
#गिरिडीह #शांति_अपील : चुनावी झड़प के बाद शहर में प्रशासन की कड़ी निगरानी।
गिरिडीह में चुनावी झड़प के बाद उत्पन्न तनाव को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने शांति बनाए रखने की अपील की है। राजेश सिन्हा ने कहा कि प्रशासन निष्पक्ष जांच कर रहा है और जनता को भरोसा रखना चाहिए। जिला प्रशासन ने शहर में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात कर हालात पर नियंत्रण रखा है। एसडीपीओ जितवाहन उरांव के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
- चुनावी झड़प के बाद गिरिडीह में तनावपूर्ण स्थिति।
- राजेश सिन्हा ने शांति और भाईचारे की अपील की।
- एसडीपीओ जितवाहन उरांव के नेतृत्व में एसआईटी गठित।
- जिला प्रशासन की 24 घंटे तैनाती, डीसी और एसपी कर रहे मॉनिटरिंग।
- पत्रकार पर हमले और गोलीबारी मामले में कार्रवाई की मांग।
गिरिडीह में हालिया चुनावी घटनाक्रम के बाद उत्पन्न तनाव को लेकर शहर में प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है। नगर निगम चुनाव प्रक्रिया के दौरान हुई झड़प और उसके बाद दो गुटों के बीच बढ़े विवाद ने माहौल को प्रभावित किया। इस बीच राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने आगे आकर शांति बहाली की पहल करने की बात कही है। राजेश सिन्हा ने जनता से संयम बरतने और प्रशासन की निष्पक्ष जांच पर विश्वास रखने की अपील की है।
निष्पक्ष जांच का भरोसा रखें: राजेश सिन्हा
राजेश सिन्हा ने कहा कि दो व्यक्तियों की आपसी लड़ाई ने पूरे शहर का माहौल बिगाड़ दिया। उनके अनुसार शिवम आजाद और राजू खान के बीच पहले भी विवाद हो चुका है, लेकिन इस बार मामला चुनावी प्रक्रिया के दौरान बूथ में प्रवेश को लेकर आरोप-प्रत्यारोप से शुरू हुआ और धीरे-धीरे गुटबाजी में बदल गया।
राजेश सिन्हा ने कहा: “गिरिडीह में शांति माहौल हो, इसके लिए सभी राजनीतिक और सामाजिक संगठन आगे बढ़कर हाथ बढ़ाएं। प्रशासन निष्पक्ष जांच करेगी, जनता विश्वास रखें।”
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद भी भड़काने वाली भीड़ आमने-सामने आई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
एसआईटी गठित, एसडीपीओ के नेतृत्व में जांच
घटना के बाद जिला प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। शहर के चप्पे-चप्पे पर 24 घंटे सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। गिरिडीह डीसी और पुलिस अधीक्षक पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, झारखंड स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भी मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व एसडीपीओ जितवाहन उरांव कर रहे हैं। जांच टीम सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की पहचान कर रही है।
राजेश सिन्हा ने कहा: “भड़काने वाले लोगों को चिन्हित कर प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए। जांच एकतरफा नहीं होती है।”
गोलीबारी और मारपीट की जांच जारी
घटना के दौरान गोली चलने और कई लोगों के घायल होने की सूचना है। जिन लोगों को गोली लगी है, उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई है। प्रशासन की ओर से राजू खान के विरुद्ध आवेदन दर्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
सिन्हा ने कहा कि एक निर्दोष दुकानदार की दुकान तोड़कर उसे मारा गया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि समय पर प्रशासन हस्तक्षेप नहीं करता तो और गंभीर परिणाम हो सकते थे। उन्होंने कहा कि रात में महिलाओं को डराने-धमकाने वाले तत्वों को भी चिन्हित किया जाना चाहिए।
पत्रकार पर हमले की निंदा
घटनाक्रम के दौरान एक पत्रकार पर हुए हमले की भी निंदा की गई। मांग की गई है कि पत्रकार पर हमला करने वाले लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि मीडिया कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
राजेश सिन्हा ने कहा: “पत्रकार पर हमला करने वाले पर जल्द कार्रवाई होनी चाहिए।”
सभी संगठनों से आगे आने की अपील
सिन्हा ने शहर के सभी राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे आगे आकर गिरिडीह में फिर से सकारात्मक माहौल बनाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि बच्चे और बुजुर्ग भयमुक्त रहें, इसके लिए समाज को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों के साथ घटना हुई है, उनके इलाज और मुआवजे पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। भाकपा माले की ओर से लगातार घटनाक्रम पर नजर रखे जाने और रिपोर्ट तैयार करने की बात भी कही गई।
न्यूज़ देखो: जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं
गिरिडीह की घटना यह संकेत देती है कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान छोटी चिंगारी भी बड़ा विवाद बन सकती है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और एसआईटी गठन से स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन स्थायी शांति के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की भूमिका अब और महत्वपूर्ण हो जाती है। सवाल यह है कि क्या सभी पक्ष मिलकर शहर को फिर से सामान्य और सौहार्दपूर्ण माहौल दे पाएंगे?
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
भाईचारा बचाना हम सबकी जिम्मेदारी
शहर की शांति किसी एक व्यक्ति या संस्था से नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास से कायम रहती है।
अफवाहों से बचें और सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करें।
बच्चों और बुजुर्गों के बीच सकारात्मक संदेश फैलाएं।
कानून को अपना काम करने दें और जांच प्रक्रिया में सहयोग करें।
आइए, गिरिडीह को फिर से सौहार्द और विश्वास का शहर बनाएं। अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और शांति बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।


