
#मनातू #पलामू #मनरेगागड़बड़ी : रंगेया पंचायत के टंडवा टोला कुसहा में टीसीबी और डोभा निर्माण में अनियमितता का मामला
पलामू जिले के मनातू प्रखंड के रंगेया पंचायत में मनरेगा योजनाओं में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि टीसीबी और डोभा निर्माण कार्य में फर्जी माप पुस्तिका (एमबी) और मजदूरों की फर्जी हाजिरी बनाकर करीब 3.49 लाख रुपये की सरकारी राशि निकाल ली गई। मामले को लेकर ग्रामीणों ने जांच की मांग की है, वहीं बीडीओ ने जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है।
- रंगेया पंचायत के टंडवा टोला कुसहा में मनरेगा योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप।
- फर्जी एमबी और मजदूरों की फर्जी हाजिरी के सहारे लगभग 3.49 लाख रुपये की निकासी।
- टीसीबी और डोभा निर्माण कार्य में बिना काम किए भुगतान किए जाने का आरोप।
- मामले में मनरेगा जेई नवीन कुमार नीरज सहित कई पदाधिकारियों पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल।
- बीडीओ ने जांच कर दोषियों को शो-कॉज और कानूनी कार्रवाई की कही बात।
पलामू जिले के मनातू प्रखंड अंतर्गत रंगेया पंचायत के ग्राम टंडवा टोला कुसहा में मनरेगा योजनाओं में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि टीसीबी और डोभा निर्माण कार्य में बिना कार्य कराए ही फर्जी माप पुस्तिका (एमबी) और मजदूरों की फर्जी हाजिरी बनाकर सरकारी राशि की अवैध निकासी कर ली गई।
ग्रामीणों के अनुसार इस मामले में मनरेगा के जेई नवीन कुमार नीरज, पंचायत सेवक अर्जुन कुमार, रोजगार सेवक सहदेव यादव तथा पंचायत की मुखिया कुसमी देवी की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
टीसीबी निर्माण में अनियमितता का आरोप
बताया गया कि ग्राम टंडवा के टोला कुसहा में शकुंतला देवी, कविता कुमारी और शीतल देवी के नाम से मनरेगा के तहत टीसीबी निर्माण कार्य की स्वीकृति दी गई थी।
इन योजनाओं के वर्क कोड क्रमशः 3806099, 3806148 और 3806117 बताए जा रहे हैं। इन सभी योजनाओं को वर्ष 2024-25 में स्वीकृति दी गई थी और प्रत्येक योजना की प्राक्कलन राशि लगभग 2 से 3 लाख रुपये बताई जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इन तीनों योजनाओं में नियमानुसार लगभग 200 गड्ढों की खुदाई होनी थी, लेकिन मौके पर केवल करीब 100 गड्ढे ही खोदे गए। इसके बावजूद फर्जी एमबी बनाकर और मजदूरों की फर्जी हाजिरी दर्ज कर 2 लाख 9 हजार 244 रुपये की निकासी कर ली गई।
डोभा निर्माण में भी गड़बड़ी का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार टंडवा टोला कुसहा में शीतल देवी के नाम से 50/50 के डोभा तथा प्रमोद सिंह के नाम से 80/80 के डोभा निर्माण की भी स्वीकृति दी गई थी।
बताया जा रहा है कि शीतल देवी के नाम से स्वीकृत डोभा का निर्माण कार्य कराया ही नहीं गया। पहले से बने 50/50 के डोभा को साफ-सफाई कर उसे नया निर्माण दिखाकर 1 लाख 12 हजार 50 रुपये की निकासी कर ली गई।
इसी तरह प्रमोद सिंह के नाम से भी पूर्व में बने 50/50 के डोभा को ही 80/80 का डोभा दिखाकर फर्जी एमबी और मजदूरों की फर्जी हाजिरी बनाते हुए 27 हजार 744 रुपये की निकासी का आरोप लगाया गया है।
इसके अलावा मनरेगा जेई द्वारा 71 हजार 536 रुपये की फर्जी एमबी तैयार किए जाने का भी आरोप सामने आया है।
सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया
ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा के तहत किसी भी योजना के कार्यस्थल पर सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य होता है, ताकि योजना में पारदर्शिता बनी रहे। लेकिन यहां टीसीबी निर्माण कार्य के स्थल पर सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया।
इससे ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मजदूरों को नहीं मिल रहा काम
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ मनरेगा मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर योजनाओं में फर्जी हाजिरी बनाकर सरकारी राशि की निकासी की जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते इस मामले की जांच नहीं हुई तो मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना का उद्देश्य ही प्रभावित हो जाएगा।
बीडीओ ने जांच का दिया आश्वासन
मामले को लेकर मनातू प्रखंड के बीडीओ ने कहा है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो संबंधित दोषियों को शो-कॉज नोटिस जारी कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
न्यूज़ देखो: मनरेगा में पारदर्शिता जरूरी
मनरेगा योजना ग्रामीण मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई गई केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। यदि इसमें अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते हैं तो इससे योजना की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई ही व्यवस्था में पारदर्शिता और जनता का विश्वास बनाए रख सकती है।
जागरूक बनें और योजनाओं की निगरानी करें
सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे, इसके लिए समाज की जागरूकता भी जरूरी है। यदि किसी योजना में गड़बड़ी दिखाई दे तो उसकी जानकारी प्रशासन को जरूर दें।
जागरूक नागरिक बनकर ही हम विकास योजनाओं को सही दिशा दे सकते हैं। इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें।






