Giridih

खाद्य सुरक्षा पर प्रशासन सख्त, बिना लाइसेंस चल रहा मसाला कारखाना सील, सामग्री जब्त कर जुर्माना

#गिरिडीह #खाद्य_सुरक्षा : औचक जांच में बिना लाइसेंस उत्पादन उजागर, दुकानों पर कार्रवाई से हड़कंप।

गिरिडीह जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और जनस्वास्थ्य को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी राजा कुमार ने गुप्त सूचना के आधार पर कई दुकानों और मसाला कारखाने का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान बिना फूड लाइसेंस संचालित मसाला कारखाना पकड़ा गया, जहां से सामग्री जब्त कर जुर्माना लगाया गया। कार्रवाई का उद्देश्य आम लोगों को असुरक्षित खाद्य पदार्थों से बचाना और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है।

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  • उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देश पर जिले में औचक खाद्य जांच।
  • खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी राजा कुमार ने की छापेमारी।
  • न्यू झारखंड शिव शक्ति मसाला कारखाना (IMS रोड) में गंभीर अनियमितताएं उजागर।
  • बिना फूड सेफ्टी लाइसेंस और FSSAI नंबर मसालों की पैकिंग।
  • मसाला कारखाने पर ₹50,000 जुर्माना, सामग्री जब्त और नोटिस।
  • सुमन स्टोर से बिना विवरण वाले चिप्स जब्त, ₹5,000 जुर्माना।

गिरिडीह जिले में मिलावटी और बिना मानक खाद्य पदार्थों के खिलाफ प्रशासनिक सख्ती देखने को मिली है। उपायुक्त श्री रामनिवास यादव के स्पष्ट निर्देश पर जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री राजा कुमार ने किया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में कई दुकानों और एक मसाला कारखाने की जांच की गई, जहां नियमों की अनदेखी सामने आई।

गुप्त सूचना पर की गई औचक जांच

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ स्थानों पर बिना लाइसेंस और मानकों के खाद्य पदार्थों का उत्पादन और बिक्री की जा रही है। इसी आधार पर टीम ने जिले के विभिन्न राशन दुकानों, मसाला कारखानों और मिठाई दुकानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई दुकानदारों में हड़कंप की स्थिति देखी गई।

मसाला कारखाने में गंभीर अनियमितताएं उजागर

निरीक्षण के दौरान IMS रोड स्थित न्यू झारखंड शिव शक्ति मसाला कारखाना में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच में सामने आया कि कारखाने में बिना फूड सेफ्टी लाइसेंस और FSSAI नंबर के मसालों की पैकिंग की जा रही थी। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा भी है।

अस्वच्छ वातावरण और नियमों की अनदेखी

जांच टीम ने यह भी पाया कि कारखाने का कार्यस्थल गंदा और अस्वच्छ था। खाद्य सामग्री के रख-रखाव में साफ-सफाई के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत इसे गंभीर लापरवाही माना गया।

₹50,000 का जुर्माना और सामग्री जब्त

मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत कारखाने पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया गया। साथ ही कारखाने में मौजूद सभी खाद्य सामग्री को जब्त कर लिया गया। कारखाना संचालक को 7 दिनों के भीतर फूड सेफ्टी लाइसेंस बनवाने का नोटिस भी जारी किया गया है। लाइसेंस मिलने तक उत्पादन और पैकिंग पर रोक लगा दी गई है।

बच्चों के चिप्स पर भी कार्रवाई

इसी क्रम में गद्दी मोहल्ला और शिव मोहल्ला स्थित सुमन स्टोर की भी जांच की गई। यहां बच्चों के लिए बिक रहे ऐसे चिप्स जब्त किए गए, जिन पर आवश्यक विवरण जैसे निर्माण तिथि, सामग्री और FSSAI जानकारी अंकित नहीं थी। इस लापरवाही पर दुकानदार पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया गया और उसे भी 7 दिनों के भीतर फूड लाइसेंस बनवाने का निर्देश दिया गया।

अन्य दुकानदारों को नोटिस और चेतावनी

जांच के दौरान अन्य दुकानों में भी खाद्य सुरक्षा नियमों की समीक्षा की गई। जहां-जहां खामियां पाई गईं, वहां दुकानदारों को फूड सेफ्टी लाइसेंस और FSSAI नियमों के अनुपालन को लेकर निर्देश दिए गए। कई दुकानों को नोटिस जारी कर तय समय में दस्तावेज दुरुस्त करने को कहा गया है।

आगे भी जारी रहेगी सख्ती

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी राजा कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनस्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में इस तरह की औचक जांच आगे भी लगातार जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह छोटा दुकानदार हो या बड़ा कारखाना।

आम नागरिकों से अपील

प्रशासन की ओर से आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे केवल मानक और लाइसेंस प्राप्त खाद्य सामग्री का ही उपयोग करें। किसी भी संदिग्ध या बिना जानकारी वाले खाद्य उत्पाद की सूचना तुरंत प्रशासन या खाद्य सुरक्षा विभाग को दें।

न्यूज़ देखो: जनस्वास्थ्य के लिए जरूरी सख्ती

यह कार्रवाई दिखाती है कि जिला प्रशासन अब खाद्य सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है। बिना लाइसेंस और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य उत्पादन सीधे जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। सवाल यह है कि क्या ऐसे निरीक्षण नियमित रूप से होंगे और दोषियों पर निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सुरक्षित भोजन, सजग नागरिक

स्वस्थ समाज की नींव सुरक्षित भोजन से ही रखी जाती है। प्रशासन की सख्ती तभी सफल होगी, जब उपभोक्ता भी जागरूक बनें और नियमों का पालन करने वाले उत्पाद ही चुनें। छोटी सी लापरवाही बड़ी बीमारी का कारण बन सकती है।
आप अपने आसपास बिक रहे खाद्य पदार्थों पर नजर रखें और अनियमितता दिखे तो आवाज उठाएं। इस खबर पर अपनी राय कमेंट करें, इसे साझा करें और सुरक्षित भोजन को लेकर जागरूकता फैलाने में सहभागी बनें।

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Saroj Verma

दुमका/देवघर

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