
#गिरिडीह #बगोदर #आउटसोर्सिंग_कर्मी : सात सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल
बगोदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं ट्रामा सेंटर परिसर में आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मियों का धरना-प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी रहा। बकाया वेतन भुगतान सहित सात सूत्री मांगों को लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के बैनर तले चल रही इस हड़ताल के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
- बकाया वेतन भुगतान सहित सात सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल
- JLKM के बैनर तले आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मी आंदोलनरत
- बगोदर सीएचसी और ट्रामा सेंटर की सेवाएं प्रभावित
- पांचवें दिन धरने में पहुंचे JLKM के केंद्रीय उपाध्यक्ष मनोज यादव
बगोदर अस्पताल परिसर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मियों का धरना-प्रदर्शन लगातार पांचवें दिन भी जारी है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के बैनर तले स्वास्थ्य कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं, जिससे बगोदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और ट्रामा सेंटर की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
धरना-प्रदर्शन के कारण अस्पताल में नियमित सेवाएं बाधित हो रही हैं। ओपीडी, जांच और अन्य आवश्यक सेवाओं पर असर पड़ने से दूर-दराज से इलाज कराने आए मरीजों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सात सूत्री मांगों पर अड़े स्वास्थ्य कर्मी
आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि लंबे समय से उनका बकाया वेतन भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा अन्य मांगों को लेकर भी कई बार प्रशासन से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। मजबूर होकर उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।
स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरना में शामिल हुए JLKM के केंद्रीय उपाध्यक्ष
पांचवें दिन मंगलवार को धरना-प्रदर्शन में JLKM के केंद्रीय उपाध्यक्ष मनोज यादव भी शामिल हुए। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों के आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मियों का शोषण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मनोज यादव ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
स्थानीय पदाधिकारियों की भी मौजूदगी
धरना में JLKM से जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों के प्रखंड अध्यक्ष उमेश महतो, अमजद खान और ललिता ठाकुर भी धरने पर बैठे रहे। सभी ने एक स्वर में सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की कि जल्द से जल्द बकाया वेतन का भुगतान किया जाए और अन्य मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाए।
मरीजों पर पड़ रहा असर
धरना के चलते अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने से मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी देखी जा रही है। कई मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है।
न्यूज़ देखो: व्यवस्था बनाम हक की लड़ाई
बगोदर अस्पताल में आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मियों का यह आंदोलन एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में आउटसोर्सिंग सिस्टम और कर्मियों के अधिकारों पर सवाल खड़े करता है। एक ओर कर्मी अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, तो दूसरी ओर आम मरीजों को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गतिरोध को कब और कैसे सुलझाता है।
मांगों पर त्वरित कार्रवाई की जरूरत
यदि समय रहते मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो इसका असर पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर और गहरा पड़ सकता है। जरूरत है संवाद और त्वरित निर्णय की, ताकि स्वास्थ्य कर्मियों को उनका हक मिले और आम जनता को राहत।

