डीएवी खलारी में अंबेडकर जयंती पर प्रेरणादायक कार्यक्रम, प्राचार्य ने शिक्षा और समानता का दिया संदेश

डीएवी खलारी में अंबेडकर जयंती पर प्रेरणादायक कार्यक्रम, प्राचार्य ने शिक्षा और समानता का दिया संदेश

author Jitendra Giri
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#खलारी #अंबेडकर_जयंती : डीएवी विद्यालय में आयोजन—माल्यार्पण और विचारों के माध्यम से दी गई श्रद्धांजलि।

रांची के खलारी स्थित डीएवी स्कूल में अंबेडकर जयंती मनाई गई। प्राचार्य डॉ. कमलेश कुमार ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया। शिक्षकों ने बाबा साहेब के विचारों को साझा किया। कार्यक्रम में शिक्षा और सामाजिक समानता का संदेश दिया गया।

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  • डीएवी खलारी में अंबेडकर जयंती समारोह आयोजित
  • डॉ. कमलेश कुमार ने किया कार्यक्रम का नेतृत्व।
  • शिक्षकों ने बाबा साहेब के विचारों पर प्रकाश डाला
  • सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष को याद किया गया
  • सभी ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी

रांची जिले के खलारी स्थित डीएवी स्कूल में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती हर्षोल्लास, श्रद्धा और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षकों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य बाबा साहेब के विचारों को याद करना और समाज में शिक्षा एवं समानता के महत्व को रेखांकित करना था।

दीप प्रज्वलन से हुई शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्राचार्य डॉ. कमलेश कुमार द्वारा शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के साथ संयुक्त रूप से मंत्रोच्चारण, दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण कर की गई।

डॉ. कमलेश कुमार ने कहा: “बाबा साहेब ने कठिन परिस्थितियों में समाज को नई दिशा देने का कार्य किया।”

प्रेरणादायक विचारों का उल्लेख

प्राचार्य ने अपने संबोधन में बाबा साहेब के प्रसिद्ध विचारों को याद करते हुए कहा—

“कागज और कलम की ताकत दुनिया की हर ताकत से बड़ी है, एक रोटी कम खाओ पर बच्चों को जरूर पढ़ाओ।”

उन्होंने इस संदेश को आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक बताया।

सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष

डॉ. कमलेश कुमार ने कहा—

“बाबा साहेब ने छुआछूत, अज्ञानता, जाति भेद और रंग भेद जैसी कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया।”

उन्होंने कहा: “उनका जीवन समाज सुधार का एक महान उदाहरण है।”

बहुमुखी प्रतिभा के धनी

प्राचार्य ने बाबा साहेब को एक विश्वस्तरीय अर्थशास्त्री, प्रखर राजनीतिज्ञ और महान समाज सुधारक बताया।

उन्होंने कहा: “वे भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार थे और उनके विचार आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं।”

संस्कृत शिक्षक का संबोधन

विद्यालय के संस्कृत शिक्षक उपेंद्र कुमार आर्य ने भी बाबा साहेब के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उपेंद्र कुमार आर्य ने कहा: “डॉ. अंबेडकर बहुमुखी प्रतिभा के धनी और महान विद्वान थे।”

श्रद्धांजलि अर्पित

कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों और कर्मचारियों ने बाबा साहेब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

शिक्षा और जागरूकता का संदेश

इस आयोजन के माध्यम से शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के महत्व को पुनः रेखांकित किया गया।

प्रेरणादायक वातावरण

पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रेरणा और सम्मान का माहौल बना रहा, जिससे सभी को बाबा साहेब के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा मिली।

न्यूज़ देखो: शिक्षा ही सबसे बड़ी शक्ति

खलारी का यह कार्यक्रम दिखाता है कि बाबा साहेब के विचार आज भी शिक्षा और समानता की दिशा में मार्गदर्शक हैं। लेकिन क्या हम उनके संदेश को पूरी तरह अपना पा रहे हैं? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शिक्षा से बदलें समाज

ज्ञान ही सबसे बड़ी ताकत है।
बच्चों को शिक्षित करना जरूरी है।
समाज में समानता लाना हमारी जिम्मेदारी है।
आइए, हम बाबा साहेब के विचारों को अपनाएं।

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Written by

खलारी, रांची

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