
#गिरिडीह #पंचायती_राज : डुमरी प्रखंड की खुदीसार पंचायत की मुखिया का पंचायत सहायकों के प्रशिक्षण हेतु चयन।
पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बनाने की दिशा में गिरिडीह जिले से एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। डुमरी प्रखंड की ग्राम पंचायत खुदीसार की मुखिया किरण कुमारी का चयन पंचायत सहायकों के प्रशिक्षण हेतु मास्टर ट्रेनर के रूप में किया गया है। वे 15 जनवरी से 18 जनवरी तक रांची में आयोजित चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रही हैं। यह चयन पंचायत और प्रखंड स्तर पर प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- किरण कुमारी, मुखिया, ग्राम पंचायत खुदीसार, डुमरी प्रखंड का मास्टर ट्रेनर के रूप में चयन।
- 15 से 18 जनवरी तक रांची में चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम।
- पंचायत सहायकों को प्रशासनिक कार्यप्रणाली और योजनाओं के क्रियान्वयन का प्रशिक्षण।
- चयन को खुदीसार पंचायत और पूरे क्षेत्र के लिए उपलब्धि माना जा रहा है।
- पंचायती राज में महिला नेतृत्व और सशक्तिकरण का मजबूत उदाहरण।
गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खुदीसार की मुखिया श्रीमती किरण कुमारी को पंचायत सहायकों के प्रशिक्षण हेतु मास्टर ट्रेनर के रूप में चयनित किया गया है। यह चयन पंचायत स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के अनुसार, यह कदम पंचायत व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगा। रांची में चल रहे चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में वे सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं।
मास्टर ट्रेनर चयन का उद्देश्य और महत्व
पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत पंचायत सहायकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। वे ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक कार्यों, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और आम जनता से जुड़े कार्यों में अहम कड़ी होते हैं। किरण कुमारी का मास्टर ट्रेनर के रूप में चयन इस उद्देश्य से किया गया है कि पंचायत सहायकों को एक समान, प्रभावी और व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके।
मास्टर ट्रेनर के रूप में वे पंचायत सहायकों को प्रशासनिक कार्यप्रणाली, सरकारी योजनाओं के सही और प्रभावी क्रियान्वयन, दस्तावेजी प्रक्रिया तथा जनसेवा से जुड़े व्यवहारिक पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान करेंगी।
रांची में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 जनवरी से 18 जनवरी तक रांची में आयोजित यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम पंचायत व्यवस्था को अधिक सक्षम और उत्तरदायी बनाने के लिए आयोजित किया गया है। इस चार दिवसीय कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे आगे पंचायत सहायकों को बेहतर तरीके से प्रशिक्षण दे सकें।
इस प्रशिक्षण के माध्यम से पंचायत स्तर पर कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
पंचायत और क्षेत्र के लिए गौरव का विषय
मुखिया किरण कुमारी के मास्टर ट्रेनर के रूप में चयन को खुदीसार पंचायत सहित पूरे क्षेत्र में गर्व की उपलब्धि माना जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि उनके अनुभव, कार्यक्षमता और नेतृत्व कौशल से पंचायत सहायकों को बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त होगा।
ग्रामीणों का मानना है कि इससे ग्राम पंचायतों के कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।
महिला नेतृत्व और सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण
किरण कुमारी का यह चयन पंचायती राज व्यवस्था में महिला नेतृत्व और महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह दर्शाता है कि महिलाएं जमीनी स्तर पर न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभा रही हैं, बल्कि प्रशिक्षण और मार्गदर्शन जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में भी प्रभावी योगदान दे रही हैं।
यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है, जिससे वे नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए आगे आएंगी।
पंचायत सहायकों की कार्यप्रणाली पर सकारात्मक प्रभाव
स्थानीय लोगों का विश्वास है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का सीधा और सकारात्मक प्रभाव पंचायत सहायकों की कार्यप्रणाली पर पड़ेगा। बेहतर प्रशिक्षित पंचायत सहायक ग्रामीण विकास योजनाओं और जनकल्याण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी ढंग से लागू कर सकेंगे।
इससे न केवल प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि आम नागरिकों का पंचायत व्यवस्था पर भरोसा भी बढ़ेगा।
न्यूज़ देखो: जमीनी लोकतंत्र को मजबूत करने की पहल
यह खबर बताती है कि पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त करने के लिए योग्य और अनुभवी जनप्रतिनिधियों को आगे लाया जा रहा है। मुखिया किरण कुमारी का मास्टर ट्रेनर के रूप में चयन पंचायत स्तर पर क्षमता निर्माण की दिशा में ठोस कदम है। इससे पंचायत सहायकों की दक्षता बढ़ेगी और ग्रामीण प्रशासन अधिक जवाबदेह बनेगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस प्रशिक्षण का प्रभाव जमीनी स्तर पर किस रूप में सामने आता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सशक्त पंचायत से ही बनेगा मजबूत गांव
पंचायत व्यवस्था मजबूत होगी, तभी गांवों का विकास तेज होगा। ऐसे प्रयास लोकतंत्र की जड़ों को और गहरा करते हैं।
आज जरूरत है कि हम पंचायत स्तर पर हो रहे सकारात्मक कार्यों को पहचानें और उनका समर्थन करें।
यदि आपके क्षेत्र में भी ऐसे प्रयास हो रहे हैं, तो उन्हें सामने लाएं और जागरूकता बढ़ाएं।
अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को अधिक लोगों तक पहुंचाएं और मजबूत पंचायत व्यवस्था के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।

