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सीएम ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना में भ्रष्टाचार के आरोप: सड़क छह महीने में ही टूटी तो उठे सवाल

#हुसैनाबाद #सड़क_घोटाला : लंगरकोट सड़क के जल्द खराब होने पर प्रदेश अध्यक्ष ने एसडीओ को ज्ञापन देकर जांच व कार्रवाई की मांग की
  • सीएम ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना में भ्रष्टाचार की आशंका पर गंभीर सवाल खड़े।
  • सड़क का निर्माण 6 अक्टूबर 2024 को पूरा हुआ था, उद्घाटन पूर्व विधायक कमलेश कुमार सिंह ने किया था।
  • मात्र छह महीने में सड़क उधड़ने, दरारें आने और जगह-जगह गड्ढे बनने की शिकायत।
  • अखिल भारतीय तकनीकी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सोनू कुमार पटेल ने एसडीओ ओमप्रकाश गुप्ता को ज्ञापन सौंपा।
  • संविदाकार पर निम्न गुणवत्ता की सामग्री उपयोग करने का आरोप, ग्रामीणों की शिकायतों की अनदेखी।
  • कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी, ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई।

हुसैनाबाद में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत निर्माण कार्य को लेकर बड़े घोटाले की आशंका गहराने लगी है। शनिवार को अखिल भारतीय तकनीकी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सोनू कुमार पटेल ने अनुमंडल कार्यालय पहुंचकर एसडीओ ओमप्रकाश गुप्ता को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ग्राम लंगरकोट की सड़कों की चिंताजनक स्थिति को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया गया। बताया गया कि जपला–पथरा मुख्य मार्ग से लंगरकोट तक बनाई गई सड़क का कार्य ग्रामीण विकास विभाग, डालटनगंज प्रमंडल द्वारा 6 अक्टूबर 2024 को पूरा कराया गया था और उद्घाटन तत्कालीन विधायक कमलेश कुमार सिंह ने किया था।

छह महीने में ही सड़क उधड़ी, उठे गंभीर सवाल

ज्ञापन में कहा गया है कि जिस सड़क पर लाखों रुपये खर्च हुए, वह मात्र छह महीनों में ही जगह-जगह से उखड़ने लगी है। सड़क पर दरारें, कटाव और खुले गड्ढे गुणवत्ता पर गहरे सवाल खड़े करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण के दौरान ही निम्न स्तर की सामग्री उपयोग किए जाने के संकेत साफ दिखाई दे रहे थे। कई ग्रामीणों ने इसका विरोध भी किया था, लेकिन संविदाकार ने शिकायतों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से काम जारी रखा।

जपला-पथरा से जवाहर नवोदय विद्यालय मार्ग पर भी सवाल

सोनू कुमार पटेल ने जपला-पथरा मार्ग से जवाहर नवोदय विद्यालय, जपला लंगरकोट की ओर बनने वाली नई सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि निर्माण के आरंभिक चरण में ही घटिया सामग्री का उपयोग स्पष्ट दिख रहा है, जिससे भविष्य में यह सड़क भी जल्दी खराब होने का खतरा बढ़ गया है।

“भारी सरकारी धन खर्च, फिर भी जल्द टूटती सड़क—ये भ्रष्टाचार का संकेत”

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जब सरकारी योजनाओं में भारी धनराशि खर्च होती है और इसके बावजूद सड़कों की आयु कुछ महीनों से अधिक नहीं टिकती, तो यह सीधे-सीधे भ्रष्टाचार का संकेत है। उन्होंने संबंधित संविदाकार और विभागीय पदाधिकारियों की भूमिका की गहन जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को विवश होगा। क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से उम्मीद जताई है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच होगी और घोटाले के जिम्मेदारों पर कार्रवाई कर उन्हें न्याय मिलेगा।

न्यूज़ देखो: भ्रष्टाचार पर जनता की आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता

यह मामला बताता है कि योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना क्यों ज़रूरी है। यदि निर्माण कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार जारी रहे, तो विकास कार्य जनता तक कभी सही रूप में नहीं पहुंच पाएंगे। प्रशासन के लिए आवश्यक है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को चिन्हित किया जाए, ताकि जनता का विश्वास बना रहे।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

भ्रष्टाचार मुक्त विकास की राह जनता और प्रशासन मिलकर ही बना सकते हैं

जनता का जागरूक होना ही सबसे बड़ा हथियार है—जहां भी अनियमितता दिखे, आवाज़ उठाना जरूरी है।
आइए, हम सब मिलकर गुणवत्तापूर्ण निर्माण, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को मजबूत करें।
इस खबर को साझा करें और कमेंट में बताएं—क्या आपके क्षेत्र में भी सड़कों की ऐसी ही समस्याएं देखने को मिलती हैं?

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Yashwant Kumar

हुसैनाबाद, पलामू

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