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गुमला के बाद सिमडेगा के लिए भी एम्बुलेंस की मांग, जनसेवा को लेकर उठी संगठित आवाज

#सिमडेगा #स्वास्थ्य_सेवा : गुमला में एम्बुलेंस उपलब्ध कराने के बाद सिमडेगा जिले के लिए भी आपातकालीन वाहन की मांग तेज।

लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद द्वारा गुमला जिले को एम्बुलेंस उपलब्ध कराए जाने के बाद अब सिमडेगा जिले में भी ऐसी ही स्वास्थ्य सुविधा की मांग उठी है। आज़ाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष ने जनहित को देखते हुए सेंट्रल अंजुमन सिमडेगा को एम्बुलेंस दिए जाने की अपील की है। सिमडेगा जैसे दुर्गम और आदिवासी बहुल जिले में समय पर चिकित्सा सुविधा न मिलना गंभीर समस्या बनी हुई है। इस मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से सकारात्मक पहल की उम्मीद जताई जा रही है।

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  • गुमला जिले को एम्बुलेंस मिलने के बाद सिमडेगा के लिए भी उठी मांग।
  • लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत की पहल को बताया गया जनसेवा का उदाहरण।
  • आज़ाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष पंकज टोप्पो ने जारी किया बयान।
  • सेंट्रल अंजुमन सिमडेगा को एम्बुलेंस देने की अपील।
  • विधायक भूषण बाड़ा और सांसद कालीचरण मुंडा से की गई पहल की मांग।

लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के माननीय सांसद सुखदेव भगत द्वारा गुमला जिले के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराए जाने को जनसेवा की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है। इस पहल से गुमला जिले के जरूरतमंद नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है। इसी क्रम में अब सिमडेगा जिले के लिए भी ऐसी ही सुविधा उपलब्ध कराने की मांग जोर पकड़ने लगी है।

गुमला में एम्बुलेंस, सिमडेगा में उम्मीद

गुमला जिले में अंजुमन इस्लामिया, गुमला को एम्बुलेंस उपलब्ध कराए जाने के बाद स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने सांसद सुखदेव भगत के प्रति आभार जताया है। लोगों का कहना है कि इस तरह की पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करती है, बल्कि जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता को भी दर्शाती है।

इसी सफलता को आधार बनाकर अब सिमडेगा जिले के लिए भी आवाज़ उठने लगी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि गुमला जैसे जिले को यह सुविधा मिल सकती है, तो सिमडेगा जैसे दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

आज़ाद समाज पार्टी ने उठाई मांग

इस संबंध में आज़ाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष पंकज टोप्पो ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि सिमडेगा जिले के नागरिकों को भी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिले की भौगोलिक स्थिति और दूर-दराज के गांवों को देखते हुए एम्बुलेंस सेवा यहां जीवन और मृत्यु का प्रश्न बन जाती है।

पंकज टोप्पो ने इस मांग को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश महासचिव शरीफ खान, प्रदेश उपाध्यक्ष फुलजेंसिया बिलुंग, जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद शफी सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस विषय में एकजुट होकर पहल करें।

सेंट्रल अंजुमन सिमडेगा को एम्बुलेंस देने की अपील

आज़ाद समाज पार्टी की ओर से विशेष रूप से यह मांग की गई है कि सेंट्रल अंजुमन, सिमडेगा को एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जाए। पंकज टोप्पो का कहना है कि यदि यह सुविधा सेंट्रल अंजुमन को मिलती है, तो इसका लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंचेगा और आपातकालीन स्थितियों में समय पर इलाज संभव हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि सिमडेगा जिला खूंटी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और यहां की सड़कें, पहाड़ी इलाक़े और दूरस्थ गांव स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को कठिन बनाते हैं। ऐसे में एम्बुलेंस की उपलब्धता कई जानें बचा सकती है।

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विधायक और सांसद से की गई विशेष अपील

पंकज टोप्पो ने इस मांग को लेकर सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा और खूंटी लोकसभा क्षेत्र के सांसद कालीचरण मुंडा से विशेष रूप से आग्रह किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों जनप्रतिनिधि इस जनहित के मुद्दे पर सकारात्मक पहल करेंगे और अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।

उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों की थोड़ी सी पहल से सिमडेगा जिले के हजारों लोगों को राहत मिल सकती है, खासकर गरीब, आदिवासी और दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को।

स्थानीय लोगों का समर्थन

इस मांग को लेकर सिमडेगा के स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों में भी समर्थन देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि जिले में कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा पाता, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है। यदि एम्बुलेंस सेवा मजबूत होती है, तो ऐसे मामलों में काफी सुधार आ सकता है।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि गुमला की तरह सिमडेगा के लिए भी जल्द ही कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा और जनहित को प्राथमिकता दी जाएगी।

न्यूज़ देखो: स्वास्थ्य सेवा में समानता की जरूरत

गुमला को एम्बुलेंस मिलना एक सकारात्मक उदाहरण है, लेकिन इससे सिमडेगा जैसे जिलों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी सीधे जान-माल से जुड़ा सवाल है। अब यह देखना अहम होगा कि जनप्रतिनिधि इस मांग को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक ठोस कदम उठाए जाते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जीवन रक्षा के लिए एकजुटता जरूरी

स्वास्थ्य सुविधा कोई विशेषाधिकार नहीं, बल्कि हर नागरिक का अधिकार है।
सिमडेगा जैसे क्षेत्रों में समय पर इलाज पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है।
आप भी इस जनहित की आवाज़ को मजबूत करें।
कमेंट करें, खबर साझा करें और जागरूकता फैलाकर बदलाव का हिस्सा बनें।

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Rakesh Kumar Yadav

कुरडेग, सिमडेगा

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