
#हुसैनाबाद #पलामू #अवैधनिर्माण : नहर की जमीन पर कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने एसडीओ से कार्रवाई की मांग की।
पलामू जिले के हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र में नहर की सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने एसडीओ को आवेदन देकर निर्माण कार्य रोकने की मांग की है। आरोप है कि निर्माण से रास्ता अवरुद्ध हो रहा है और खेती प्रभावित होगी। प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की गई है।
- नहर की सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण का ग्रामीणों ने लगाया आरोप।
- नरेश यादव उर्फ फोटो यादव पर मकान निर्माण कराने का आरोप।
- निर्माण से रास्ता अवरुद्ध, ग्रामीणों को खेती में हो सकती है परेशानी।
- 10 मार्च 2026 को एसडीओ और अंचल अधिकारी को दिया गया आवेदन।
- कार्रवाई नहीं होने पर शांति भंग होने की आशंका जताई।
पलामू जिले के हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र में नहर की सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने इस मामले में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को आवेदन देकर निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बुधुआ माइनर के सहयोगी नहर (सहायक वितरणी) की जमीन पर नरेश यादव उर्फ फोटो यादव, पिता भदई यादव द्वारा मकान निर्माण कराया जा रहा है। इस निर्माण कार्य से नहर से जुड़े रास्ते को भी अवरुद्ध कर दिया गया है, जिससे आने-जाने में कठिनाई हो रही है।
रास्ता बंद होने से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि जिस स्थान पर निर्माण हो रहा है, वह नहर से जुड़ा महत्वपूर्ण रास्ता है। इसके बंद होने से किसानों को अपनी जमीन तक पहुंचने में भारी दिक्कत हो सकती है।
एक ग्रामीण ने कहा: “अगर रास्ता बंद हो गया, तो खेत तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा और खेती पर सीधा असर पड़ेगा।”
ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला केवल जमीन कब्जे का नहीं, बल्कि उनकी आजीविका से भी जुड़ा हुआ है।
सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि जिस जमीन पर निर्माण कार्य किया जा रहा है, वह खाता संख्या 129 तथा प्लॉट संख्या 794, 094 डी के अंतर्गत दर्ज है और इसे सरकारी गैरमजरूआ भूमि बताया गया है।
ऐसे में ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण कराया जा रहा है, जो नियमों के खिलाफ है।
पहले भी दिया जा चुका है आवेदन
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में 10 मार्च 2026 को ही अनुमंडल पदाधिकारी हुसैनाबाद और अंचल अधिकारी को लिखित आवेदन दिया गया था।
हालांकि, एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है और अतिक्रमण करने वाले का मनोबल भी बढ़ता जा रहा है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर अवैध निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी: “अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो कभी भी शांति भंग होने की स्थिति बन सकती है।”
बढ़ता विवाद बना चिंता का विषय
यह मामला अब धीरे-धीरे विवाद का रूप लेता जा रहा है। ग्रामीणों और संबंधित पक्ष के बीच तनाव की स्थिति बन रही है, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
ऐसे में प्रशासन की त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई बेहद जरूरी मानी जा रही है।
न्यूज़ देखो: लापरवाही बनी विवाद की वजह, समय पर कार्रवाई जरूरी
हुसैनाबाद में नहर की जमीन पर अवैध निर्माण का यह मामला प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती है, तो यह विवाद बड़ा रूप ले सकता है। सरकारी जमीन की सुरक्षा और ग्रामीणों की सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अब देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन कब और क्या कदम उठाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक बनें
सरकारी संसाधन सभी के लिए होते हैं, उनका संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में जागरूकता और समय पर आवाज उठाना जरूरी है।
यदि आप भी अपने क्षेत्र में ऐसी कोई समस्या देखते हैं, तो प्रशासन तक अपनी बात जरूर पहुंचाएं।
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