
#बरवाडीह #निर्माण_अनियमितता : कुटमू सरना स्थल की चारदीवारी में घटिया सामग्री उपयोग और फर्जी भुगतान का आरोप।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड के कुटमू गांव स्थित सरना स्थल की चारदीवारी निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितता का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है। साथ ही पहले से बने चबूतरे को नया दिखाकर राशि निकासी की भी शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
- बरवाडीह प्रखंड के कुटमू गांव स्थित सरना स्थल में निर्माण कार्य पर सवाल।
- ग्रामीणों ने चारदीवारी निर्माण में घटिया सामग्री उपयोग का लगाया आरोप।
- निर्माण में 8 एमएम और 10 एमएम सरिया उपयोग होने की शिकायत।
- पहले से बने चबूतरे को नया दिखाकर राशि निकासी का आरोप।
- ग्रामीणों ने लातेहार उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता से जांच की मांग की।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत कुटमू गांव स्थित सरना स्थल में चल रहे चारदीवारी निर्माण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि कल्याण विभाग की ओर से कराए जा रहे इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है और इसमें कई प्रकार की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।
निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर उठे सवाल
ग्रामीणों के अनुसार चारदीवारी निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री मानक के अनुरूप नहीं है। उनका कहना है कि निर्माण में 8 एमएम और 10 एमएम सरिया का उपयोग किया जा रहा है, जबकि इस प्रकार के निर्माण कार्य के लिए इससे अधिक मजबूत सरिया की आवश्यकता होती है।
इसके अलावा ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में कमजोर और घटिया ईंटों का उपयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया तो निर्माण कार्य लंबे समय तक टिकाऊ नहीं रहेगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य से जुड़े कुछ लोग जल्दबाजी में काम पूरा करने में लगे हैं, जिससे गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ रहा है।
चबूतरे को नया दिखाकर राशि निकासी का आरोप
ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि वर्ष 2025–26 में 15वें वित्त आयोग की राशि से सरना स्थल परिसर में एक चबूतरे का निर्माण कराया गया था। अब आरोप लगाया जा रहा है कि वर्तमान चारदीवारी निर्माण कार्य के दौरान उसी पुराने चबूतरे को नया दिखाकर पहली किस्त की राशि की निकासी कर ली गई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह आरोप सही साबित होता है तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला हो सकता है। इस संबंध में कई लोगों ने प्रशासन से विस्तृत जांच की मांग की है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की जांच की मांग
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए लातेहार के उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता से हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं की गई तो सरकारी राशि के दुरुपयोग का मामला और गंभीर हो सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार सरना स्थल उनके धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का केंद्र है, इसलिए इसके निर्माण कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
धार्मिक स्थल से जुड़ा है ग्रामीणों की आस्था
कुटमू गांव का सरना स्थल स्थानीय आदिवासी समुदाय की धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। यहां विभिन्न पारंपरिक पूजा-पाठ और सामाजिक आयोजन किए जाते हैं।
इसी कारण ग्रामीण चाहते हैं कि सरना स्थल के विकास से जुड़े कार्य पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या न उत्पन्न हो।
न्यूज़ देखो: विकास कार्यों में पारदर्शिता जरूरी
सरकारी योजनाओं के तहत होने वाले निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता की शिकायत सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। इससे न केवल सरकारी संसाधनों की सुरक्षा होती है बल्कि जनता का भरोसा भी बना रहता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक नागरिक ही रोक सकते हैं गड़बड़ियां
किसी भी विकास कार्य की सफलता केवल प्रशासन पर नहीं, बल्कि समाज की जागरूकता पर भी निर्भर करती है। जब लोग अपने क्षेत्र के कार्यों पर नजर रखते हैं और सवाल उठाते हैं, तभी पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।
जरूरी है कि हम सभी अपने क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों के प्रति सजग रहें और यदि कहीं गड़बड़ी दिखे तो उसे संबंधित अधिकारियों तक जरूर पहुंचाएं।
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