
#डंडई #पुलिस_विदाई : 35 साल की सेवा के बाद सम्मान समारोह—सहकर्मियों ने दी भावभीनी विदाई।
गढ़वा के डंडई थाना में कार्यरत सहायक अवर निरीक्षक सत्येंद्र राय ने 35 वर्षों की सेवा पूरी कर सेवानिवृत्ति ली। 1 अप्रैल 2026 को उनके सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों ने उन्हें सम्मानित किया। उनकी सेवा और योगदान को याद करते हुए भावुक माहौल बना रहा।
- सत्येंद्र राय (एएसआई) ने 35 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्ति ली।
- डंडई थाना परिसर में विदाई समारोह आयोजित।
- सहकर्मियों और ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से सम्मानित किया।
- वर्ष 1989 में पुलिस सेवा की शुरुआत की थी।
- उनकी कार्यशैली को प्रेरणादायक बताया गया।
गढ़वा जिले के डंडई थाना में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक सत्येंद्र राय ने 31 मार्च 2026 को अपनी 35 वर्षों की लंबी सेवा यात्रा को पूर्ण किया। वर्ष 1989 में पुलिस सेवा में शामिल हुए सत्येंद्र राय ने अपने पूरे कार्यकाल में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा की मिसाल कायम की।
उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर 1 अप्रैल को डंडई थाना परिसर में एक भावुक विदाई समारोह का आयोजन किया गया।
भावुक माहौल में हुआ सम्मान
विदाई समारोह में थाना प्रभारी, पुलिस पदाधिकारी, कर्मी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने सत्येंद्र राय को फूल-मालाओं से सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
एक पुलिसकर्मी ने कहा: “सत्येंद्र राय जैसे अधिकारी विभाग के लिए प्रेरणा हैं, उनकी कमी हमेशा महसूस होगी।”
साथियों ने साझा की यादें
समारोह के दौरान उनके सहकर्मियों ने उनके साथ बिताए अनुभवों को साझा किया। इस दौरान माहौल काफी भावुक हो गया और कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
उनकी सादगी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की सभी ने सराहना की।
सेवा के दौरान निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
अपने 35 वर्षों के कार्यकाल में सत्येंद्र राय ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और हमेशा जनता की सेवा को प्राथमिकता दी।
उनकी कार्यशैली ने विभाग में एक सकारात्मक उदाहरण स्थापित किया।
स्वयं सत्येंद्र राय ने जताया आभार
अपने संबोधन में सत्येंद्र राय ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा—
“डंडई थाना और यहां के लोगों से मुझे हमेशा स्नेह और सहयोग मिला, जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगा।”
उन्होंने अपने साथियों और क्षेत्र के लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
क्षेत्र में सम्मान और प्रेरणा
सत्येंद्र राय की विदाई ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया। उनकी सेवा और समर्पण ने लोगों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ी है।
एक युग का समापन
उनकी सेवानिवृत्ति केवल एक अधिकारी की विदाई नहीं, बल्कि एक समर्पित सेवा यात्रा का समापन है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।
न्यूज़ देखो: समर्पण और ईमानदारी की मिसाल
सत्येंद्र राय की सेवा यात्रा यह दिखाती है कि ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से काम करने वाले अधिकारी समाज में हमेशा सम्मान पाते हैं। ऐसे कर्मियों की विदाई केवल औपचारिक नहीं, बल्कि भावनात्मक होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सेवा की भावना ही असली पहचान
किसी भी कार्य में समर्पण ही सफलता की कुंजी है।
सत्येंद्र राय जैसे लोग हमें सिखाते हैं कि ईमानदारी सबसे बड़ी ताकत है।
जरूरी है कि हम भी अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाएं।
समाज को ऐसे ही कर्मठ लोगों की जरूरत है।
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