
#चतरा #जनता_दरबार : उपायुक्त कीर्तिश्री ने आम नागरिकों की शिकायतों पर दिए समयबद्ध समाधान के निर्देश।
चतरा जिला प्रशासन द्वारा मंगलवार को समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए नागरिकों ने भूमि, स्वास्थ्य, आवास और शिक्षा से जुड़ी समस्याएं सीधे उपायुक्त कीर्तिश्री के समक्ष रखीं। उपायुक्त ने सभी आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को निष्पक्ष और समयबद्ध निष्पादन के निर्देश दिए। जनता दरबार का उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर भरोसे को मजबूत करना बताया गया।
- उपायुक्त कार्यालय चतरा में आयोजित हुआ साप्ताहिक जनता दरबार।
- उपायुक्त कीर्तिश्री ने स्वयं सुनी आम नागरिकों की समस्याएं।
- भूमि विवाद, स्वास्थ्य, आवास, शिक्षा से जुड़े आवेदन प्राप्त।
- संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश।
- प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को नियमित आयोजन की व्यवस्था।
चतरा जिले में प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जनता दरबार एक प्रभावी मंच के रूप में सामने आ रहा है। मंगलवार को समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय कक्ष में आयोजित जनता दरबार में बड़ी संख्या में आमजन पहुंचे और अपनी व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा।
जनता दरबार के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए नागरिकों ने भूमि विवाद, स्वास्थ्य सेवाओं में आ रही कठिनाइयों, आवास योजनाओं से जुड़ी शिकायतों, शिक्षा विभाग से संबंधित समस्याओं सहित कई प्रशासनिक विषयों पर आवेदन प्रस्तुत किए। उपायुक्त कीर्तिश्री ने प्रत्येक फरियादी की बात को ध्यानपूर्वक सुना और उनकी समस्याओं की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
भूमि और आवास से जुड़े मामलों पर विशेष जोर
जनता दरबार में सबसे अधिक आवेदन भूमि विवाद और आवास से संबंधित मामलों के सामने आए। कई ग्रामीणों ने जमीन की मापी, दाखिल-खारिज, सीमांकन और कब्जे से जुड़े विवादों की शिकायत की। उपायुक्त ने इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए संबंधित अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मियों को निर्देश दिया कि वे स्थल निरीक्षण कर निष्पक्ष जांच के बाद समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
आवास योजनाओं से जुड़े मामलों में लाभुकों ने नाम जोड़ने, लंबित भुगतान और स्वीकृति में देरी की शिकायतें रखीं। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर निर्देश
जनता दरबार में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में दवाओं की उपलब्धता, इलाज में देरी और योजनाओं का लाभ न मिलने की शिकायतें सामने आईं। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए और शिकायतों का शीघ्र समाधान किया जाए।
शिक्षा विभाग से जुड़े आवेदनों में विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, छात्रवृत्ति, नामांकन और विद्यालय सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं शामिल रहीं। उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों के भविष्य से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरती जाए और किसी भी प्रकार की देरी से बचा जाए।
समयबद्ध और पारदर्शी निष्पादन पर जोर
उपायुक्त कीर्तिश्री ने जनता दरबार के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी प्राप्त आवेदनों का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य यह है कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाए और समाधान की स्थिति से जिला प्रशासन को अवगत कराया जाए।
उपायुक्त कीर्तिश्री ने कहा: “जनता दरबार आम नागरिकों के लिए अपनी बात सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि हर समस्या का समाधान समय पर और निष्पक्ष तरीके से हो।”
जनविश्वास को मजबूत करने का माध्यम
उपायुक्त ने कहा कि जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य केवल समस्याएं सुनना नहीं, बल्कि प्रशासन पर आम जनता के विश्वास को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि जब नागरिकों की समस्याओं का समाधान समय पर होता है, तो शासन-प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ता है और लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक सशक्त बनती है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन जनसेवा के लिए प्रतिबद्ध है और आमजनों की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
नियमित रूप से होता है जनता दरबार
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन चतरा द्वारा प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को पूर्वाह्न 11:30 बजे से अपराह्न 12:30 बजे तक नियमित रूप से जनता दरबार का आयोजन किया जाता है। इस व्यवस्था के तहत जिले के किसी भी प्रखंड से आए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे उपायुक्त के समक्ष रख सकते हैं।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय पर जनता दरबार में उपस्थित होकर इस व्यवस्था का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इस मंच का उपयोग करें।

न्यूज़ देखो: प्रशासन और जनता के बीच मजबूत होती कड़ी
जनता दरबार प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक अहम कदम है। उपायुक्त स्तर पर समस्याओं की सीधी सुनवाई से न केवल समाधान तेज होता है, बल्कि अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होती है। यदि दिए गए निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो यह व्यवस्था आम नागरिकों के लिए भरोसेमंद साबित होगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संवाद से समाधान तक, यही है सशक्त प्रशासन की पहचान
जब प्रशासन जनता की बात सीधे सुनता है, तो समस्याओं का रास्ता खुद-ब-खुद निकलता है।
जनता दरबार जैसे मंच लोकतंत्र को जमीनी स्तर पर मजबूत करते हैं।
आप भी अपनी समस्या को सामने रखने से न हिचकें।
अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने में सहभागी बनें।







