
#गिरिडीह #परीक्षा_प्रशासन : मैट्रिक और इंटर परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन को लेकर केंद्र पर व्यवस्थाओं की गहन जांच।
गिरिडीह जिले में संचालित मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा के सुचारु और कदाचार मुक्त संचालन को लेकर उपायुक्त रामनिवास यादव ने मकतपुर हाई स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मूलभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी आधारित निगरानी प्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों और शिक्षकों को परीक्षा को निष्पक्षता, पारदर्शिता और अनुशासन के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की पवित्रता से कोई समझौता नहीं होगा।
- उपायुक्त रामनिवास यादव ने मकतपुर हाई स्कूल परीक्षा केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
- मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन पर विशेष जोर।
- सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की जांच।
- JAC दिशानिर्देशों के शत-प्रतिशत अनुपालन का निर्देश।
- कदाचार पर तत्काल कार्रवाई और सतत पुलिस निगरानी के आदेश।
गिरिडीह जिले में चल रही मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा के दौरान प्रशासन ने सख्ती और संवेदनशीलता—दोनों का संतुलन बनाए रखा है। इसी कड़ी में उपायुक्त रामनिवास यादव ने आज मकतपुर हाई स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण का उद्देश्य परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचार मुक्त वातावरण में संपन्न कराना रहा। अधिकारियों की मौजूदगी से केंद्र पर अनुशासन और व्यवस्था का संदेश स्पष्ट रूप से गया।
परीक्षा केंद्र पर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा
औचक निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने परीक्षा केंद्र पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं—बैठने की व्यवस्था, प्रकाश, पेयजल, शौचालय—का अवलोकन किया। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति, प्रवेश-निकास नियंत्रण और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की प्रभावशीलता की भी जांच की गई। उपायुक्त ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि सभी कैमरे सक्रिय रहें और नियंत्रण कक्ष से सतत निगरानी हो।
निरीक्षण के समय केंद्राधीक्षक, वीक्षक और परीक्षा कार्य में लगे शिक्षकों से बातचीत कर उनकी जिम्मेदारियों की समीक्षा की गई। उन्हें निर्देश दिया गया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियम उल्लंघन की स्थिति में तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचना दें।
पारदर्शिता और अनुशासन पर सख्त निर्देश
उपायुक्त रामनिवास यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा का संचालन पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और अनुशासन के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) द्वारा जारी सभी दिशानिर्देशों और नियमों का शत-प्रतिशत अनुपालन अनिवार्य है।
उन्होंने यह भी कहा:
उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा: “परीक्षा की पवित्रता और विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर कदाचार या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
कदाचार मुक्त माहौल सुनिश्चित करने पर जोर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को यह निर्देश भी दिए गए कि परीक्षार्थियों को शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल उपलब्ध कराया जाए। परीक्षा केंद्र के भीतर और आसपास किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। वीक्षकों को सतर्क रहते हुए कक्षों की नियमित निगरानी करने और संदेहास्पद गतिविधियों की तुरंत रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि परीक्षा केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है—इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं है।
सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस निगरानी
निरीक्षण के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि परीक्षा अवधि के दौरान केंद्रों के आसपास सतत निगरानी रखी जाए। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि परीक्षा समय में बाहरी व्यक्तियों का अनावश्यक प्रवेश रोका जाए और शांति भंग करने वाले तत्वों पर सख्त नजर रखी जाए।
शिक्षकों और पदाधिकारियों की भूमिका
उपायुक्त ने केंद्राधीक्षक और वीक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी सजगता ही कदाचार मुक्त परीक्षा की कुंजी है। उन्होंने सभी शिक्षकों और पदाधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करें।
निरीक्षण के दौरान मौजूद अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि किसी भी समस्या—तकनीकी, प्रशासनिक या सुरक्षा—का समाधान तत्काल किया जाए, ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रशासन की स्पष्ट प्राथमिकता
प्रशासन ने दोहराया कि परीक्षा की पवित्रता और विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही, मिलीभगत या नियम उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह संदेश न केवल परीक्षा केंद्रों तक, बल्कि पूरे जिले में स्पष्ट रूप से प्रसारित किया गया है।
इस औचक निरीक्षण को परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और सभी संबंधितों को सतर्क रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
न्यूज़ देखो: परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही का संदेश
मकतपुर हाई स्कूल में उपायुक्त का औचक निरीक्षण यह दर्शाता है कि प्रशासन परीक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और JAC दिशानिर्देशों पर जोर से जवाबदेही तय होती है। यह कदम परीक्षार्थियों के लिए भरोसे का माहौल बनाता है और कदाचार पर प्रभावी अंकुश लगाता है। आने वाले दिनों में अन्य केंद्रों पर भी ऐसी सख्ती से व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।
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अनुशासन और पारदर्शिता से ही सुरक्षित होता है छात्रों का भविष्य
परीक्षा केवल प्रश्नपत्र नहीं, बल्कि मेहनत, उम्मीद और भविष्य की नींव होती है। जब प्रशासन सख्त और संवेदनशील दोनों रहता है, तब छात्रों को न्यायपूर्ण अवसर मिलता है।
अभिभावक, शिक्षक और प्रशासन—तीनों की साझा जिम्मेदारी है कि परीक्षा का माहौल स्वच्छ और निष्पक्ष बना रहे।
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