#लचरागढ़ #अंबेडकर_जयंती : विद्यालय में आयोजन—भाषण व रूप सज्जा प्रतियोगिता के साथ छात्रों को मिला प्रेरणा संदेश।
सिमडेगा के लचरागढ़ स्थित विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर में अंबेडकर जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में दीप प्रज्वलन, प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित हुईं। छात्रों को बाबा साहेब के जीवन से प्रेरणा दी गई। कई शिक्षक और विद्यार्थी कार्यक्रम में शामिल हुए।
- विद्यालय में अंबेडकर जयंती धूमधाम से मनाई गई।
- संध्या नायक, जगन्नाथ सिंह, राजेन्द्र साहू ने किया उद्घाटन।
- भाषण और रूप सज्जा प्रतियोगिता आयोजित।
- श्रेष्ठ कुमार और कृष्णा साहू को मिला पुरस्कार।
- कई शिक्षक और छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में शामिल।
सिमडेगा जिले के लचरागढ़ स्थित विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर उच्च विद्यालय में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बाबा साहेब के जीवन, उनके संघर्ष और उनके विचारों से प्रेरित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिसर में डॉ. अंबेडकर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन के साथ की गई, जिससे पूरे वातावरण में श्रद्धा का भाव व्याप्त हो गया।
दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
इस अवसर पर कन्या भारती की सेनापति संध्या नायक, किशोर भारती के अध्यक्ष जगन्नाथ सिंह और विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेन्द्र साहू ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
संध्या नायक ने कहा: “डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष और साहस की मिसाल है।”
प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभा प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए भाषण प्रतियोगिता और रूप-सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
रूप-सज्जा प्रतियोगिता में श्रेष्ठ कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार प्राप्त किया।
एक शिक्षक ने कहा: “बच्चों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।”
भाषण प्रतियोगिता के विजेता
भाषण प्रतियोगिता में—
- कक्षा चतुर्थ के कृष्णा साहू को सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार
- कक्षा षष्ठ की शिवानी कुमारी को प्रथम स्थान
- कक्षा सप्तम की पूजा कुमारी को द्वितीय स्थान
प्राप्त हुआ।
एक निर्णायक ने कहा: “बच्चों ने अंबेडकर के विचारों को बहुत अच्छे से प्रस्तुत किया।”
प्रेरणादायक संबोधन
सेनापति बहन संध्या कुमारी ने अपने वक्तव्य में कहा—
“हमें बाबा साहेब के पदचिह्नों पर चलकर समाज में समानता और न्याय स्थापित करना चाहिए।”
प्रधानाचार्य राजेन्द्र साहू ने कहा—
“डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष और परिश्रम का अद्भुत उदाहरण है।”
उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा: “निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी है।”
कार्यक्रम का संचालन और समापन
कार्यक्रम का संचालन प्रमोद पानीग्राही ने किया, जबकि अंत में प्रधानाचार्य द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
शिक्षकों और अतिथियों की उपस्थिति
इस अवसर पर यमुना कुमारी, दसरथी देवी, बिमला देवी, लक्ष्मी देवी, अर्जुन महतो, वसंती बड़ा, गणेश जी, जगेश्वर सिंह, प्रमोद पानीग्राही, प्रगति सिंह, दीक्षित कुमारी, रजनी बड़ाईक, भागीरथी सिंह, शिविरचंद्र नायक, सुषमा कुमारी, सुनीति कुमारी, खुशबू मिश्रा, तरुण सिंह, कालीचरण सिंह, सबरन सिंह, सुशीला देवी, गंगोत्री देवी सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
अनुशासित और प्रेरणादायक आयोजन
पूरे कार्यक्रम में अनुशासन, उत्साह और प्रेरणा का वातावरण देखने को मिला, जिसने छात्रों के मन में राष्ट्र निर्माण के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया।
न्यूज़ देखो: शिक्षा के साथ संस्कार
लचरागढ़ का यह आयोजन दिखाता है that स्कूल केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार और प्रेरणा देने का भी माध्यम है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सीखें, बढ़ें और आगे बढ़ाएं
महान व्यक्तित्वों से प्रेरणा लें।
मेहनत और अनुशासन को अपनाएं।
अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ते रहें।
आइए, हम बेहतर भविष्य का निर्माण करें।
इस खबर को शेयर करें, बच्चों को प्रेरित करें और अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।
