#ठेठईटांगर #जनसमस्या : ग्रामीणों की मूलभूत सुविधाओं को लेकर अधिकारियों से कार्रवाई की मांग।
सिमडेगा के ठेठईटांगर प्रखंड में जिला परिषद सदस्य अजय एक्का ने विभिन्न गांवों का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याओं का जायजा लिया। ग्रामीणों ने पेयजल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया। खम्हानटोली के लोगों ने पेयजल संकट को लेकर लिखित आवेदन भी सौंपा। जिप सदस्य ने समस्याओं को जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के समक्ष उठाकर समाधान का भरोसा दिलाया।
- जिला परिषद सदस्य अजय एक्का ने बाघचट्टा और पाईकपारा पंचायत के कई गांवों का दौरा किया।
- ग्रामीणों ने पेयजल और सड़क की गंभीर समस्याओं से अवगत कराया।
- खम्हानटोली के ग्रामीणों ने पेयजल संकट को लेकर लिखित आवेदन सौंपा।
- कई गांवों में आज भी लोग चुंवा और नदी का पानी पीने को मजबूर हैं।
- अजय एक्का ने समस्याओं को प्रशासन के समक्ष उठाने का भरोसा दिया।
- दौरे में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी बातें रखीं।
ठेठईटांगर प्रखंड के पश्चिमी क्षेत्र में जिला परिषद सदस्य अजय एक्का ने ग्रामीण क्षेत्रों का व्यापक दौरा कर लोगों की समस्याओं को नजदीक से समझने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने बाघचट्टा एवं पाईकपारा पंचायत के कई गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी बुनियादी जरूरतों एवं विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी ली।
दौरे के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र में व्याप्त पेयजल संकट, सड़क की बदहाल स्थिति तथा अन्य विकास संबंधी समस्याओं को खुलकर उनके समक्ष रखा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा।
कई गांवों का किया दौरा
जिला परिषद सदस्य अजय एक्का ने बाघचट्टा पंचायत के कोनबेगी, डेमटोली और खम्हानटोली गांवों का भ्रमण किया। इसके अलावा उन्होंने पाईकपारा पंचायत के डेल्यातोली, टोंगरीटोली, बैजूटोली, सूनाटोली, जामटोली और चामाटोली सहित कई गांवों में जाकर लोगों से मुलाकात की।
गांवों में पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया और अपनी समस्याओं को विस्तार से साझा किया। ग्रामीणों ने बताया कि कई वर्षों से वे मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं।
पेयजल संकट बना सबसे बड़ी समस्या
दौरे के दौरान सबसे प्रमुख समस्या पेयजल संकट की सामने आई। विशेष रूप से खम्हानटोली के ग्रामीणों ने जिला परिषद सदस्य को लिखित आवेदन सौंपकर गांव में पेयजल व्यवस्था की गंभीर स्थिति से अवगत कराया।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पीने के पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। स्थिति इतनी गंभीर है कि लोगों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए चुंवा और नदी के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में यह समस्या और अधिक बढ़ जाती है, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी होती है।
सड़क सुविधा के अभाव से बढ़ रही परेशानी
पेयजल के अलावा ग्रामीणों ने सड़क की समस्या भी प्रमुखता से उठाई। ग्रामीणों ने बताया कि कई गांवों को जोड़ने वाली सड़कें जर्जर स्थिति में हैं या फिर अब तक सड़क निर्माण नहीं हो सका है।
बरसात के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे आवागमन प्रभावित होता है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की कमी के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
समस्याओं के समाधान का दिलाया भरोसा
ग्रामीणों की बातें सुनने के बाद जिला परिषद सदस्य अजय एक्का ने उन्हें आश्वस्त किया कि क्षेत्र की सभी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा।
अजय एक्का ने कहा: “पेयजल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रत्येक ग्रामीण का अधिकार हैं। क्षेत्र की समस्याओं को संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा तथा इनके समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि जल्द ही उपायुक्त एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों से मिलकर क्षेत्र की समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी।
ग्रामीणों ने जताई उम्मीद
दौरे के दौरान ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि जनप्रतिनिधियों की पहल से उनकी समस्याओं का समाधान होगा। ग्रामीणों का कहना था कि लंबे समय से वे बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अब उन्हें प्रशासनिक पहल का इंतजार है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि पेयजल और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो जाएं तो ग्रामीण जीवन काफी हद तक बेहतर हो सकता है।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
दौरे के दौरान प्रवीण बड़ाइक, निस्तोर कुजूर, नारायण मांझी, विल्शन टेटे और बिनोद कुमार साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
सभी ने एकजुट होकर अपने क्षेत्र की समस्याओं को रखा और उनके समाधान के लिए ठोस पहल की मांग की।
न्यूज़ देखो: बुनियादी सुविधाओं के लिए अब भी संघर्ष कर रहे ग्रामीण
ठेठईटांगर क्षेत्र के कई गांवों में पेयजल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत को सामने लाता है। ग्रामीणों का चुंवा और नदी के पानी पर निर्भर होना चिंता का विषय है। जनप्रतिनिधियों द्वारा समस्याओं को उठाना सकारात्मक पहल है, लेकिन वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी जब ग्रामीणों को स्थायी समाधान मिलेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इन मांगों पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
गांवों का विकास ही क्षेत्र की असली प्रगति
जब तक अंतिम गांव तक सड़क, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंचतीं, तब तक विकास अधूरा माना जाएगा। ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता देना और उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करना समय की मांग है।
आइए हम सभी अपने क्षेत्र की समस्याओं के प्रति जागरूक रहें और सकारात्मक बदलाव के लिए अपनी आवाज बुलंद करें।
आप भी इस मुद्दे पर अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और ग्रामीण विकास की इस चर्चा को मजबूत बनाएं।

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