
#बरवाडीह #सड़क_निर्माण : गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों के विरोध के बाद निर्माण कार्य तत्काल बंद।
बरवाडीह प्रखंड के चपरी–मजुरमरी रोड से कोयल नदी तट तक चल रहे सड़क निर्माण कार्य को ग्रामीणों के विरोध के बाद रोक दिया गया है। ग्रामीणों ने निर्माण में घटिया सामग्री उपयोग का आरोप लगाते हुए कार्य बंद कराने की मांग की। सूचना मिलने पर जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और स्थिति की जांच की। जनहित को देखते हुए तकनीकी जांच से पहले कार्य पर रोक लगा दी गई है।
- चपरी–मजुरमरी रोड पर सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध।
- घटिया गुणवत्ता के आरोप में निर्माण कार्य रोका गया।
- भाजपा व जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे।
- तकनीकी जांच से पहले कार्य शुरू न करने की मांग।
- प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा में ग्रामीण।
बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत चपरी–मजुरमरी रोड से कोयल नदी तट तक कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी असंतोष देखने को मिला। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है और घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। इसी को लेकर ग्रामीणों ने एकजुट होकर निर्माण कार्य का विरोध किया और काम को तत्काल बंद कराने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में न तो उचित बेस तैयार किया गया है और न ही मानक के अनुरूप सामग्री डाली जा रही है। इससे कुछ ही समय में सड़क के क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि अभी ही गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में यह सड़क जनता के लिए परेशानी का कारण बन जाएगी।
जनप्रतिनिधियों ने लिया मौके का जायजा
ग्रामीणों के विरोध की सूचना मिलते ही मंडल अध्यक्ष मनोज प्रसाद, प्रखंड प्रमुख सुशीला देवी, सांसद प्रतिनिधि ईश्वरी सिंह, जिला सोशल मीडिया सह प्रभारी बंटी ठाकुर, युवा मोर्चा मंडल उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार, भाजपा नेता अतुल कुमार और कुंदन यादव मौके पर पहुंचे। सभी ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं और निर्माण स्थल का निरीक्षण किया।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों को सड़क की स्थिति दिखाते हुए बताया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों ने भी प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल निर्माण कार्य को रुकवा दिया।

तकनीकी जांच की मांग पर अड़े ग्रामीण
ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक स्कुटीव (तकनीकी पदाधिकारी) और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर आकर जांच नहीं करते, तब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जाए। ग्रामीण इस मांग पर अडिग रहे कि निर्माण में हुई अनियमितताओं की जांच हो और फिर गुणवत्ता के साथ दोबारा कार्य कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी मार्ग से गांव का आवागमन और कृषि कार्य जुड़ा हुआ है। ऐसे में घटिया निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
प्रखंड प्रमुख ने कार्रवाई का दिया भरोसा
प्रखंड प्रमुख सुशीला देवी ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जनता के हित से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सुशीला देवी ने कहा: “सड़क निर्माण में अगर गुणवत्ता से समझौता हुआ है, तो इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी संवेदक और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।”
उन्होंने कहा कि विकास कार्य तभी सार्थक हैं जब वे टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण हों। जनता के पैसे से होने वाले कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल पूरी तरह बंद है निर्माण कार्य
जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल चपरी–मजुरमरी रोड का सड़क निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। अब प्रशासनिक और तकनीकी जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। ग्रामीणों ने भी स्पष्ट किया है कि वे जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी प्रकार के कार्य को शुरू नहीं होने देंगे।

न्यूज़ देखो: विकास कार्यों में जवाबदेही जरूरी
यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी कितनी आवश्यक है। यदि जनता सजग होकर आवाज न उठाए, तो गुणवत्ता से समझौता आसानी से हो सकता है। जनप्रतिनिधियों का मौके पर पहुंचकर कार्य रुकवाना सकारात्मक कदम है, लेकिन अब यह देखना अहम होगा कि जांच के बाद क्या ठोस कार्रवाई होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक ग्रामीण ही मजबूत विकास की गारंटी
विकास तभी सार्थक है जब वह टिकाऊ और पारदर्शी हो। ग्रामीणों का एकजुट होकर घटिया निर्माण का विरोध करना लोकतांत्रिक जागरूकता का उदाहरण है। ऐसे प्रयास प्रशासन को भी जवाबदेह बनाते हैं।
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