुड़े सभी पहलुओं, रेफरल प्रक्रिया, दवाओं, जांच रिपोर्ट और अस्पतालों की भूमिका की तकनीकी समीक्षा करेगी।
एसडीएम ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सदर अस्पताल में मौजूद रहे अधिकारी और चिकित्सक
औचक जांच के दौरान गढ़वा सदर अस्पताल में अस्पताल प्रबंधक विकास केसरी, चिकित्सक डॉ. पूजा कुमारी, डॉ. नौशाद आलम तथा अस्पताल के दो आरोपी कर्मी मौजूद थे। एसडीएम ने इन सभी से पूछताछ कर इलाज से संबंधित जानकारी ली और रिकॉर्ड की जांच की।
मिलाप अस्पताल में भी हुई दस्तावेजी जांच
इसके बाद एसडीएम टीम ने मिलाप अस्पताल पहुंचकर वहां भी दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान अस्पताल के मालिक यूसुफ अंसारी, चिकित्सक डॉ. असजद अंसारी और लैब टेक्नीशियन मुनीफ अंसारी सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। सभी से इलाज की प्रक्रिया, जांच रिपोर्ट और मरीज से संबंधित विवरण के बारे में जानकारी ली गई।
अनैतिक गठजोड़ के आरोपों की भी जांच
एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल और कुछ निजी अस्पतालों के बीच कथित अनैतिक गठजोड़ को लेकर दो परिवाद पत्र प्राप्त हुए हैं। ये दोनों परिवाद पत्र प्रसूता पुष्पा देवी की मौत से जुड़े हुए हैं। इन आरोपों की भी गहनता से जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह साबित होता है कि सरकारी और निजी अस्पतालों के बीच किसी प्रकार का अनुचित तालमेल मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा है, तो यह अत्यंत गंभीर मामला होगा।
सभी पक्षकारों के बयान होंगे दर्ज
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले से जुड़े सभी पक्षकारों — परिजन, चिकित्सक, अस्पताल प्रबंधन और संबंधित कर्मियों — के बयान दर्ज किए जाएंगे। सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्कर्ष निकाला जाएगा और फिर विधिसम्मत कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

न्यूज़ देखो: स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठते गंभीर सवाल
प्रसूता की मौत और उसके बाद सामने आए दस्तावेजी गड़बड़ी के संकेत यह दर्शाते हैं कि स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही बेहद जरूरी हो गई है। प्रशासन की सक्रियता सराहनीय है, लेकिन असली परीक्षा दोषियों पर सख्त कार्रवाई में होगी। क्या इस जांच से सिस्टम की खामियां उजागर होंगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं रुकेंगी? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
न्याय और स्वास्थ्य सुरक्षा की लड़ाई
एक मां की मौत केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल है। समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच हो। आप भी सजग नागरिक बनें, स्वास्थ्य से जुड़ी अनियमितताओं पर आवाज उठाएं। अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और जवाबदेही की इस लड़ाई में सहभागी बनें।







