
#बरवाडीह #धानखरीदसंकट : भुगतान में देरी और बिचौलियों के खेल पर किसानों ने उठाई आवाज।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड के लैम्पस धान खरीद केंद्र में अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। किसानों का कहना है कि महीनों पहले धान जमा करने के बावजूद उन्हें भुगतान नहीं मिला है। वहीं केंद्र पर बिचौलियों के सक्रिय होने की भी शिकायत है। किसानों ने प्रशासन से जल्द भुगतान और पारदर्शिता की मांग की है।
- लैम्पस धान खरीद केंद्र, बरवाडीह में अनियमितता के आरोप।
- किसानों का महीनों से भुगतान लंबित।
- केंद्र पर बिचौलियों की सक्रियता को लेकर शिकायत।
- छोटे किसानों के नाम पर धान खरीद का आरोप।
- किसानों ने जांच और कार्रवाई की मांग की।
बरवाडीह प्रखंड के लैम्पस धान खरीद केंद्र में किसानों के साथ हो रही कथित अनियमितताओं ने अब गंभीर रूप ले लिया है। क्षेत्र के कई किसानों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने महीनों पहले अपना धान केंद्र पर जमा किया था, लेकिन अब तक उन्हें भुगतान नहीं मिला है। इस स्थिति के कारण किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है और उनकी चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
भुगतान में देरी से बढ़ी परेशानी
किसानों का कहना है कि धान बेचने के बाद उन्हें समय पर भुगतान मिलना चाहिए था, लेकिन कई महीनों के बाद भी राशि उनके खाते में नहीं आई है।
किसानों ने कहा: “हमने अपना धान सरकार को दिया, लेकिन अब तक हमें उसका पैसा नहीं मिला, जिससे घर चलाना मुश्किल हो गया है।”
इस देरी के कारण किसान कर्ज और दैनिक खर्चों को लेकर परेशान हो रहे हैं।
बिचौलियों के खेल का आरोप
किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि केंद्र पर बिचौलियों का दबदबा बढ़ गया है। उनका कहना है कि कुछ बिचौलिये छोटे किसानों को मामूली रकम का लालच देकर उनके नाम पर धान बेच रहे हैं।
इससे वास्तविक किसानों को नुकसान हो रहा है और वे अपने हक से वंचित रह जा रहे हैं।
पारदर्शिता पर उठे सवाल
धान खरीद केंद्र में चल रही इस व्यवस्था पर किसानों ने पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि प्रक्रिया सही तरीके से लागू की जाए, तो किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
एक किसान ने कहा: “अगर सिस्टम पारदर्शी होता, तो बिचौलियों को मौका नहीं मिलता।”
प्रशासन से की गई मांग
स्थानीय किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि—
- लंबित भुगतान जल्द से जल्द किया जाए
- धान खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए
- बिचौलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए
किसानों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
किसानों की आर्थिक स्थिति पर असर
इस समस्या का सीधा असर किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है। समय पर भुगतान नहीं मिलने से उन्हें बीज, खाद और अन्य आवश्यक चीजों की व्यवस्था करने में कठिनाई हो रही है।
यह स्थिति ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर रही है।

न्यूज़ देखो: किसानों के हक पर सवाल, कार्रवाई जरूरी
बरवाडीह के धान खरीद केंद्र का यह मामला दर्शाता है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में कहीं न कहीं गंभीर खामियां हैं। यदि किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिलता, तो यह उनके अधिकारों का हनन है। प्रशासन को चाहिए कि इस मामले में तुरंत जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करे और किसानों का भरोसा बहाल करे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
किसान मजबूत तो देश मजबूत
किसान हमारे देश की रीढ़ हैं और उनका सम्मान करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलना जरूरी है, तभी उनका जीवन सुधर सकता है।
जरूरी है कि हम किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनें और उनके हक के लिए आवाज उठाएं।
एकजुट होकर ही हम व्यवस्था में सुधार ला सकते हैं।
अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें, खबर को शेयर करें और किसानों के अधिकारों की आवाज को आगे बढ़ाएं।






