महुआडांड़ में पारा शिक्षकों के मानदेय कटौती पर बढ़ा विवाद: जांच और भुगतान की मांग तेज

महुआडांड़ में पारा शिक्षकों के मानदेय कटौती पर बढ़ा विवाद: जांच और भुगतान की मांग तेज

author News देखो Team
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#महुआडांड़ #पारा_शिक्षक : मानदेय से 1 से 4 दिन की राशि कटने पर शिक्षकों में नाराजगी, विभाग से जांच की मांग।

लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड में पारा शिक्षकों के मानदेय में कथित कटौती को लेकर विवाद गहरा गया है। शिक्षकों का आरोप है कि अप्रैल 2025 के मानदेय से 1 से 4 दिनों की राशि बिना सूचना काट ली गई। लगभग एक वर्ष बीतने के बाद भी राशि वापस नहीं की गई है।

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  • अप्रैल 2025 के मानदेय से 1 से 4 दिन की राशि कटी।
  • करीब 15 से 20 पारा शिक्षक कटौती से प्रभावित।
  • बीआरसी महुआडांड़ के अकाउंटेंट पर मनमानी का आरोप।
  • बायोमेट्रिक तकनीकी समस्या के बावजूद कटौती का दावा।
  • पारा संघ व जनप्रतिनिधियों ने जांच और भुगतान की मांग की।

महुआडांड़, लातेहार। महुआडांड़ प्रखंड के शिक्षा विभाग में पारा शिक्षकों के मानदेय में हुई कटौती को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पहले से ही सीमित मानदेय पर कार्य कर रहे सहायक अध्यापक सम्पत्ति (पारा शिक्षक) अब अपने ही मानदेय में की गई कथित मनमानी कटौती से नाराज हैं।

शिक्षकों का आरोप है कि अप्रैल 2025 के मानदेय में 1 से 4 दिनों की राशि बिना किसी पूर्व सूचना के काट ली गई, जिसे अब तक वापस नहीं जोड़ा गया है।

15 से 20 शिक्षकों के मानदेय में कटौती

जानकारी के अनुसार महुआडांड़ प्रखंड के लगभग 15 से 20 पारा शिक्षकों के मानदेय में यह कटौती की गई है। शिक्षकों का कहना है कि यह कटौती बीआरसी महुआडांड़ के अकाउंटेंट द्वारा की गई।

शिक्षकों ने बताया कि कटौती से पहले न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही कोई स्पष्ट कारण बताया गया, जिससे उनके बीच असंतोष बढ़ गया है।

बायोमेट्रिक तकनीकी समस्या का हवाला

पारा शिक्षकों का कहना है कि विभागीय पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि जिन शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति 10 दिनों से कम होगी, उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

लेकिन कई मामलों में तकनीकी खराबी के कारण 2 से 3 दिनों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी, जिसके बावजूद मानदेय में कटौती कर दी गई। शिक्षकों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया नियमों के विपरीत है।

शिकायत के बाद भी नहीं मिला समाधान

शिक्षकों के अनुसार इस मामले की शिकायत कई बार विभागीय अधिकारियों से की गई, लेकिन लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी काटी गई राशि वापस नहीं की गई है।

इस कारण पारा शिक्षकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

संघ और जनप्रतिनिधियों ने उठाई आवाज

मामले को लेकर पारा संघ के जिला अध्यक्ष विजय प्रसाद ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी मिली है और वे विभागीय अधिकारियों से बात कर शिक्षकों का कटा हुआ मानदेय दिलाने का प्रयास करेंगे।

वहीं जेएलकेएम के पलामू प्रमंडल अध्यक्ष पप्पू यादव ने भी मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विभाग को इस पूरे मामले की जांच कर जल्द से जल्द पारा शिक्षकों का बकाया मानदेय भुगतान करना चाहिए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा और बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है।

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