
#पांकी #सुरक्षा_व्यवस्था : पिपराटांड़ थाना परिसर में व्यवसायियों के साथ बैठक कर अपराध नियंत्रण और समन्वय पर चर्चा हुई।
पलामू जिले के पांकी अनुमंडल अंतर्गत पिपराटांड़ थाना परिसर में मंगलवार को क्षेत्रीय व्यवसायियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी नीलेश कुमार ने की, जिसमें व्यापारिक सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर ठोस चर्चा हुई। इस दौरान प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक का उद्देश्य पुलिस और व्यवसायियों के बीच समन्वय मजबूत कर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करना रहा।
- पिपराटांड़ थाना परिसर में क्षेत्रीय व्यवसायियों के साथ सुरक्षा बैठक।
- बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी नीलेश कुमार ने की।
- सीसीटीवी कैमरा लगाने को अपराध रोकथाम का अहम साधन बताया गया।
- संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना देने की अपील।
- पुलिस–व्यवसायी सीधा संवाद और सहयोग बढ़ाने पर सहमति।
पलामू जिले के पांकी प्रखंड अंतर्गत पिपराटांड़ थाना क्षेत्र में व्यवसायियों की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर प्रशासनिक सक्रियता देखने को मिली। मंगलवार को पिपराटांड़ थाना परिसर में आयोजित बैठक में थाना क्षेत्र के सभी प्रमुख व्यवसायियों को आमंत्रित किया गया था। बैठक का मुख्य उद्देश्य बढ़ते व्यावसायिक लेन-देन के बीच सुरक्षा उपायों को मजबूत करना और किसी भी आपराधिक घटना से पहले सतर्कता बढ़ाना रहा।
बैठक की अध्यक्षता और उद्देश्य
बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी नीलेश कुमार ने की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस अकेले अपराध पर नियंत्रण नहीं कर सकती, इसके लिए समाज और खासकर व्यवसायियों का सहयोग बेहद जरूरी है। बैठक का उद्देश्य केवल निर्देश देना नहीं, बल्कि समस्याओं को सुनना और मिल-जुलकर समाधान निकालना रहा।
सीसीटीवी कैमरे पर विशेष जोर
थाना प्रभारी नीलेश कुमार ने व्यवसायियों से अपील की कि वे अपने-अपने दुकानों, प्रतिष्ठानों और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाएं। उन्होंने कहा:
“सीसीटीवी कैमरे न सिर्फ अपराध के बाद साक्ष्य देते हैं, बल्कि अपराध होने से पहले ही अपराधियों में डर पैदा करते हैं। छोटी-छोटी सावधानियां बड़ी घटनाओं को रोक सकती हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि कैमरों की स्थिति ऐसी हो कि दुकान के अंदर के साथ-साथ बाहर का दृश्य भी स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हो सके।
सतर्कता और सूचना तंत्र पर जोर
बैठक में व्यवसायियों को संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी गई। थाना प्रभारी ने कहा कि यदि किसी भी प्रकार की असामान्य गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत थाना को सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी, ताकि कोई भय या दबाव न बने।
रात्रि के समय विशेष सतर्कता बरतने, दुकान बंद करते समय ताले और शटर की सही जांच करने तथा अकेले देर रात नकदी ले जाने से बचने की भी सलाह दी गई।
नकदी लेन-देन और आपसी सहयोग
बैठक में नकदी लेन-देन के दौरान सावधानी बरतने पर भी चर्चा हुई। थाना प्रभारी ने सुझाव दिया कि बड़ी रकम का लेन-देन यथासंभव दिन के समय किया जाए। इसके साथ ही व्यवसायियों को आपस में सहयोग बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में एक-दूसरे की मदद करने की अपील की गई।
व्यवसायियों की समस्याएं और सुझाव
बैठक के दौरान उपस्थित व्यवसायियों ने भी खुलकर अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। कई व्यवसायियों ने रात्रि गश्ती बढ़ाने, बाजार क्षेत्र में पुलिस की नियमित मौजूदगी और त्योहारों के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की। थाना प्रभारी ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और समाधान का भरोसा दिया।
पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति
इस बैठक में पिपराटांड़ थाना के कई पुलिस पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे, जिनमें एएसआई ओमप्रकाश बैठा, रामचंद्र सिंह, रसियन तिरु, शंभूनाथ राम, हामिद हेमब्रोंब शामिल थे। पुलिस टीम ने व्यवसायियों को भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है।
व्यवसायी प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी
बैठक में क्षेत्र के कई प्रमुख व्यवसायी मौजूद रहे। इनमें मुकेश गुप्ता, डब्लू पासवान, नागेंद्र गुप्ता, रोहित गुप्ता, गुंडेश्वर यादव, गोविन्द सोनी, मनोज मिश्रा सहित अनेक व्यापारी शामिल थे। व्यवसायियों ने बैठक को उपयोगी बताते हुए पुलिस के इस पहल की सराहना की।
भरोसे का माहौल बनाने की कोशिश
थाना प्रभारी नीलेश कुमार ने स्पष्ट किया कि व्यवसायी बिना किसी डर के अपनी शिकायतें, समस्याएं और सुझाव सीधे थाना में रखें। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि सुरक्षा का भरोसा देना है।
न्यूज़ देखो: सहयोग से ही मजबूत होगी सुरक्षा व्यवस्था
यह बैठक दर्शाती है कि अपराध नियंत्रण केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही संभव है। सीसीटीवी जैसे तकनीकी उपाय और पुलिस–व्यवसायी समन्वय अपराध पर प्रभावी अंकुश लगा सकते हैं। अब यह देखना अहम होगा कि बैठक में लिए गए सुझाव जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से लागू होते हैं। सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती से ही व्यापार और भरोसा दोनों बढ़ेंगे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित बाजार, सशक्त समाज की ओर कदम
जब व्यवसायी और पुलिस एक-दूसरे के साथ खड़े होते हैं, तब अपराध के लिए जगह कम हो जाती है। सुरक्षा को प्राथमिकता दें, सतर्क रहें और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं। यदि आपके क्षेत्र में भी ऐसे प्रयास हों, तो उनका समर्थन करें। अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और सुरक्षित समाज के निर्माण में भागीदार बनें।





