#लातेहार #अवैध_खनन : खनन टास्क फोर्स की बैठक में एफआईआर और लगातार छापेमारी के निर्देश दिए गए।
लातेहार जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई तेज कर दी है। उपायुक्त संदीप कुमार की अध्यक्षता में आयोजित खनन टास्क फोर्स बैठक में बताया गया कि अप्रैल 2026 से अब तक 84 वाहन जब्त किए गए और 8 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। प्रशासन ने अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए अधिकारियों को लगातार छापेमारी और निगरानी के निर्देश दिए हैं। बैठक में पर्यावरणीय मानकों और वैधानिक नियमों के पालन पर भी विशेष जोर दिया गया।
- अवैध खनन के खिलाफ 79 निरीक्षण अभियान चलाए गए।
- प्रशासन ने 84 वाहन जब्त कर ₹7.50 लाख जुर्माना वसूला।
- अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों पर 8 प्राथमिकी दर्ज।
- उपायुक्त संदीप कुमार ने “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने के निर्देश दिए।
- थाना प्रभारियों को एफआईआर और सख्त कार्रवाई करने को कहा गया।
- बंद पड़े खनन पट्टों और क्रशरों की भी समीक्षा की गई।
लातेहार जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार को उपायुक्त संदीप कुमार की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक में अधिकारियों को अवैध गतिविधियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि जिले में अवैध खनन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।
84 वाहन जब्त, लाखों का जुर्माना वसूला
बैठक में जानकारी दी गई कि 1 अप्रैल 2026 से अब तक जिले में कुल 79 निरीक्षण अभियान चलाए गए।
इन अभियानों के दौरान अवैध खनन और परिवहन में संलिप्त 84 वाहनों को जब्त किया गया। साथ ही 8 प्राथमिकी दर्ज करते हुए दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
प्रशासन द्वारा अब तक ₹7 लाख 50 हजार जुर्माना राशि की वसूली भी की गई है।
अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
उपायुक्त संदीप कुमार ने बैठक में संबंधित अधिकारियों, अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को संयुक्त रूप से औचक छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा: “अवैध खनन, ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
खनन पट्टों और क्रशरों की स्थिति की समीक्षा
बैठक में जिला खनन पदाधिकारी नदीम सफी ने जिले में संचालित खनन पट्टों की स्थिति की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जिले में कोयला खनन के कुल चार पट्टे हैं, जिनमें से तीन संचालित हैं जबकि एक बंद है। वहीं ग्रेफाइट का एक खनन पट्टा वर्तमान में बंद है।
पत्थर खनन पट्टों पर भी चर्चा
लघु खनिज पत्थर खनन पट्टों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 18 खनन पट्टे हैं।
इनमें आठ संचालित हैं जबकि दस अस्थायी रूप से बंद हैं। इसके अलावा जिले में कुल 39 अनुज्ञप्तियां एवं क्रशर संचालित हैं, जिनमें 21 कार्यरत और 18 अस्थायी रूप से बंद हैं।
पर्यावरणीय मानकों के पालन पर जोर
उपायुक्त ने अधिकारियों को नियमित जांच अभियान चलाने और अवैध खनन पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय मानकों और वैधानिक प्रावधानों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए।
बंद पड़े पट्टों की भी होगी समीक्षा
बैठक में बंद पड़े खनन पट्टों और अनुज्ञप्तियों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बंद पड़े पट्टों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
थाना प्रभारियों को एफआईआर के निर्देश
बैठक में पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
कई अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी अजय कुमार रजक, अनुमंडल पदाधिकारी बिपिन कुमार दुबे, जिला परिवहन पदाधिकारी उमेश मंडल, जिला खनन पदाधिकारी नदीम सफी, कोल कंपनियों के अधिकारी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
न्यूज़ देखो: अवैध खनन पर सख्ती से ही बचेगा पर्यावरण और राजस्व
अवैध खनन सिर्फ कानून व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि पर्यावरण और सरकारी राजस्व दोनों के लिए बड़ा खतरा है। लातेहार प्रशासन की हालिया कार्रवाई यह संकेत देती है कि अब इस मुद्दे पर सख्त निगरानी की जा रही है। लगातार छापेमारी, वाहन जब्ती और प्राथमिकी दर्ज होने से अवैध कारोबारियों पर दबाव बढ़ेगा। हालांकि स्थायी समाधान के लिए नियमित मॉनिटरिंग और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी
खनिज संपदा देश और समाज की अमूल्य धरोहर है।
अवैध खनन पर्यावरण, सड़कों और आम लोगों के जीवन पर गंभीर असर डालता है।
जागरूक समाज और सख्त प्रशासन मिलकर ही इस समस्या पर नियंत्रण पा सकते हैं।
कानून का पालन और संसाधनों का संरक्षण भविष्य की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
अपने क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की जानकारी प्रशासन तक जरूर पहुंचाएं।
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