
#गिरिडीह #जनता_दरबार : उपायुक्त कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार में नागरिकों की समस्याएँ सुनी गईं।
गिरिडीह में उपायुक्त रामनिवास यादव ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की व्यक्तिगत और सामाजिक समस्याएँ सुनी गईं तथा कुल 100 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। कई मामलों का निपटारा मौके पर ही किया गया, जबकि शेष आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। यह पहल प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन।
- 100 से अधिक आवेदन प्राप्त, कई मामलों का मौके पर समाधान।
- भूमि विवाद, पेंशन, रोजगार, आवास और राशन कार्ड से जुड़े मामले प्रमुख।
- शेष आवेदनों पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश।
- सभी मामलों को जन समाधान पोर्टल पर समयसीमा में अपलोड करने का आदेश।
गिरिडीह जिले में प्रशासन और जनता के बीच सीधे संवाद की एक और कड़ी जोड़ते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में नागरिक उपायुक्त कार्यालय पहुँचे और अपनी समस्याएँ सीधे प्रशासन के समक्ष रखीं। जनता दरबार में व्यक्तिगत, सामाजिक और प्रशासनिक प्रकृति के मामलों पर गंभीर चर्चा हुई। उपायुक्त ने प्रत्येक आवेदन को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए।
जनता दरबार में उठे प्रमुख मुद्दे
साप्ताहिक जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों में भूमि विवाद, पेंशन से संबंधित समस्याएँ, पारिवारिक विवाद, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ, आवास और राशन कार्ड से जुड़े विषय प्रमुख रहे। कई मामलों में दस्तावेजों की उपलब्धता और स्थिति स्पष्ट होने के कारण मौके पर ही समाधान कर दिया गया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, ऐसे मामलों में तुरंत आदेश जारी किए गए, जिससे आवेदकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जिन मामलों में विस्तृत जांच या अन्य विभागों की भूमिका आवश्यक थी, उन्हें संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित किया गया।
समयबद्ध निपटान पर जोर
उपायुक्त रामनिवास यादव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जनता दरबार में प्राप्त सभी आवेदन जन समाधान पोर्टल पर निर्धारित समय सीमा के भीतर अपलोड किए जाएँ। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवेदक अपने मामले की प्रगति को ऑनलाइन माध्यम से देख सकें और पारदर्शिता बनी रहे।
उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा: “जन समाधान पोर्टल पर समय पर आवेदन अपलोड करना जरूरी है, ताकि नागरिक अपने मामलों की स्थिति से अवगत रह सकें।”
उन्होंने यह भी कहा कि लंबित मामलों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागीय अधिकारी संवेदनशीलता के साथ मामलों का निपटारा करें।
प्रशासन और जनता के बीच संवाद का माध्यम
उपायुक्त ने जनता दरबार को शासन-प्रशासन और आम नागरिकों के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बताया। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया से न केवल समस्याओं का त्वरित समाधान होता है, बल्कि प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत होता है।
उन्होंने कहा कि जनता दरबार में सामने आने वाली समस्याएँ जमीनी हकीकत को दर्शाती हैं और प्रशासन को अपनी कार्यप्रणाली सुधारने का अवसर देती हैं। ऐसे आयोजनों से यह सुनिश्चित होता है कि योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुँचे।
विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश
इस अवसर पर उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे जनता की समस्याओं के निवारण में सक्रिय और जवाबदेह भूमिका निभाएँ। उपायुक्त ने कहा कि जनता दरबार केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी का अहम हिस्सा है।
उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे आवेदनों की गंभीरता को समझें और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए समाधान सुनिश्चित करें। विशेष रूप से सामाजिक सुरक्षा, पेंशन और आवास से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतने पर जोर दिया गया।
त्वरित समाधान से बढ़ा भरोसा
जनता दरबार में आए कई नागरिकों ने मौके पर ही समाधान मिलने पर संतोष व्यक्त किया। उनका कहना था कि सीधे उपायुक्त से संवाद होने से उनकी बात सुनी गई और समस्या को गंभीरता से लिया गया। इससे प्रशासन पर भरोसा और मजबूत हुआ है।
कुछ आवेदकों ने यह भी कहा कि पहले उन्हें अपनी समस्याओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों में जाना पड़ता था, लेकिन जनता दरबार के माध्यम से एक ही स्थान पर सुनवाई होने से समय और संसाधनों की बचत हुई।
न्यूज़ देखो: जनता दरबार से मजबूत हुआ प्रशासनिक भरोसा
गिरिडीह में आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार यह दर्शाता है कि प्रशासन यदि सीधे जनता से संवाद करे तो समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से हो सकता है। उपायुक्त रामनिवास यादव की सक्रियता से कई मामलों का त्वरित निपटान संभव हुआ। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लंबित आवेदनों पर तय समयसीमा में कार्रवाई कितनी प्रभावी रहती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संवाद से समाधान की ओर एक कदम
जनता दरबार केवल शिकायत का मंच नहीं, बल्कि समाधान की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। जब नागरिक अपनी बात निर्भय होकर रखते हैं और प्रशासन सुनने को तैयार होता है, तभी सुशासन संभव होता है।
आप भी अपनी समस्याओं और सुझावों को सामने रखें, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को समझें और जागरूक नागरिक बनें।
इस खबर पर अपनी राय साझा करें, इसे दूसरों तक पहुँचाएँ और स्थानीय प्रशासन से जुड़े ऐसे प्रयासों के बारे में लोगों को जागरूक करें। सक्रिय भागीदारी से ही मजबूत लोकतंत्र की नींव पड़ती है।



