
#पलामू #नगरनिकायचुनाव : मेदिनीनगर नगर निगम के महापौर पद को महिला सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित किया गया।
राज्य निर्वाचन आयोग ने झारखंड गजट में नगर निगम चुनाव को लेकर महापौर पदों की आरक्षण सूची जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार पलामू जिले के मेदिनीनगर नगर निगम का मेयर पद महिला सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। यह निर्णय आगामी शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। आरक्षण सूची जारी होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
- मेदिनीनगर नगर निगम का मेयर पद महिला सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित।
- राज्य निर्वाचन आयोग ने झारखंड गजट में अधिसूचना की जारी।
- आरक्षण सूची नगर निगम वर्ग-ख के लिए लागू।
- अन्य नगर निगमों के लिए भी कोटि आधारित आरक्षण तय।
- आगामी नगर निकाय चुनाव की तस्वीर हुई स्पष्ट।
पलामू जिले के लिए यह एक बड़ी राजनीतिक खबर है। मेदिनीनगर नगर निगम के मेयर पद को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है। शुक्रवार 9 जनवरी 2026 को प्रकाशित झारखंड गजट (असाधारण) में राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निगमों के महापौर पद के लिए आरक्षण सूची जारी कर दी, जिसमें मेदिनीनगर नगर निगम का मेयर पद महिला (सामान्य) के लिए आरक्षित घोषित किया गया है।
राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचना प्रपत्र-3 (नियम-9) के अंतर्गत प्रकाशित की गई है। यह सूची शहरी स्थानीय निकाय – नगर निगम (वर्ग-ख) के लिए लागू की गई है। अधिसूचना के अनुसार प्रत्येक नगर निगम के महापौर पद को सामाजिक वर्ग और महिला/अन्य श्रेणी के अनुसार आरक्षित किया गया है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेश से जारी इस अधिसूचना को आगामी नगर निगम चुनाव की आधारशिला माना जा रहा है, क्योंकि इसी के अनुसार उम्मीदवारों की पात्रता तय होगी।
मेदिनीनगर नगर निगम का आरक्षण विवरण
अधिसूचना में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि—
- निर्वाचन क्षेत्र संख्या/नाम: II पलामू/01 मेदिनीनगर नगर निगम (वर्ग-ख)
- कोटि: अनारक्षित
- महिला/अन्य: महिला
इसका सीधा अर्थ है कि मेदिनीनगर नगर निगम के महापौर पद पर अब केवल महिला उम्मीदवार ही चुनाव लड़ सकेंगी, और वह किसी भी वर्ग से हो सकती हैं।
अन्य नगर निगमों के लिए आरक्षण स्थिति
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी सूची में झारखंड के अन्य नगर निगमों के लिए भी आरक्षण तय किया गया है—
- हजारीबाग नगर निगम – अत्यंत पिछड़ा वर्ग-1 (अन्य)
- गिरिडीह नगर निगम – अनुसूचित जाति (अन्य)
- देवघर नगर निगम – अनारक्षित (अन्य)
- चास नगर निगम, बोकारो – अनारक्षित (अन्य)
- आदित्यपुर नगर निगम, सरायकेला-खरसावां – अनुसूचित जनजाति (अन्य)
- मानगो नगर निगम, पूर्वी सिंहभूम – अनारक्षित (महिला)
इस सूची से स्पष्ट है कि आयोग ने सामाजिक संतुलन और महिला प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए आरक्षण तय किया है।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
मेदिनीनगर नगर निगम का मेयर पद महिला के लिए आरक्षित होने की घोषणा के बाद राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है। कई संभावित पुरुष दावेदारों की उम्मीदों पर जहां विराम लगा है, वहीं महिला नेतृत्व को आगे लाने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि अब राजनीतिक दल महिला उम्मीदवारों की तलाश और रणनीति बनाने में जुट जाएंगे। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम बताया है।
नगर निकाय चुनाव की तैयारी तेज
आरक्षण सूची जारी होने के साथ ही यह साफ हो गया है कि राज्य में नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया अब तेज होने वाली है। आरक्षण के आधार पर ही टिकट वितरण, गठबंधन और चुनावी समीकरण तय होंगे। मेदिनीनगर जैसे बड़े नगर निगम में मेयर पद का आरक्षण राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
न्यूज़ देखो: महिला नेतृत्व को मिला अवसर
मेदिनीनगर नगर निगम का मेयर पद महिला के लिए आरक्षित होना स्थानीय लोकतंत्र में महिला भागीदारी को मजबूती देता है। यह फैसला न सिर्फ राजनीतिक समीकरण बदलेगा, बल्कि शहरी शासन में महिलाओं की भूमिका को भी नए सिरे से परिभाषित करेगा। अब नजर इस पर रहेगी कि कौन सी महिलाएं नेतृत्व की दौड़ में सामने आती हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
लोकतंत्र में भागीदारी का समय
नगर निगम चुनाव सिर्फ राजनीति नहीं, शहर के भविष्य का फैसला होता है।
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