#सिमडेगा #अंबेडकर_जयंती : कांग्रेस कार्यालय में आयोजन—विचार गोष्ठी और माल्यार्पण से याद किए गए बाबा साहेब।
सिमडेगा में कांग्रेस कार्यालय में अंबेडकर जयंती पर कार्यक्रम हुआ। नेताओं ने बाबा साहेब के विचारों और योगदान को याद किया। जोसिमा खाखा ने संविधान की रक्षा पर जोर दिया। कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर चौक पर श्रद्धांजलि दी। बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
- कांग्रेस कार्यालय में अंबेडकर जयंती कार्यक्रम आयोजित।
- जोसिमा खाखा ने संविधान रक्षा पर जोर दिया।
- नेताओं ने बाबा साहेब के विचारों को याद किया।
- अंबेडकर चौक पर माल्यार्पण किया गया।
- बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सिमडेगा जिले में जिला कांग्रेस कार्यालय में मंगलवार को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब के जीवन, उनके संघर्ष और समाज के लिए किए गए योगदान को विस्तार से याद किया।
कार्यक्रम की शुरुआत कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा बाबा साहेब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
विचार गोष्ठी में रखे गए विचार
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नेताओं ने अंबेडकर के विचारों और उनके योगदान पर चर्चा की।
एक नेता ने कहा: “डॉ. अंबेडकर के विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणादायक हैं।”
अंबेडकर चौक पर श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के बाद सभी कार्यकर्ता अंबेडकर चौक पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
जोसिमा खाखा का संबोधन
महिला जिला अध्यक्ष सह जिप सदस्य जोसिमा खाखा ने कहा—
“बाबा साहेब केवल संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता के सबसे बड़े प्रहरी थे।”
उन्होंने कहा: “उन्होंने अपना जीवन वंचित और शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित किया।”
संविधान की रक्षा पर जोर
जोसिमा खाखा ने कहा: “संविधान की रक्षा करना और उसे मजबूत बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।”
उन्होंने कहा कि संविधान देश की एकता और अखंडता की सबसे बड़ी ताकत है।
सामाजिक समानता का संदेश
जोसिमा खाखा ने कहा: “हमें उनके दिखाए रास्ते पर चलकर समाज में समानता और शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए।”
कार्यकर्ताओं से अपील
उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर बाबा साहेब के विचारों को फैलाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा: “सामाजिक समरसता को मजबूत करना हमारी जिम्मेदारी है।”
कार्यक्रम में उपस्थित लोग
इस कार्यक्रम में प्रदीप केसरी, कौशल रोहिल्ला, रणधीर रंजन, समी आलम, संतोष सिंह, तिलका रमन, चंदन कुमार, सामरोम पॉल तोपनो, लखन गुप्ता, अमित डुंगडुंग, सेराफिनुस कुल्लू, बिपिन पंकज मिंज, वारिश राजा, अक्षन खान, सिल्बेस्टर बाघवार, विजय, मो अरमान, अख्तर खान, एजाज अहमद, डॉ अरशद हुसैन, रामकुमार कोईराला, मुक्ता तिर्की, शाजदा खातून, प्रतिमा कुजूर, उर्मिला केरकेटा, अमला देवी, संगीता देवी, पुष्पा देवी, मुक्ता लुगून, विनीता, स्वर्णलता, आइन्द, अमृत मारकुस, सरिता मिंज, इंदु रानी कीड़ो सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सामाजिक चेतना का संदेश
इस आयोजन के माध्यम से सामाजिक जागरूकता और समानता का संदेश दिया गया।
न्यूज़ देखो: संविधान की शक्ति का सम्मान
सिमडेगा का यह कार्यक्रम दिखाता है कि बाबा साहेब के विचार आज भी राजनीति और समाज दोनों में प्रासंगिक हैं। लेकिन असली चुनौती उन्हें व्यवहार में उतारने की है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
समानता और न्याय का संकल्प लें
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